रविवार दिल्ली नेटवर्क
केन्द्र सरकार ने एडमिशन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाते हुए बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी- बीपीटी के सत्र 2026-27 में भी नीट को अनिवार्य कर दिया है। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग में भी एडमिशन एनटीए की ओर से आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के आधार पर ही होंगे। यदि आप भी बीपीटी करने के इच्छुक हैं तो नीट एग्जाम के लिए जल्द से जल्द आवेदन करना अनिवार्य है, क्योंकि आवेदन करने की अंतिम तिथि आठ मार्च है। नोटिफिकेशन के मुताबिक यूं तो नीट-यूजी की आवेदन प्रकिया आठ फरवरी से ही प्रारम्भ हो गई है। नीट-यूजी के लिए अभ्यर्थी को विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान के संग 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
यह जानकारी देते हुए टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने बताया, नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थ केयर प्रोफ़ेशन्स के अनुसार बीपीटी में प्रवेश पाने के लिए स्टुडेंट्स को नीट परीक्षा में कोई निर्धारित अंक प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नीट प्रवेश परीक्षा में बैठना जरूरी है। उल्लेखनीय है, 130 एकड़ में आच्छादित हरित टीएमयू में बीपीटी के संग-संग एमपीटी और पीएचडी की सुविधाएं भी हैं। 2010 से प्रारम्भ इस डिपार्टमेंट के हजारों एल्युमिनाई देश-विदेश के हॉस्पिटल्स, शैक्षणिक संस्थानों, कॉर्पोरेट, स्पोर्ट्स टीम आदि में सेवारत हैं। छात्र-छात्राओं के लिए कैंपस में ही अलग-अलग हॉस्टल हैं। कैंपस में ही 1000 प्लस बेड के मल्टी और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया जाता है।
आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL), जो कि REC Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSU) है, ने महाराष्ट्र के अंतरा-राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम (InSTS) परियोजना के अंतर्गत स्थापित परियोजना-विशेष कंपनी (SPV) ‘उमरेड पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ का सफल बोलीदाता Maharashtra State Electricity Transmission Company Limited को 26 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से हस्तांतरण कर दिया।
यह परियोजना टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित की गई। RECPDCL ने इस प्रक्रिया में बोली प्रक्रिया समन्वयक (Bid Process Coordinator) की भूमिका निभाई। प्रतिस्पर्धी बोली के उपरांत महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को इस परियोजना के विकास हेतु चयनित किया गया। परियोजना का क्रियान्वयन ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल के आधार पर किया जाएगा।
एसपीवी का हस्तांतरण आरईसीपीडीसीएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष (ट्रांसमिशन एवं वितरण) श्री विजय कुलकर्णी द्वारा महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड की कंपनी सचिव सुश्री विनीता श्रीवाणी एवं मुख्य अभियंता (TBCB) श्री अमित नाइक को किया गया। इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी तथा महाराष्ट्र राज्य ट्रांसमिशन यूटिलिटी (STU) के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। परियोजना की निर्धारित कार्यान्वयन अवधि 24 माह है।
इस योजना के अंतर्गत उमरेड में 400/220/132 केवी क्षमता का एक नवीन सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा। साथ ही उमरेड (नवीन) से अतिरिक्त बुटीबोरी (प्रस्तावित) तक लगभग 51 किलोमीटर लंबी 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन तथा कोलारी (विद्यमान) से उमरेड (नवीन) तक लगभग 38 किलोमीटर लंबी 132 केवी डबल सर्किट लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 400/220/132 केवी स्तर पर विभिन्न लाइनों की LILO (लाइन-इन, लाइन-आउट) व्यवस्था एवं अन्य संबद्ध कार्य भी इस परियोजना में शामिल हैं।
REC Limited एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है, जो देशभर में विद्युत क्षेत्र के वित्तपोषण एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। वर्ष 1969 में स्थापित REC लिमिटेड ने अपने कार्य संचालन के 55 से अधिक वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। यह उत्पादन, ट्रांसमिशन एवं वितरण सहित संपूर्ण विद्युत मूल्य श्रृंखला के विभिन्न परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल हैं। हाल के वर्षों में REC ने ऊर्जा क्षेत्र से इतर अवसंरचना एवं लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों—जैसे हवाई अड्डे, मेट्रो, रेल, बंदरगाह एवं पुल—में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
REC पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL), REC लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो विभिन्न राज्यों की विद्युत वितरण कंपनियों एवं ऊर्जा विभागों को ज्ञान-आधारित परामर्श सेवाएं तथा परियोजना क्रियान्वयन में विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करती रही है। RECPDCL ने जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों में भी ट्रांसमिशन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके अतिरिक्त, RECPDCL अंतर-राज्यीय एवं राज्यांतर्गत ट्रांसमिशन परियोजनाओं तथा रीबंडलिंग परियोजनाओं के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) प्रक्रिया के अंतर्गत बोली प्रक्रिया समन्वयक (BPC) के रूप में कार्य कर रही है। अपनी विशेषज्ञ परामर्श, परियोजना कार्यान्वयन एवं लेनदेन सलाहकारी सेवाओं के माध्यम से RECPDCL देश के विद्युत क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।





