सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : सूर्य कुमार यादव अपनी अगुआई में दे दनादन अंदाज में खेल भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार रात अहमदाबाद में आईसीसी टी 20 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल जिताने के साथ खिताब जिता बेहद खुश हैं। भारत के टी 20 विश्व कप जीतने के बाद कप्तान सूर्य कुमार यादव ने कहा, ‘ हमारी पिछले एक महीने की यात्रा बहुत शानदार रही। बेशक टी 20 विश्व कप में हमारा आगाज वैसा नहीं रहा जैसा की हम चाहते थे लेकिन यह क्रिकेट का हिस्सा है। हमारी टीम के लिए टी 20 विश्व कप में फाइनल जीतने तक की यात्रा बहुत खास रही और हम इसमें ट्रॉफी जीतने में सफल रहे। मैं अपनी टीम के ट्रॉफी जीतने से खश हूं। हमारा अगला लक्ष्य अब 2028 मे लास एंजेल्स ओलंपिक में क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीतना है।‘
लॉस एंजेल्स अओलंपिक 2028 में पुरुष और महिला वर्ग में 14 से 29 जुलाई तक पुरुष और महिला वर्ग में छह टीमें स्वर्ण पदक के लिए संघर्ष करेगी। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) न 1900 में पेरिस ओलंपिक के बाद से पहली बार क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल किया है।मौजूदा आईसीसी टी 20 ्क्रिकेट रैंकिंग के अआधार पर भारत की पुरुष और महिला टीमों के एशिया से लास एंजेल्स ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने की पूरी उम्मीद है।
भारतीय पुरुष टीम चैंपियंस ट्रॉफी व टी 20 विश्व कप चैंपियन है। सूर्य कुमार यादव ने साफ किया कि रोहित शर्मा की अगुआई में 2024 के टी 20 विश्व कप जीतना निर्णायक मोड़ था। सूर्य ने कहा, 2024 के बाद से सब कुछ बदल गया। 2024 में हमने अलग तरह की क्रिकेट खेली और तब से हमने समझा की हमारी मौजूदा टीम को आगे किस तरह बढ़ना है। तब से अब तकी यात्रा शानदार रही। हमने एकदम अलग अंदाज की क्रिकेट खेल 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती। अब 2026 में हम अपने घरेलू दर्शकों के सामने कुछ खास करना चाहते थे। । हम इसे 2027, 2028, 2029 में इसी अंदाज में खेलना जारी रखना चाहते है और कभी रूकना नहीं चाहते हैं।
भारत के फाइनल जीत खिताब बरकरार रखने पर कप्तान सूर्य कुमार यादव ने कहा, ‘ बेशक हम टी 20 विश्व कप खिताब जीतने पर खुश हैं लेकिन इस खूबसूरत अहसास की हमने वाकई खिताब जीत लिया इस पर यकीन करने में कुछ वक्त जरूर लगेगा। दरअसल हमारे खिताब बरकरार रखने की तैयारी 2024 टी 20 विश्व कप के बाद तब शुरू हुई जब जय भाई(आईसीसी अध्यक्ष) और रोहित शर्मा ने भारत के कप्तान के रूप में मुझ पर भरोसा जताया। हमारी टीम में सभी लड़कों ने भारत के कप्तान के रूप में मुझ पर भरोसा किया। अपनी टीम के सभी साथियों पर यकीन करना वाकई करना और यह समझना जरूरी था कि वे क्या कुछ करने में सक्षम है। मैं जानता था कि हमारी टीम के खिलाड़ियों में मैच जिताने का दम है। समय एकदम सही था। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा शीर्ष खिलाड़ी हैं और हम जानते थे कि वे कुछ खास करेंगे, और उन्होंने फाइनल में यह कर दिखाया। बुमराह जैसा गेंदबाज पीढ़ियों में एक बार आता है। बुमराह जैसे गेंदबाज को मैं राष्ट्रीय धरोहर कर सकता हूं। बुमराह जानते हैं कि उन्हें कब कैसी गेंदबाजी करनी है और बेहतर तेज गेंदबाज है।‘





