रविवार दिल्ली नेटवर्क
“सद्भाव और संवाद एक शांतिपूर्ण समाज की नींव हैं : डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार
नई दिल्ली : इंटर फेथ हार्मनी फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के एन सी पी यू एल के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में “गवर्नेंस, मीडिया और पब्लिक डिस्कोर्स में इंटरफेथ एथिक्स” पर एक संगोष्ठी आयोजन करने जा रहा है। उदघाटन सत्र में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उप सभापति श्री विजय गोयल होंगे मुख्य अतिथि।
कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, फाउंडेशन के निदेशक, डॉ. ख्वाजा इफ्तिखार अहमद ने कहा कि, “संगोष्ठी के तीन शैक्षणिक सत्र होंगे। ये सत्र गवर्नेंस में एथिक्स, मीडिया में ज़िम्मेदारी और सामाजिक एकता को मज़बूत करने में बातचीत की भूमिका पर चर्चा करेंगे।”
“सद्भाव और संवाद एक शांतिपूर्ण समाज की नींव हैं। बातचीत के बिना, गलतफहमियां बढ़ती हैं। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि लोगों को एक जगह पर लाया जाए ताकि मेलजोल, सम्मान और शेयर्ड वैल्यूज़ को बढ़ावा दिया जा सके।”
डॉक्टर ख़्वाजा इफ़्तिख़ार अहमद ने कहा कि कम्युनिटीज़ के बीच पुल बनाने में भाषा का अहम रोल होता है। इस मामले में, सेमिनार का एक सत्र उर्दू के संबंध में है, “उर्दू एज़ ए लैंग्वेज ऑफ़ इंटरफेथ हार्मनी एंड शेयर्ड कल्चरल हेरिटेज।” इस सेशन में भारत में कल्चरल एकता, संस्कृति, सोच और सोशल डायलॉग को बढ़ावा देने में उर्दू के रोल पर चर्चा होगी।
डॉ. ख़्वाजा इफ्तिखार अहमद ने कहा कि सेमिनार का मकसद गवर्नेंस और मीडिया में पब्लिक बिहेवियर को बेहतर बनाने के लिए प्रैक्टिकल आइडिया और साफ सुझाव देना है। एक्सपर्ट्स अपने एक्सपीरियंस, केस स्टडीज़ और पॉलिसी सजेशन शेयर करेंगे जो इंस्टीट्यूशन्स को ज़्यादा एथिकल और इनक्लूसिव प्रैक्टिसेज़ की ओर गाइड कर सकते हैं।





