भारत हार्दिक सिंह की कप्तानी में प्रो हॉकी लीग के होबार्ट चरण में वापसी और बेहतर प्रदर्शन को बेताब

India, under Hardik Singh's captaincy, are eager to return and perform better in the Hobart leg of the Pro Hockey League

होबार्ट चरण हॉकी विश्व कप व एशियाई खेलों से पहले सभी संयोजनों को आजमाने व लय पाने का अहम मौका

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : आक्रामक सेंटर हाफ हार्दिक सिंह की कप्तानी में नौजवान खिलाड़ियों से सज्जित भारतीय हॉकी टीम पुरुष एफआईएच प्रो हॉकी लीग 2025-26 में नए आगाज को तैयार है और उसका ध्यान इसके 21 से 24 फरवरी तक के होबार्ट चरण पर लगा है। भारतीय टीम होबार्ट चरण में अपना अभियान स्पेन के खिलाफ शनिवार को तस्मानिया हॉकी सेंटर में मैच से करेगी , 22 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया , 24 फरवरी को स्पेन और 25 फरवरी को मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रिटर्न मैच से इस चरण का समापन करेगी। राउरकेला चरण में चारों मैच हारने के बाद नियमित भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के निजी कारणों से होबार्ट चरण से हट गए हैं। भारत अब हार्दिक सिंह की कप्तानी में एआईएच प्रो हॉकी लीग के होबार्ट चरण में वापसी करने और बेहतर प्रदर्शन को बेताब है। राउरकेला चरण सीखने का एक मुश्किल अनुभव साबित हुआ लेकिन भारतीय टीम सकारात्मक सोच के साथ फिर से एकजुट हो वापसी की कोशिश में है। भारतीय टीम के लिए एफआईएच प्रो लीग का होबार्ट चरण इस साल होने वाले एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले अपने सभी संयोजनों को आजमाने, ढांचे को सुधारने और लय पाने का एक अहम मौका है। भारत की होबार्ट चरण के लिए चुनी गई 24 सदस्यीय टीम सदाबहार अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ने को बेताब जोशील नौजवान खिलाड़ियो की मिली जुली टीम है। भारतीय टीम नए सिरे से ध्यान लगाते हुए खुद को साबित करने के संकल्प के साथ तस्मानिया हॉकी सेंटर में आत्मविश्वास भरी छाप छोड़ने और इस साल के अंत में होने वाले प्रमुख टूर्नामेंटों के लिए एक मजबूत नींव रखने की कोशिश करेगी।

हाल ही का इतिहास साफ संकेत देता है कि इस बार होबार्ट में रोमांचक मैचों का सिलसिला जारी रहेगा। भारत और स्पेन के पिछले दस मैच लगभग बराबरी के हुए हैं। भारत ने स्पेन से अपने पिछले चार सीधे यानी निर्धारित समय में जीते हैं और ड्रॉ रहे दो मैच शूटआउट में जीते। मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खासे रोमांचक रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले दस में छह मैच जीते जबकि भारत को मात्र दो में जीत मिली और दो ड्रा रहे। जोश से सराबोर भारत इस बार प्रो हॉकी लीग में मेजबान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर कहानी पलटने को तैयार हैं। पिछले लगातार दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हार्दिक सिंह की अगुआई वाली भारतीय पुरुष हॉकी के लिए अमनदीप लाकरा और मनमीत सिंह ने हाल ही में भारतीय सीनियर हॉकी टीम के लिए अपने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी करियर की का आगाज किया। अमनदीप सिंह और मनमीत सिंह के अंगद बीर सिंह, अरिजित सिंह हुंडल और आदित्य अर्जुन लालगे जैसे उदीयमान खिलाड़ी होबार्ट चरण में अग्रिम पंक्ति में अपनी चमक दिखाने को बेताब हैं।

बतौर टीम हाल ही के मैचों की समीक्षा की है और सबक लिया: हार्दिक सिंह
भारतीय हॉकी टीम के अहम एफआईएच प्रो हॉकी लीग के होबार्ट चरण से पहले कप्तान हार्दिक सिंह ने कहा, ‘एफआईएच हॉकी प्रो लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत की कप्तानी करना वाकई बड़े सम्मान की बात है। हमें बेशक अनुभवी ड्रैग फ्लिकर व फुलबैक हरमनप्रीत सिंह की कमी अखरेगी। हरमनप्रीत सिंह की गैरमौजूदगी हमारी टीम के बाकी खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने का एक बेशकीमती मौका मुहैया कराता है। बतौर टीम हमने अपने हाल ही के मैचों की समीक्षा की है और सबक लिया है। हम होबार्ट चरण में बेहतर सकारात्मक और आक्रामक सोच के उतरेंगे।

मैं भारतीय टीम में नए चेहरों के जुड़ने से बहुत रोमांचित हूं। हमारे ये नौजवान खिलाड़ी टीम हमारी अग्रिम पंक्ति में नई और बेखौफ उर्जा लाते हैं। हमारे नौजवान खिलाड़ियों ने भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए बहुत मेहनत की है। अब ऑस्ट्रेलिया और स्पेन जैसी दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ एफआईएच प्रो लीग हमारे नौजवान खिलाड़ियों के लिए खुद के कौशल को दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। हमारी टीम अपने नौजवान खिला़डियों का समर्थन उन्हें प्रेरित कर हमारी योजना को अमली जामा पहनाने और भारतीय ब्रैंड की हॉकी खेलने को प्रेरित करने में कसक नहीं छोड़ेगी।’