बस्तर को देश का प्रमुख टूरिज्म और स्पोटर्स डेस्टिनेशन बनाना हमारा संकल्प: विष्णु देव साय

It is our resolve to make Bastar a major tourism and sports destination of the country: Vishnu Dev Sai

रविवार दिल्ली नेटवर्क

रायपुर : छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार राज्य में खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 22 मार्च को ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि बस्तर हेरिटेज मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी का उत्सव है। ‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा।

यह राज्य का अब तक की सबसे बड़ी दौड़ है। यह मैराथन दौड़ जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से शुरू होगी और विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर खत्म होगी। मैराथन का पूरा रास्ता प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। इस रूट पर दौड़ते हुए मैराथन धावकों को बस्तर की खूबसूरत वादियों और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलेगा।फुल मैराथन में धावक 42 किलोमीटर और हाफ मैराथन में 21 किलोमीटर दौड़ेंगे। साथ ही दस किलोमीटर और पांच किलोमीटर की फन रन का आयोजन होगा जिससे की हर आयु वर्ग लोग फिटनेस को जेहन में रख कर इसमें भाग ले सकें। मैराथन के विजेताओं के लिए कुल 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। जबकि मैराथन में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 299 रुपये रखी गई। बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है, ताकि स्थानीय स्तर पर अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने श्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘ राज्य सरकार का मकसद इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर देना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है। प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया है। बस्तर हेरिटेज मैराथन उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है, जहां खेल, संस्कृति और प्रकृति एक साथ जुड़ते हैं।राज्य सरकार बस्तर को देश के प्रमुख पर्यटन और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस्तर के कारीगरों, कलाकारों और छोटे व्यवसायों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।’

मैं देश भर के धावकों, फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील करता हूं।देश के हर कोने के लोग बस्तर आएं, यहां की प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा को महसूस करें और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनें।’

इस दौड़ को यादगार बनाने के लिए हर धावक को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और प्रोफेशनल रनिंग फोटो प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, जुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे धावकों में उत्साह और ऊर्जा बनी रहे। ‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ (प्रकृति के लिए दौड़ो, संस्कृति के लिए दौड़ो) की थीम पर आधारित यह मैराथन बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
धावकोंकी सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे रूट पर नियमित अंतराल पर रिफ्रेशमेंट प्वॉइंट्स स्थापित किए जाएंगे, जहां एनर्जी ड्रिंक्स और पानी की उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, इमरजेंसी सेवाएं और सुव्यवस्थित रूट मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया गया है ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।