पत्रकार योगेश गोयल की पुस्तक को मिलेगा हिन्दी अकादमी का अनुदान

Journalist Yogesh Goyal's book will receive Hindi Academy grant

रविवार दिल्ली नेटवर्क

हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल की पुस्तक ‘सागर से अंतरिक्ष तक: भारत की रक्षा क्रांति’ के प्रकाशन के लिए सहयोग राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। अकादमी के सचिव संजय कुमार गर्ग के अनुसार, चयनित कृति के प्रकाशन हेतु लेखक को 25,000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की जाएगी। 300 पृष्ठों की यह पुस्तक भारत की निरंतर सुदृढ़ होती सैन्य शक्ति, रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता, समुद्री सामरिक क्षमता और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का व्यापक और विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार भारत सागर से अंतरिक्ष तक अपने सामरिक स्वावलंबन को मजबूत करते हुए वैश्विक रक्षा परिदृश्य में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि यह योगेश कुमार गोयल की सातवीं पुस्तक है। इससे पूर्व वे पर्यावरण संरक्षण, नशे के सामाजिक दुष्प्रभाव, वन्यजीव संरक्षण तथा समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर छह महत्वपूर्ण पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी साहित्यिक उपलब्धियों को पहले भी मान्यता मिलती रही है। उनकी एक पुस्तक को हिन्दी अकादमी दिल्ली तथा दो पुस्तकों को हरियाणा साहित्य अकादमी से प्रकाशन अनुदान प्राप्त हो चुका है। विगत 36 वर्षों से साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय गोयल के देश के लगभग सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में 14 हजार से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं। लगभग 17 वर्षों तक तीन फीचर एजेंसियों का संपादन कर चुके गोयल को उनके विशिष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी सम्मानित किया जा चुका है। हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा उनकी नवीन पुस्तक का चयन न केवल उनकी सृजनात्मक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है बल्कि हिन्दी में रक्षा और सामरिक विमर्श को नई दिशा देने वाला प्रयास भी है।