
गोपेन्द्र नाथ भट्ट
राजस्थान की भजन लाल सरकार ने राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना आरजेएचएस की अधिसूचना जारी कर एक सराहनीय कदम उठाया है।इसी प्रकार पत्रकारों को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए सम्मानित करने हेतु बिशन सिंह शेखावत पत्रकारिता पुरस्कार देने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया है. वहीं पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
पत्रकारों के हित में जिस तर्ज पर यह योजना लागू की जा रही है ऐसी संभवत देश में अन्य कही भी है। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने भीलवाड़ा में 28 मार्च को किया था। इस योजन में राज्य सरकार से अधिस्वीकृत समस्त पत्रकार आरजेएचएस के लिए पात्र होंगे। अधिस्वीकृत पत्रकारों को आरजीएचएस की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पात्र पत्रकारों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए 10 लाख रु.प्रतिवर्ष की चिकित्सा व्यय (आईपीडी) की सुविधा मिलेगी।
साथ ही, ओपीडी की सुविधा मेडिकल डायरी के अनुसार देय होगी। अधिस्वीकृत पत्रकारों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधा के लिए आईडी कार्ड भी जारी होंगे। योजना में बीमित व्यक्ति को आरजीएचएस में परिभाषित अनुमोदित अस्पतालों में किए गए सभी इनडोर उपचारों के लिए सुविधा मिलेगी. तथा शल्य चिकित्साओं के लिए कैशलेस सुविधा प्रदान की जाएगी.
अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तथा पंद्रह दिन बाद तक की अवधि के दौरान किए गए प्रासंगिक चिकित्सा व्यय को माना जाएगा।ऐसे खर्च को दावे के हिस्से के रूप में माना जाएगा। आरजेएचएस योजना के अन्तर्गत मातृत्व चिकित्सा, अन्तः रोगी उपचार (आईपीडी) और अन्य चिकित्सा सुविधाएं कैशलेस उपलब्ध होंगी. स्वतंत्र पत्रकारों के अधिस्वीकरण की आयु सीमा तथा अनुभव में छूट देते हुए न्यूनतम पात्रता आयु 45 वर्ष किया तथा पत्रकारिता का अनुभव 15 वर्ष किया, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को नव-प्रसारक नीति जारी की।
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाते है। ऐसे में पत्रकारों के लिए लागू की जा रही यह योजना उनके और उनके परिवार के लिए संजीवनी साबित होगी। इसमें संदेह नहीं है।