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आलेख
सफ़ल होने की कौशलताएं भारतीयों में कूट-कूट कर भरी है
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं मानवीय जीव इस सृष्टि में अनमोल हीरा है।मनुष्य में अनमोल गुणों का भंडार समाया हुआ है, परंतु हम अपने आप की शक्ति को पहचानने की कोशिश…
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आलेख
साहित्य के साथ खिलवाड़ करती “रील्स कल्चर”
शिवकुमार बिलगरामी जब तक मनुष्य की पीड़ा, प्रेम, संघर्ष और स्वप्न जीवित हैं, तब तक साहित्य भी किसी न किसी रूप में जीवित रहेगा। यह कथन जितना आश्वस्त करता है,…
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आलेख
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 : भरोसे, ध्रुवीकरण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की परीक्षा
बिशन पपोला भारत के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही देश की राजनीति एक नए चुनावी दौर…
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अंतर्राष्ट्रीय
क्या है यहूदी तुष्टिकरण की हकीकत?
प्रभात डबराल आपको ये तो पता ही है कि हिटलर के जमाने में जर्मनी में जितने यहूदी मारे गए थे उससे कई गुणा ज़्यादा यहूदी यहाँ पोलैंड में मारे गए…
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आलेख
उर्वरक पर नियंत्रण, किसान पर भरोसा: क्या संतुलन बन पाएगा?
प्रो. आरके जैन “अरिजीत” खेत की मिट्टी अब केवल अन्न नहीं उगाती, वह उम्मीदों और व्यवस्थाओं की परीक्षा भी लेती है। इसी मिट्टी पर खड़े भारत के करोड़ों किसानों के…
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आलेख
ईरान पर अमेरिकी और इजरायल के हमलों के कारण आम आदमी का जीवन ठप हो गया है
अशोक भाटिया पश्चिम एशिया में लगातार जंग जारी है। ईरान और इजरायल एक-दूसरे पर मिसाइलों से हमले कर रहे हैं। उधर ट्रंप कभी जंग का समाधान निकालने की कोशिश कर…
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आलेख
युद्ध के धुएँ में घुटता खेती का दम : क्या खाद्यान्न संकट की ओर बढ़ रहे भारत के कदम ?
डॉ राजाराम त्रिपाठीभारत का किसान आज केवल मौसम से नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति से लड़ रहा है। खेती के लिए सबसे जरूरी आवश्यकता उर्वरक , बीज , कीटनाशक दवाइयां और…
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आलेख
बीमा सुरक्षा का माध्यम बने, न कि मुनाफे का जाल
ललित गर्ग बीमा का मूल उद्देश्य जीवन की अनिश्चितताओं से सुरक्षा प्रदान करना है। यह व्यवस्था व्यक्ति को बीमारी, दुर्घटना या अन्य संकटों के समय आर्थिक सहारा देती है। परंतु…
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आलेख
आधुनिक समाज में यौनता का अतिशय
खुलापन या भ्रम—मीडिया, मार्केट और बदलती मानसिकता के बीच आकर्षण का अतिरेक, और खोती हुई मानवीय संवेदनाओं का संकट डॉ. सत्यवान सौरभ आज का समय एक विचित्र द्वंद्व का समय…
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