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आलेख
कपास: पर्यावरण लचीलापन के साथ समृद्धि बुनाई
विजय गर्ग कपास सिर्फ एक कपड़े से अधिक है; जो दुनिया भर में अर्थव्यवस्थाओं, पारिस्थितिकी प्रणालियों और मानव जीवन को एक साथ जोड़ता है विजय गार्ग कपास फसल ग्रामीण परिवारों…
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आलेख
त्योहारों का सेल्फ़ी ड्रामा
त्योहार अब दिल से नहीं, डिस्प्ले से मनाए जाते हैं —हम अब त्योहारों से ज़्यादा अपनी तस्वीरें मना रहे हैं। अब त्योहार पूजा, मिलन और आत्मिक उल्लास का नहीं, बल्कि…
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आलेख
चुनावी सीजन में लोकतांत्रिक लॉलीपॉप
विनोद कुमार विक्की इन दिनों प्री-वेडिंग शूट की तरह प्री-इलेक्शन शूट काफी ट्रेंड में है। नेताजी उन क्षेत्रों में भी पहुंच कर तस्वीरें खींच और खिंचवा रहे हैं, जहां अब…
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आलेख
दीपावली: प्रकाशों और जीवन के गहरे पाठ
विजय गर्ग दिवाली, या दीपावली, रोशनी, पटाखे और मिठाई का एक शानदार त्योहार से कहीं अधिक है; यह एक गहरा उत्सव है जो मानवता के कुछ सबसे अस्थायी और आवश्यक…
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आलेख
तालिबान अब पाकिस्तान के खिलाफ भारत के साथ
संजय सक्सेना अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते आज जिस दौर से गुजर रहे हैं, वह इतिहास का बड़ा सबक है। कभी तालिबान को आंख मूंदकर समर्थन देने वाला पाकिस्तान आज…
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आलेख
विश्वास का वैश्विक सेतु और व्यापारिक समरसता का आधार
ललित गर्ग विश्व मानक दिवस प्रत्येक वर्ष 14 अक्तूबर को मनाया जाता है। यह दिवस उस अदृश्य व्यवस्था का उत्सव है जो हमारे जीवन, उद्योग, व्यापार और सुरक्षा की गुणवत्ता…
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अंतर्राष्ट्रीय
तालिबान विदेश मंत्री का देवबंद दौरा: धार्मिक जुड़ाव या कूटनीतिक संकेत?
प्रीति पांडेय दारुल उलूम से तालिबान का ऐतिहासिक रिश्ता और भारत-अफ़ग़ानिस्तान के नए समीकरण देवबंद में मुत्तक़ी की मौजूदगी — प्रतीक से ज़्यादा संदेश अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश…
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मनोरंजन
रैंप पर पायल का जलवा
मुंबई (अनिल बेदाग): बॉम्बे फैशन वीक के रैंप पर जब पायल राजपूत ने कदम रखा, तो पूरा माहौल मानो चमक उठा। कैमरों की फ्लैश लाइट्स और तालियों के बीच पायल…
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आलेख
आभासी संबंधों का सचः कहाँ खो गई सामूहिकता?
नृपेन्द्र अभिषेक नृप आधुनिक युग की सबसे बड़ी उपलब्धि तकनीक है, जिसने मानवीय जीवन को एक नयी दिशा और गति प्रदान की है। इंटरनेट, स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता…
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आलेख
क्या उत्तर प्रदेश में जातीय रैलियों पर रोक से बदलेगा समीकरण?
अजेश कुमार उत्तर प्रदेश की राजनीति का ज़िक्र आते ही सबसे पहले जो शब्द ज़हन में आता है, वह है जाति। यह राज्य केवल भौगोलिक रूप से विशाल नहीं है,…
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