रूस में पद्म श्री जी.एम. पेचनिकोव स्मृति दिशा रामलीला का मंचन 20 फ़रवरी को

Padma Shri G.M. Pechnikov Memorial Disha Ramlila to be staged in Russia on February 20

मोहित त्यागी

मॉस्को, रूस : रूस व भारत के संबंध दशकों पुराने हैं, उसी कड़ी में वर्ष 2010 में स्थापित रूसी-भारतीय मैत्री संस्था “दिशा” रूस और भारत के बीच सांस्कृतिक कूटनीति को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है। संस्था एक गतिशील मंच बनाने के लिए समर्पित है, जो सार्थक संवाद, कलात्मक आदान-प्रदान और जन-से-जन सहभागिता को प्रोत्साहित करता है, और दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और पारस्परिक सम्मान की भावना विकसित करता है। डॉक्टर रमेश्वर सिंह के नेतृत्व में, दिशा ने नाट्य प्रस्तुतियों, उत्सवों, शैक्षिक पहलों और कलात्मक सहयोगों के माध्यम से द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को लगातार मजबूत किया है।

दिशा रामलीला के बारे में: “रामलीला” भारत की सबसे पूजनीय नाट्य परंपराओं में से एक है, जो प्राचीन महाकाव्य रामायण पर आधारित है और भगवान राम के दिव्य जीवन और यात्रा का वर्णन करती है, एक कहानी जो धर्म, समर्पण, साहस और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

रूस में रामलीला का इतिहास एक विशिष्ट विरासत रखता है। 1960 के दशक में पद्म श्री गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव प्रसिद्ध सोवियत एवं रूसी अभिनेता, रंग निर्देशक और सांस्कृतिक व्यक्तित्व, जिन्हें स्नेहपूर्वक “रूसी राम” कहा जाता था, ने रूसी दर्शकों के सामने रामलीला प्रस्तुत की। लगभग दो दशकों तक उन्होंने इसे मंचित किया, भारत की कई यात्राएँ कीं, और भारत सरकार द्वारा बाल मित्र पदक तथा प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किए गए।

लगभग चालीस वर्षों के बाद, रूसी-भारतीय मैत्री संस्था दिशा ने उनकी स्मृति में और भारत-रूस की स्थायी मित्रता के सम्मान में इस नाट्य परंपरा का पुनरुद्धार किया और कई प्रमुख पुनरुद्धार प्रस्तुतियाँ दी, जिसमें 4–6 नवम्बर 2018 अयोध्या, उत्तर प्रदेश में प्रथम पुनरुद्धार प्रस्तुति दी गई। कुंभ मेला 2019 प्रयागराज में अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के समक्ष प्रस्तुति दी गई।

दीपोत्सव 2022, 2023 और 2025 अयोध्या, उत्तर प्रदेश में भव्य अंतरराष्ट्रीय रामलीला समारोह के अंतर्गत रूसी कलाकारों की प्रस्तुति दी गई।

रूसी कलाकारों ने शास्त्रीय रूसी रंगमंच अनुशासन और भारतीय आध्यात्मिक सौंदर्यशास्त्र को संयोजित करते हुए रामायण की प्रस्तुति में केंद्रीय भूमिका निभाई है, जिससे एक अद्वितीय सांस्कृतिक समन्वय का सृजन हुआ है, जिसकी दोनों देशों में सराहना की गई है। उसी कड़ी में आगामी प्रस्तुति पद्म श्री जी.एम. पेचनिकोव स्मृति दिशा रामलीला की 20 फ़रवरी 2026 को समय: 18:30 स्थान: कुसीनेना स्ट्रीट 19ए, मॉस्को में है, यह कार्यक्रम रूसी संघ में भारत के दूतावास के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है और रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार के मार्गदर्शन में है, जिन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में सांस्कृतिक कूटनीति के महत्व पर निरंतर बल दिया है। मॉस्को स्थित जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र (JNCC) ने भी भारत-रूस कलात्मक सहयोग को सुदृढ़ करने और सांस्कृतिक सहभागिता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह प्रस्तुति रूसी कलात्मक उत्कृष्टता और भारत तथा रूस के मध्य सतत सभ्यतागत संवाद का सशक्त प्रमाण है।