उतर रेलवे चहुँ दिशाओं में रफ्तार,विकास का बजता बिगुल
विनोद कुमार सिंह
सशक्त व सफलता की ओर तीव्र गति से अग्रसर उत्तर रेलवे उतर रेलवे चहुँ दिशाओं में रफ्तार,विकास का बजता बिगुल की इस बात का प्रमाण है कि भारतीय रेल वें उत्तर रेल का पूर्व की भाँति इस वितीय वर्ष का विशेष योगदान है।नई दिल्ली के बड़ौदा हाउस स्थित प्रधान कार्यालय में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे के अधिकारिक बयान के अनुसार केवल एक औपचारिक वार्षिक विवरण भर नहीं थी,बल्कि यह उस परिवर्तन शील युग का दस्तावेज थी जिसमें भारतीय रेल का यह महत्वपूर्ण ज़ोन गति,सुरक्षा, तकनीक और आत्मनिर्भरता के नए प्रतिमान गढ़ रहा है।वित्तीय वर्ष 2025–26 की उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर रेलवे अब परंपरागत ढांचे से निकलकर आधुनिक,प्रतिस्पर्धी औरजनोन्मुखी परिवहन तंत्र के रूप में उभर रहा है।माल ढुलाई के क्षेत्र में उत्तर रेलवे ने जो कीर्तिमान स्थापित किया है,वह उसकी परिचालन क्षमता और रणनीतिक सोच दोनों को दर्शाता है।52.26 मिलियन टन की ऐतिहासिक लोडिंग और एक ही दिन में 119 रेक लोड करने का रिकॉर्ड इस बात का संकेत है कि रेलवे अब केवल यात्री परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की आर्थिक धुरी बन चुका है।“कार्गो सर्विस” जैसे नवाचारों ने अन्नपूर्णा और निर्यात मार्गों के माध्यम से लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दी है, जिससे न केवल ट्रांजिट समय घटा है,बल्कि व्यापारिक प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है।कश्मीर घाटी से सेब की पहली बार बड़े पैमाने पर रेल ढुलाई और अनंतनाग गुड्स शेड का शुभारंभ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने वाला कदम है।रेल यात्री सेवाओं में भी उत्तर रेलवे ने व्यापक विस्तार और संवेदनशीलता का परिचय दिया है।35 जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन,जिनमें वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं, यह दर्शाता है कि आधुनिकता और सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।त्योहारों और आपात परिस्थितियों में 5000 से अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन कर रेलवे ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी बखूबी किया है।नए यमुना ब्रिज का कमीशनिंग इस दिशा में अवसंरचना सुदृढ़ीकरण का प्रतीक है।सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।मैकेनिकल सिग्नलिंग का पूर्ण उन्मूलन,कवच प्रणाली की तैनाती और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का विस्तार यह सुनिश्चित करता है कि रेल यात्रा अब अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय हो।सैकड़ों स्टेशनों पर सी सी टी वी और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का विस्तार यात्रियों के विश्वास को मजबूत करता है।वाणिज्यिक क्षेत्र में ₹12,000 करोड़ से अधिक की आय और गैर-किराया राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि इस बात का संकेत है कि रेलवे अब आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।रेलवन (RailOne )ऐप के माध्यम से डिजिटल क्रांति ने टिकटिंग प्रणाली को सरल और सुलभ बनाया है, जिससे यात्रियों का अनुभव बेहतर हुआ है।डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सेवा की शुरुआत ने रेलवे को आधुनिक सप्लाई चेन का अभिन्न अंग बना दिया है।निर्माण और इंजीनियरिंग विभागों की उपलब्धियाँ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुरक्षा को नई मजबूती देती हैं। नई रेल लाइनों का विस्तार,रोड ओवर ब्रिज और अंडरपास का निर्माण तथा ट्रैक में सुधार कार्य यह दर्शाते हैं कि विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं,बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला परिवर्तन है। लेवल क्रॉसिंग का उन्मूलन और फेंसिंग कार्य यात्रियों और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का प्रमाण है।पर्यावरण और ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर रेलवे ने दूरदर्शिता दिखाई है।हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण और HOG योजना के माध्यम से ईंधन की बचत न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,बल्कि यह हरित परिवहन की दिशा में एक सशक्त कदम है।कार्बन क्रेडिट अर्जन इस प्रयास की वैश्विक प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए गए विभिन्न अभियानों ने मानवीय संवेदन शीलता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया है। हजारों बच्चों को बचाना,अपराधियों की गिरफ्तारी और यात्रियों के खोए सामान की वापसी यह दर्शाता है कि रेलवे केवल एक सेवा नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक भी है।इन सभी उपलब्धियों के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश स्पष्ट रूप से उभरता है,उत्तर रेलवे अब केवल पटरियों पर दौड़ती ट्रेनें नहीं,बल्कि एक व्यापक परिवर्तन की धारा है, जो देश की अर्थव्यवस्था,समाज और पर्यावरण तीनों को समान रूप से प्रभावित कर रही है।यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसमें तकनीक, पारदर्शिता,सुरक्षा और मानव संवेदना का संतुलित समावेश है।
अंततः कहा जा सकता है कि उत्तर रेलवे की यह यात्रा “सशक्त भारत” के उस स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जहाँ परिवहन केवल सुविधा नहीं, बल्कि विकास का आधार बनता है। यह सचमुच चहुँदिश विकास का वह बिगुल है,जिसकी गूंज आने वाले समय में और अधिक दूर तक सुनाई देगी।





