भारत का प्लास्टिक उद्योग निर्यात में चार गुना बढ़ोतरी को तैयार

India's plastics industry poised for a four-fold increase in exports

एमएसएमई की ताकत से बनेगा ग्लोबल हब: प्लास्टिक सेक्टर ने तय किया बड़ा निर्यात लक्ष्य

मुंबई (अनिल बेदाग): भारत का प्लास्टिक उद्योग अब वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 94,000 से अधिक एमएसएमई इकाइयों और करीब 90 लाख रोजगार वाले इस सेक्टर ने तैयार प्लास्टिक उत्पादों के निर्यात को चार गुना बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” विजन के तहत ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) इस दिशा में रणनीतिक पहल कर रहा है।
इस मिशन को गति देने के लिए 23–26 मार्च 2026 को जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में प्लास्टिवर्ल्ड 2026 का आयोजन किया जा रहा है, जो भारतीय निर्माताओं को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने वाला अहम मंच बनेगा।

एआईपीएमए गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरविंद मेहता ने कहा, “प्लास्टिवर्ल्ड केवल व्यापार विस्तार का मंच नहीं, बल्कि भारत को प्लास्टिक तैयार उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाने का राष्ट्रीय मिशन है।” वर्तमान में भारत का प्लास्टिक निर्यात करीब 12.5 बिलियन डॉलर है, जो वैश्विक हिस्सेदारी का लगभग 1% है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि सही नीतिगत समर्थन, नए पॉलिमर पार्क और एमएसएमई उत्पादन में वृद्धि से यह क्षेत्र तेजी से विस्तार कर सकता है। एआईपीएमए के अध्यक्ष सुनील शाह ने कहा, “यह पहल लाखों एमएसएमई को सशक्त बनाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी।”

करीब 200 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी के साथ यह आयोजन भारत को प्लास्टिक उत्पादों के वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।