बचपन से ही मैं धोनी के हेलिकॉप्टर का अभ्यास करता हूं
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : राजस्थान के बाशिंदे 21 बरस के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज मुकुल चौधरी मात्र 27 गेंद खेल अविजित सात छक्कों और दो चौकों की मदद से अविजित 54 रन बना हारी बाजी पलट वैभव अरोड़ा की अंतिम पूर्व गेंद पर छक्का और अंतिम गेंद पर एक रन दौड़ लखनउ सुपर जायंटस को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ ईडन गार्डंस पर आईपीएल 2026 में बृहस्पतिवार रात पांच विकेट से जीत दिला छा गए। मुकुल चौधरी की प्रेरणा महेंद्र सिंह धोनी है और इसका प्रमाण उनके द्वारा वैभव अरोड़ा की गेंद पर लगाया हेलिकॉप्टर शॉट के जरिए जड़ा पहला छक्का रहा।
मुकुल चौधरी ने कहा,‘ जहां तक मेरी छक्के जड़ने की क्षमता की बात है तो मेरा शरीर दमदार है और यह नैसर्गिक है। मैं रोज 100-150 छक्के जड़ने का अभ्यास करता हूं। लगातार अभ्यास करने से बैट स्पीड बढ़ जाती है। मैं पिछले पांच-छह महीनों से बहुत अभ्यास कर रहा हूं, इसलिए अब यह मेरे खेल का हिस्सा बन गया है। पारी के 17 वें जहां तक वैभव अरोड़ा की गेंद पर हेलिकॉप्टर शॉट के जड़े छक्के की बात है तो इसे लगाने का मैंने बचपन से ही इस शॉट का अभ्यास किया है। धोनी के अंदाज में पारी का समापन करना मुझे अच्छा लगाता है। धोनी भाई तो यॉर्कर तक छक्का जड़ देते थे। आप यदि इस तरह की गेंद पर छक्का जड़ देते हैं तो तब गेंदबाज कुछ अलग करने की सोचता है।
‘जहां तक मेरी क्रिकेट सफर की बात है तो दिलचस्प किस्सा यह है कि जब मेरे पिता की शादी भी नहीं हुई थे उनका सपना था उनका बेटा क्रिकेट खेले । शुरू में घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं थी। मैंने 12-13 बरस की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। मैं झुंझून से हूं वहां बहुत क्रिकेट एकेडमी नहीं थीं और मैं जयपुर आ गया। तब मैंने देखा कि टी 20 क्रिकेट कितनी तेजी से विकसित हो रहा है। तब मैं गुरुग्राम आ गया । वहां तीन चार महीने रहा। मेरे पिता ने मुझसे कहा कि उत्तर प्रदेश के खिलाफ अंडर 19 क्रिकेट मैच है और इस कम स्कोर वाले मैच में मैंने जब रन बनाए तो उन्हें मालूम पड़ गया कि मैं बड़ा खिलाड़ी बनूंगा। मैंने दूसरा मैच बिजली के दूधिया प्रकाश में खेला। दबाव में हमेशा ही रहता है। मैं भाग्यशाली हूं कि भगवान ले हमें यह मौका दिया। मैं अपनी क्षमता के मुताबिक पूरी कोशिश करता हूं। सच कहूं मैं इसे बजाय दबाव के एक मौके के रूप में देखता हूं। बृहस्पतिवार को मेरी योजना आखिर तक खेलने की थी। मुझे खुद पर इतना भरोसा था कि यदि मैं आखिर तक टिक कर बल्लेबाजी करता हूं तो अपनी टीम को जिता सकता हूं। मैं इससे पहले आईपीएल में छक्का नहीं जड़ा था और इसीलिए मेरे लिए मेरा छक्का खास रहा। जब हमें आखिरी दो गेंद में सात रन की जरूरत थी तो मैं जानता था कि एक गेंद मेरे पाले में आएगी और मुझे इसे छक्के के लिए मैदान से बाहर भेजना है। जहां तक पॉवरहिटिंग की मेरी तैयारियों और विश्वास की बात है तो मैं जब जवान था तभी से मैं गेंद को उड़ा रहा हूं। गेंद मेरे पाले में आएगी तो इसे उड़ाउंगा।’
मुकुल चौधरी को लखनउ सुपर जायंटस ने दो करोड़ 60लाख रुपये में खरीदा था जस्टिन लैंगर ने कहा था कि वह मुकुल चौधरी को चार महीने के भीतर भारत का सबसे खतरनाक नंबर 6 या नंबर 7 बल्लेबाज” बना सकते हैं। कोच लेंगर की इस टिप्पणी से हुई हौसलाअफजाई की बाबत मुकुल चौधरी ने कहा, ‘जब लैंगर जैसा कोच मेरी बाबत इस तरह की बात कहता है तो बेशक उन्होंने मुझमें कुछ देखा होगा। कोच लेंगर के इस शब्दों से मेरा हौसला बढ़ा है। अभ्यास के दौरान लैंगर मेरे साथ हर रोज 10-15 मिनट बिताते हैं। लेंगर की हर सीख का मुझे लाभ हुआ। लैंगर के मुझमें भरोसा जताने के बाद मैंने अपना काम किया।‘
मुकुल चौधरी और बुलंदियां चूम सकते हैं: लैंगर
लखनउ सुपर जायंटस के कोच जस्टिन लैंगर ने कहा,‘ मेरा मानना है मुकुल चौधरी और बुलंदियां चूम सकते हैं। वह अभी बहुत छोटा है और उनकी आंखों में एक अलग ही चमक है। उनमें कुछ कर गुजरने की ललक है। लखनउ सुपर जायंटस की यह जीत मुकुल की जिंदगी और करियर का बहुत बड़ा लम्हा है।
मुकुल की इस पारी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता : ऋषभ पंत
लखनउ सुपर जायंटस के कप्तान ऋषभ पंत ने अपनी टीम की जीत में मुकुल चौधरी की पारी की बाबत कहा, ‘ मैं मुकुल चौधरी की इस पारी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं। एक बात मैं निजी तौर पर पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जब आप किसी खिलाड़ी पर भरोसा करते हैं तो वह चमत्कार कर सकता है। इस तरह के हर मैच के साथ, यह किरदार कुछ न कुछ कर गुजरने का संकेत दे रहा है। हम इस बाबत ज्यादा बात नहीं करना चाहते, लेकिन भीतर ही भीतर कुछ चल रहा है। जहां तक बात आयुष बड़ोनी है तो अब हमारी टीम के सीनियर खिलाड़ी बन चुके हैं। हमने बड़ोनी को यह रोल दिया है। बडोनी जैसी स्थिति में है और जब हमउनकी बाबत बात करते हैं,तो हम उनसे इसी तरह के योगदान की भी आस करते हैं। जहां तक बात मोहम्मद शमी की है तो अब बेशक जवान नहीं हो रहे हैं लेकिन उनका अनुभव हमारी टीम के लिए बेशकीमती हैं। शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी का टीम में होना वाकई खास है। हमारी पूरी गेंदबाजी इकाई ही गजब का काम कर रही है।





