गोपेन्द्र नाथ भट्ट
स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी सख्त कार्यशैली, नवाचार और परिणामोन्मुखी प्रयासों के लिए देश-विदेश में अपनी अलग ही पहचान और छाप छोड़ चुके स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के राज्य समन्वयक और डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष के के गुप्ता को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने एक बार फिर से राजस्थान का स्वच्छता एम्बेसेडर नियुक्त किया है। राज्य सरकार के इस फैसले को राज्य में स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देने और जनभागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
के के गुप्ता पूर्व में भी दो बार वसुन्धरा राजे और अशोक गहलोत की सरकार में भी राज्य सरकार के स्वच्छता ब्राण्ड एम्बेसेडर रहें है।
के के गुप्ता ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश भर में शुरू किये स्वच्छता अभियान को अपने जीवन का मुख्य लक्ष्य बनाया हुआ है और पूरे जुनून और उत्साह एवं समर्पण के साथ अपनी सारी ताक़त इसमें झोंक इस अभियान को सफल बनाने में दिन-रात जुटे हुए है। गुप्ता ने केन्द्रीय गृह मन्त्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र में गुजरात की राजधानी गांधीनगर से सटी ग्राम पंचायतों में भी स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया था,जिसकी वजह से इन ग्राम पंचायतों को देश भर में अव्वल रहने का सम्मान मिला। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के कार्यकाल के दौरान भी गुप्ता की सेवाओं को लिया जा चुका है।
राजस्थान के स्वच्छता एम्बेसेडर के रूप में के के गुप्ता के ताजा मनोनयन से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि स्वच्छता केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। इसी सोच के तहत एक ऐसे व्यक्तित्व को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है,जिनका नाम स्वयं स्वच्छता का पर्याय बन चुका है। के के गुप्ता इससे पहले भी अपने डूंगरपुर मॉडल से स्वच्छता अभियान में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनके प्रयासों का असर ज़मीनी स्तर पर भी साफ दिखाई दिया है।
के के गुप्ता को विशेष रूप से डूंगरपुर मॉडल के लिए जाना जाता है। उनके मार्गदर्शन में ऐतिहासिक नगर डूंगरपुर ने विभिन्न स्वच्छता सर्वेक्षणों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और प्रदेश ही नहीं, देश और विदेश में भी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई। स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत ठोस कचरा प्रबंधन, घर-घर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक मुक्त नगर अभियान और जल संरक्षण और पर्यावरण विकास आदि उनके अनेक नवाचारों में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जैसे प्रयोगों से दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर शहर को देश-विदेश में स्वच्छता का आदर्श उदाहरण बनाया है। उन्हें राजस्थान के माननीय न्यायालयों ने भी न्याय मित्र नियुक्त कर राजस्थान के शेखावाटी और मेवाड़ अंचल की स्थानीय निकायों में स्वच्छता आंदोलन की बागडोर सौंपी है। राज्य के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर का नगर विकास प्रन्यास भी उनकी विशेषज्ञ सेवाओं,अनुभवों और सुझावों को क्रियान्वित कर रहा है तथा इससे माननीय उच्च न्यायालय को भी अवगत कराया गया है। यही कारण है कि राजस्थान की भजनलाल सरकार ने गुप्ता के दृढ़ संकल्प, अनुभव और कार्य कुशलता पर फिर से भरोसा जताया है।के के गुप्ता भजन लाल सरकार द्वारा सौपे गए नवीन दायित्व के तहत अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता के कार्य के साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी स्वच्छता का नए सिरे से शंखनाद करेंगे।
हाल ही राजस्थान के मुख्यमन्त्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर राज्य के स्वायत्त शासन विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव रवि जैन के हस्ताक्षर से के के गुप्ता को राजस्थान का स्वच्छता एम्बेसेडर बनाने तथा राज्य के समस्त जिला कलेक्टर को स्वच्छता अभियान के लिए गुप्ता के मार्गदर्शन में काम करने का पत्र जारी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा सौपे गए नवीन दायित्व के तहत के के गुप्ता राज्य के समस्त जिलों और निकायी क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता अभियान को सशक्त बनाने के दायित्व का निर्वहन करेंगे। स्वायत्त शासन सचिव द्वारा जारी पत्र में राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए है कि वे जिला स्तर और राज्य के सभी स्थानीय निकायों में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर गुप्ता की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित करें और इन बैठकों में स्थानीय निकायॉ के महापौर, सभापति, अध्यक्षों और पार्षदों को भी आमंत्रित करने के साथ ही स्वच्छता के डूंगरपुर मॉडल के कार्यों का प्रजेंटेशन करने के निर्देश भी दिए गए है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए के के गुप्ता के द्वारा बताये गए कार्यों और निर्देशों की पालना करते हुए इसकी रिपोर्ट सात दिन में स्वायत्त शासन विभाग को प्रेषित करने की हिदायत भी दी गई है । इसके अलावा गुप्ता को राज्य के सभी सर्किट हाउसों में राजकीय यात्रा करने पर ए-1 श्रेणी की दर पर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए है।
देश के सबसे बड़े भौगोलिक प्रदेश राजस्थान में भजनलाल सरकार स्वच्छता को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे आम अवाम की जीवनशैली में उतारने पर जोर दे रही है। ऐसे में के के गुप्ता जैसे अनुभवी स्वच्छता राजदूत की पुनः नियुक्ति को दूरगामी दृष्टि से देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश के स्वच्छता अभियानों में प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ सामाजिक चेतना का भी विस्तार होगा। राज्य सरकार का यह फैसला संकेत देता है कि आने वाले समय में राजस्थान में स्वच्छता अभियान और अधिक प्रभावी, परिणामकारी और जनकेंद्रित होगा। के के गुप्ता की पुनः नियुक्ति से न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर मजबूती आएगी, बल्कि आमजन में भी स्वच्छता के प्रति नया उत्साह देखने को मिलेगा।
के के गुप्ता ने उन्हें राजस्थान के स्वच्छता एम्बेसेडर की जिम्मेदारी पुनः मिलने पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का आभार प्रकट करते कहा है एल कि स्वच्छ राजस्थान और स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक इसे अपना अभियान माने। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सम्मान और विकास से जुड़ा अति महत्वपूर्ण विषय है। गुप्ता ने कहा कि वे प्रदेश के हर जिले में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे। वे स्थानीय जन प्रतिनिधियों, निकायों के प्रमुखों,प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। खुले में शौच मुक्त राजस्थान को स्थायी बनाना, कचरे को स्रोत पर ही पृथक करना, रिसाइक्लिंग करवाना और स्वच्छ व्यवहार को जनजीवन का हिस्सा बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। देखना है गुप्ता अपने डूंगरपुर मॉडल के बलबूते पर राजस्थान को स्वच्छता के क्षेत्र में आगे ले जाने की चुनौती को स्वीकार करते हुए अपनी नई जिम्मेदारी और गुरुत्तर दायित्वों का निर्वहन किस तरह से पूरा करेंगे ?





