- द.अफ्रीका की कोशिश भारत से हार का हिसाब चुकाने की
- तिलक की जगह कप्तान सूर्य की जगह तीसरे नंबर पर उतर सकते हैं
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : विस्फोटक बल्लेबाज सूर्य कुमार यादव की अगुआई में मौजूदा चैंपियन भारत पिछली उपविजेता दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप में ग्रुप 1 में अपने पहले सुपर 8 मैच में रविवार को अपनी जीत के सिलसिले को आगे बढ़ाने के संकल्प से उतरेगा। भारत ग्रुप ए और दक्षिण अफ्रीका ग्रुप डी के अपने-अपने सभी चारों मैच जीत कर सुपर 8 में पहुंचे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका जिस तरह डबल सुपर ओवर में जीता उसे उसके कप्तान एडन मरक्रम भले ही हौसला बढ़ाने वाली जीत कहें लेकिन इससे उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों की उजागर खामियों को भारत बेशक रविवार को भुनाने की कोशिश करेगा। भारत ने बीते बरस के आखिरी में कप्तान सूर्य कुमार यादव के रनों के लिए तरसने के बावजूद अपने घर में मेहमान दक्षिण अफ्रीका से पांच टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज लखनउ में चौथे मैच के बारिश से धुलने के बावजूद 3-1 से जीती थी। बेशक दक्षिण अफ्रीका की कोशिश भारत से 2024 में ब्रिजटाउन में पिछले टी 20 विश्व कप फाइनल में मिली सात रन की हार का हिसाब चुकाने की होगी। दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में मैन ऑफ द’ मैच रहे हार्दिक पांडया की गेंद पर भारत के मौजूदा कप्तान सूर्य कुमार यादव के मैच के आखिरी ओवर की पहली गेंद पर डेविड मिलर के वाइड लॉन्ग ऑन से दौड़ कर बाउंड्री के भीतर गेंद को वापस मैदान के भीतर उछाल कर फिर लपका कैच और हाथ में आया खिताब फिसलने का दर्द जरूर परेशान कर रहा होगा। बेशक दक्षिण अफ्रीका एक मजबूत टीम है लेकिन बावजूद इसके उस पर फाइनल जैसे अहम मुकाबले में लड़खड़ा कर हारने का ठप्पा आज भी चस्पां है। भारत के लिए मौजूदा टी 20 विश्व कप में सबसे अच्छी बात यह रही है कि उसके ग्रुप ए में चारों मैचों में जीत के मसलन अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में बल्ले से धमाल कर अकेले अपने कप्तान सूर्य कुमार यादव, नामीबिया के खिलाफ दूसरे में बल्ले व गेंद से रंग जमा हार्दिक पांडया, पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे मैच में इशान किशन ने विस्फोटक पारी खेल और नीदरलैंड के खिलाफ बल्ले व गेंद से धमाल करने वाले शिवम दुबे के रूप में चार अलग अलग ‘नायक’ रहे। मुमकिन है दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस अहम सुपर 8 मैच में अभिषेक शर्मा सही वक्त पर अपनी रंगत पा भारत की जीत के नए नायक के रूप में उभरे। वहीं एक दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका की शुरू के दो मैचों पहले में कनाडा और दो सुपर ओवर में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के नायक लुंगी एंगिडी, न्यूजीलैंड के खिलाफ मार्को येनसन और चौथे में यूएई के खिलाफ कार्बिन बॉश के रूप में तेज गेंदबाज ही रहे हैं।
भारत के लिए अपने शीर्ष क्रम में आधा दर्जन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी में बीच के ओवर में उनके स्पिनरों खासतौर पर बाएं फिंगर स्पिनर यानी अपनी उंगलियों से गेंद को घुमाने वाले स्पिनरों के खिलाफ जूझने के बावजूद अच्छी बात यह रही है पहले छह ओवर के पॉवर प्ले में इशान किशन और पारी के दूसरे हाफ में खासतौर पर ऑलराउंडर हार्दिक पांडया व शिवम दुबे के साथ रिंकू सिंह दे दनादन कर उसे 200 रन या उसके आसपास पहुंचाने में कामयाब रहे हैं। स्पिनरों और तेज गेंदबाजों के खिलाफ हार्दिक और शिवम दुबे के साथ गिनी चुनी गेंदो दो तीन बड़े स्ट्रोक जड़ रिंकू सिंह भारतीय पारी का बेहतरीन ढंग से समापन करने में कामयाब रहे हैं। भारत की चिंता अब तक मौजूदा संस्करण में चार मैचों में आठ कैच टपकाना है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को उसकी कोशिश सभी कैच लपकने की ही होगी। भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज बीच के ओवर में खास तौर पर नामीबिया के मराइस इरासमस, पाकिस्तान के सैम अयूब और नीदरलैंड के आर्यन दत्त सरीखे औसत दर्जे के ऑफ स्पिनरों के खिलाफ जरूर कुछ जूझते दिखे। साथ ही मौजूदा टी 20 विश्व कप से पहले बल्ले से धमाल मचाने वाले विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का मौजूदा संस्करण के तीन में खाता न खोल पाना उसकी पहली गेंद से दे दनादन कर रन बनाने की रणनीति के जरूर कुछ आड़े आ रहा है। भारत के चीफ कोच गौतम गंभीर ने अभिषेक शर्मा से अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम सुपर 8 मैच से पहले लंबी चर्चा और सहायक कोच रेयन टेन दोइत्श के उनसे बहुत जल्द बड़ी पारी खेलने की आस जताना यह बताता है कि भारतीय टीम प्रबंधन का उन पर भरोसा बरकरार है। ऑफ स्पिनरों और फिंगर स्पिनरों से निपटने के लिए भारत अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर कप्तान सूर्य कुमार खुद तीसरे और तिलक वर्मा को चौथे नंबर और हार्दिक पांडया को पांचवें नंबर भजेने की सोच सकता है। भारत की सलामी जोड़ी तो अभी भी इशान किशन और अभिषेक शर्मा की ही रहने वाली है। यदि अभिषेक की जगह इशान के साथ भारत रविवार को अपनी पारी का आगाज संजू सैमसन से कराता है तो जरूरी हैरानी होगी। भारत इसके बाद अपने बल्लेबाजी क्रम में मैच के मिजाज के मुताबिक फेरबदल कर सकता है हालांकि मौजूदा संस्करण में भारत का बल्लेबाजी क्रम अभिषेक के पेट में गड़बड़ी के चलते उनकी जगह संजू सैमसन को इशान के सलामी जोड़ीदार को छोड़ कर कमोबेश तय ही रहा है। भारत की दिक्कत यह रही है कि तिलक वर्मा बढ़िया आगाज को अब तक बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे हैं। तिलक वर्मा के दक्षिण अफ्रीका में उसके खिलाफ बेहतरीन रिकॉर्ड के चलते उसके लुंगी एंगिडी, कसिगो रबाड़ा, मार्को येनसन और कार्बिन बॉश जैसे रफ्तार के सौदागरों के खिलाफ मुमकिन है भारत रविवार को उनसे तेज बल्लेबाजी और बड़े स्कोर की आस करे। दक्षिण अफ्रीका, ऑफ स्पिनर जार्ज लिंडी, कामचलाउ एडन मरक्रम और उपकप्तान बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज की त्रिमूर्ति के बूते स्पिन का जाल बुनकर सस्ते में आउट करने की आस लगाए है। दक्षिण अफ्रीका के चीफ कोच शुक्री कॉनरॉड की बातों से इसकी उम्मीद कम ही है लिंडी को एकादश में जगह मिलेगी क्योंकि शुरू के चार मैचों में लुंगी एंगिडी और मार्को येनसन की चौकड़ी ने उसे 22 से ज्यादा विकेट दिलाए हैं जबकि बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज और लिंडी को कुल मिला कर चार विकेट ही मिले हैँ।
भारत के इशान किशन, मध्यक्रम में कप्तान सूर्य कुमार यादव, हार्दिक पांडया , शिवम दुबे और खुद उपकप्तान अक्षर पटेल जैसे बल्लेबाजों में दक्षिण अफ्रीका के स्पिन के जाल को तोड़ कर भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने का दम है। इन तीनों ने अपने बल्ले से यह दमदार प्रदर्शन कर दिखाया भी है। भारत के इशान किशन ने चार मैचों में 77 के सर्वोच्च स्कोर और दो अर्द्धशतक सहित कुल 176 रन, कप्तान सूर्य कुमार यादव चार मैचों में 84 के सर्वोच्च स्कोर और एक अर्द्धशतक सहित कुल 162 रन, शिवम दुबे चार मैचों में 66 के सर्वोच्च स्कोर और एकअर्द्धशतक सहित कुल 116,तिलक वर्मा चार मैचों में 31 के सर्वोच्च स्कोर सहित 106, हार्दिक पांडया ने चार मैचों में 52 सर्वोच्च स्कोर और एक अर्द्धशतक सहित 84 और रिंकू ने चार मैचों में दो में अविजित रह 11 के सर्वोच्च स्कोर सहित कुल 24 रन बनाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एंगिडी तीन मैचों में 12 ओवर में 8 विकेट, मार्को येनसन 3 मैच 12 ओवर 7 विकेट, कॉर्बिन बॉश तीन मैच 5 विकेट, कसिगो रबाड़ा चार मैच 2 विकेट और केशव महाराज ने तीन मैचों और ऑफ स्पिनर, जॉर्ज लिंडे दो दो विकेट चटकाए हैं।
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडन मरक्रम ने चार मैचों में 86 के सर्वोच्च स्कोर और दो अर्द्धशतक सहित कुल 178 रन, रेयन रिकल्टन 61 के सर्वोच्च स्कोर और एक अर्द्धशतक सहित कुल 145रन, क्विटंन डी कॉक ने एक अर्द्धशतक सहित चार मैचों में 118 रन व डेवाल्ड ब्रेविज ने चार मैचों में 36के सर्वोच्च स्कोर और एकअर्द्धशतक सहित 86, डेविड मिलर तीन मैचों में 39 के सर्वोच्च सकोर सहित 83 रन बनाए हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में संन्यास के बाद वापसी करने पर क्विंटन डी कॉक ने 14 टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मचों में एक शतक व तीन अर्द्धशतक सहित 448 रन बनाए है।बेशक रन बनाने में कप्तान एडन मरक्रम मौजूदा संस्करण में सबसे आगे चल रहे हैं लेकिन दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी के आधार क्विंटन डी कॉक ही हैं। क्विंटन डी कॉक ने अपने 19 टी 20 अंतर्राष्ट्रीय अर्द्धशतकों मे से आठ भारत में बनाए हैं। भारत में उसके खिलाफ 11 टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में क्विंटन डी कॉक ने छह अर्द्धशतक जड़े हैं। दिलचस्प बात यह है कि भारत के सबसे कामयाब चार मैच में 9 विकेट चटकाने वाले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की अगुआई में बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (3 मैच, 6विकेट), स्पिनर तिलक वर्मा चार मैच एक विकेट, , कुलदीप यादव एक मैच एक विकेट यानी स्पिनरों ने कुल 17 विकेट चटकाए जबकि भारत के तेज गेंदबाज हार्दिक पांडया (4 मैच 5 विकेट), शिवम दुबे(4 मैच, 3 विकेट), जसप्रीत बुमराह, (3 मैच चार विकेट), अर्शदीप सिंह(3 मैच तीन विकेट) और मोहम्मद सिराज (1 मैच तीन विकेट)-ने कुल18 विकेट बांटे हैं। इससे साफ है कि भारत का गेंदबाजी आक्रमण दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी से कहीं बेहतर है।
‘स्थितियों को आंक बल्लेबाजी करने में ही समझदारी‘
‘हमारी योजना से स्पिनरों को निशाना बना कर उन पर दबाव बनाने की है। बावजूद इसके समझदारी इसमें है कि स्थितियों को आंक कर बल्लेबाजी की जाए। सच कहूं हम अब तक अपने मैचों में जितनी पिचों पर खेले हैं उन पर धीमी गेंदों को उड़ाना आसान नहीं था। हमने अमेरिका के खिलाफ मुंबई में दोहरे उछाल पर आक्रामक बल्लेबाजी करने की कोशिश में खुद को दिक्कत में पाया। मौजूदा टी 20 विश्व कप में प्रतिद्वंद्वी टीमों के गेंदबाजों ने पहले पॉवरप्ले के बाद अपनी लेंग्थ कुछ खींच कर भारतीय बल्लेबाजी को पूरी ताकत से स्ट्रोक खेलने पर मजबूर कर दिक्कत में डाला। अहम यह है कि यदि हमें अच्छा आगाज मिले तो हम पारी के आखिरी में तेजी से रन बना सकते हैं। बेशक हम मौजूदा टूर्नामेंट में स्पिन के खिलाफ उस तरह हावी होकर बल्लेबाजी नहीं कर पाए जैसी हम चाहते थे। हम बहुत ही जल्द ही स्पिन के खिलाफ लय पाकर हावी हो बल्लेबाज करेंगे। अच्छी बात यह है कि हम बीच के ओवरो में तेजी से रन न बनाने के बावजूद इस दौरान भी ठीक ठाक रन बनाने में सफल रहे हैं। हम बावजूद इसके 190 और 200 रन बनाने में कामयाब रहे हैं। अपनी गेंदबाजी के दम पर हम इस स्कोर का बचाव कर जीतने में सफल रहे हैं। हमारे बल्लेबाजों के इस चरण में बेहतर बल्लेबाजी की चर्चा हुई है। बेशक हमारे शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजो की भरमार है, लेकिन ये सभी आक्रामक बल्लेबाज हैं। हमारे बाएं हाथ के इन बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों के लिए खासा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मुझे ऐसा लगता है कि हमारे बल्लेबाज जल्द ही लय पाकर प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों पर दबाव बनाएंगे। हमारे बाएं हाथ के बल्लेबाजों के पास गेंदबाजों की चुनौती से निपटने का कौशल है।‘ – मॉर्नी मॉर्केल ,भारत के बॉलिंग कोच
‘भारत पर सेमीफाइनल और फाइनल में जगह बनाने का दबाव ’
‘मैं मैच अप का बहुत मुरीद नहीं हूं। कई बार पिच इतनी बढ़िया होती है मैच अप बेमानी हो जाते हैं। यदि पिच में स्पिनरों के लिए कुछ मदद हुई तो तब बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए ऑफ स्पिनर के रूप में मैच अप हो सकता है क्योंकि तब स्पिनर कोण बना कर दिक्कत पेश कर सकता है। मैं यह कहूंगा कि अच्छी पिच पर इसे मैच अप को कुछ बढ़ा चढ़ा कर ही बताया जाता है। हमारे पिछले भारत दौरे की तुलना में इस बार इस टी 20 विश्व कप में पिचें कुछ बेहतर लग रही है। ऐसे में इस पिच पर बड़े स्कोर और खासतौर पर 300 रन, जिसके बारे में टूर्नामेंट से पहले हर कोई बात कर रहा था ,क्यों नहीं बने? टी 20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में बात दबाव पर आ जाती है। सभी की नजरें खासतौर पर मेजबान भारत पर हैं। भारत पर सेमीफाइनल में पहुंचने और फिर फाइनल में जगह बनाने का बहुत दबाव होगा। उम्मीद है कि हम भारत की खामियों को सामने लाकर दबाव में उन्हें परेशान कर पाएंगे।‘ -शुक्री कॉनरॉड ,दक्षिण अफ्रीका के चीफ कोच
टी 20 क्रिकेट विश्व कप सुपर 8 मैच: भारत वि द.अफ्रीका, अहमदाबाद, शाम सात बजे से।





