राजस्थान सरकार शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के लिए हो रही है गम्भीर

Rajasthan government is getting serious about the preservation of Shekhawati's mansions

गोपेन्द्र नाथ भट्ट

राजस्थान सरकार शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के लिए और अधिक गंभीर हो गई है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में गुरूवार को शासन सचिवालय में शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों के संरक्षण के संबंध में एक महत्व पूर्ण बैठक आयोजित की गई।

प्रदेश के शेखावाटी और प्रदेश अंचलों के अनेक पुरानी हवेलियां है। इन भव्य हवेलियों में देश दुनिया के जाने माने उद्योगपतियों की हवेलियों भी शामिल है लेकिन, हवेलियों तक पहुंचने के लिए वर्तमान में उपलब्ध पर्यटक सुविधाएं पर्याप्त नहीं है। साथ ही कई हवेलियों जीर्ण शीर्ण भी हो रही है ।

उपमुख्यमुत्री ने निर्देश दिए कि सीकर,झूंझनूं और चूरू कलेक्टर पटवारियों के माध्यम से शेखावाटी की हवेलियों का सर्वे कर उसका डिजिटलाइजेशन करवाये। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों के संरक्षण के लिए वृहद स्तर पर विरासत संरक्षण बॉयलॉज की आवश्यता है जिसके लिए चरणबद्ध ढंग से कार्य किये जाने की आवश्यकता है।

दियाकुमारी ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के लिए आवश्यक उपाय करने के लिए एक ब्ल्यू प्रिंट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस क्षेत्र से सम्बन्धित बिन्दुओं का ध्यान में रखकर यदि आवश्यक हो तो विरासत संरक्षण बॉयलॉज को भी अपडेट किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सीकर के रामगढ़ की हवेलियों के संरक्षण के लिए सीकर कलेक्टर इस क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों को साथ रामगढ़ का दौरा कर, वहां तत्काल प्रभाव से लोकल स्तर पर बिन्दुवार अध्ययन कर सुधारात्मक कार्य शुरू करे। उन्होंने निर्देश दिए कि रामगढ़ को शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों के संरक्षण के एक मॉडल के रूप में तैयार जाए। जिसके आधार पर शेखावाटी क्षेत्र के अन्य स्थानों की हवेलियों के संरक्षण के कार्य को योजना बनाकर गति प्रदान की जाएगी।

दिया कुमारी ने प्रमुख शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास विभाग, शासन सचिव पर्यटन, झुन्झुनूं,सीकर,चुरू जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट तथा पर्यटक स्वागत केन्द्र, बीकानेर,झुन्झुनूं,सीकर उप निदेशक / सहायक निदेशक, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन (विकास) की उपस्थिति में ही इस बैठक में निर्देश दिए कि हवेलियां हमारी ऐतिहासिक धरोहरें है

उनकी किसी भी हालात में अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि शताब्दी पुरानी शेखावाटी की हवेलियों देश विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद है और भारी संख्या में पर्यटक इसे देखने आते है लेकिन, इस क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। सड़के टूटी फूटी हुई है ।स्वच्छता का अभाव है। पर्यटकों के लिए आवास, आवागमन और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं भी अप टू मार्क नहीं है। शेखावाटी के दो तीन जिलों के न्यायालयों ने डूंगरपुर के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष के के गुप्ता को न्यायमित्र बना कर स्वच्छता आदि कार्यों के लिए स्थानीय निकायों को पाबंद किया हैं।

नीमराना और तिजारा सहित जोधपुर बीकानेर एवं जैसलमेर आदि की कई हवेलियों को होटल बना भारी संख्या में सैलानियों को आकर्षित किया जा रहा है।

प्रदेश हैरिटेज की दृष्टि से देश में सबसे आगे और पांच प्रदेशों में से एक है। देखना है कि केन्द्र और राज्य सरकार हेरिटेज की दृष्टि से प्रदेश के धरोहरों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाती है?