रेल विकास की पटरी पर राजस्थान: 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश बदलेगा तस्वीर

Rajasthan on the rail development track: Investment of more than Rs 10,000 crore will change the picture

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा राजस्थान को देश की विकास यात्रा का मजबूत स्तंभ मानकर लाभान्वित किया गया

गोपेन्द्र नाथ भट्ट

एक फरवरी को लोकसभा में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रखे गए आम बजट में राजस्थान को मिलने वाले फायदे को लेकर केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान राज्य के लिए अहम साबित होने वाले है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर में
आम बजट को लेकर एक प्रेस वार्ता की और कहा कि राजस्थान को देश की विकास यात्रा का मजबूत स्तंभ मानकर लाभान्वित किया है।राजस्थान को विकास की मुख्य धारा में और मजबूती से जोड़ने का काम बजट में किया गया है। राजस्थान में रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। बजट में अवसंरचना विकास के लिए 12 लाख 20 हजार करोड़ का प्रावधान है इससे प्रदेश के शहर लाभान्वित होंगे, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से 40 लाख नए घर सौर ऊर्जा से लाभान्वित होंगे. लिथियम और पूंजीगत सामानों में कस्टम ड्यूटी में छूट दी है। इससे खनन उद्योग को राजस्थान में बढ़ावा मिलेगा।

इस बजट से राजस्थान में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।राजस्थान में सेमी कंडक्टर और डाटा सेंटर नीति जारी की है जिससे प्रदेश लाभान्वित होगा. आत्मनिर्भर भारत संबंधी नीति छोटे उद्योगों को सहायता देगी. जेसीबी जैसे बड़े कारखाने पहले से राजस्थान में है. हमारे इंडस्ट्री कॉरिडोर आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं. आप राजस्थान में अपनी यूनिट लगाए. बजट में विदेशी निवेश को आकर्षित करने की योजना है. राजस्थान को विकास की मुख्य धारा में और मजबूती से जोड़ने का काम बजट में किया है।राजस्थान में रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल से महिलाओं कोआगे बढ़ने में मदद मिलेगी।लॉन विथ कैपिटल स्कीम से पशुपालकों को लाभ मिलेगा।

इधर केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि राजस्थान को रेल अवसंरचना के क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली है। केन्द्रीय बजट में रेल परियोजनाओं के लिए राजस्थान को ₹10,228 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। वैष्णव ने बताया कि यह बजट राजस्थान के रेलवे नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए दिया गया है। रेल मंत्री का मानना है कि यह रिकॉर्ड आवंटन राजस्थान को बेहतर रेल संपर्क, यात्री सुविधाओं और आधुनिक स्टेशन के विकास में मदद करेगा। यह निवेश न केवल रेलवे के भौतिक ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि सीमावर्ती, आदिवासी और पिछड़े इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

रेल मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और तेज़ परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण लगभग पूरा हो रहा है। वंदे भारत और अन्य नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। जयपुर के मुख्य स्टेशन और गांधीनगर जैसे स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे का उन्नयन तेजी से जारी है। प्रदेश के अन्य रेल्वे स्टेशन का विकास कार्य भी प्रगति पर है।वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में रेल बजट में कुल आवंटन बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ हुआ है यह अब तक का सबसे बड़ा रेल बजट है। वैष्णव ने इसे “विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक निर्णायक कदम” बताया है। उन्होंने कहा कि इस निवेश से कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाएँ और रेल सुरक्षा को नए स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा में पिछले वर्षों में लगभग 95 प्रतिशत सुधार हुआ है, और वंदे भारत तथा अमृत भारत ट्रेनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वैष्णव ने यह भी कहा है कि रेल परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड आवंटन राज्य-वार किया गया है, जिसमें हर राज्य की जरूरतों के हिसाब से बजट दिए गए हैं। राजस्थान को लगभग ₹10,228 करोड़ का रेल प्रोजेक्ट आवंटन बताया गया है। जोकि पूर्व की यू पी ए सरकार से बहुत अधिक है।

राजस्थान जैसे विशाल और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में रेलवे विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस राशि से नई रेल लाइनें बिछाने, मौजूदा लाइनों के दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशनों के पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार जैसे कार्य किए जा रहे हैं।राजस्थान की भौगोलिक बनावट को देखते हुए यहां रेल संपर्क का महत्व और भी बढ़ जाता है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिले, दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी अंचल और पूर्वी राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे। अब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से इन क्षेत्रों में रेल नेटवर्क का विस्तार संभव हो सकेगा। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि कृषि, खनन, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।रेल मंत्रालय के मुताबिक राज्य में कई नई रेल लाइन परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। इनमें कुछ परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थीं, जिन्हें अब गति दी जा रही है। वहीं, माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मालगाड़ियों के लिए उपयुक्त ढांचा विकसित किया जा रहा है, जिससे राजस्थान के खनिज और औद्योगिक उत्पाद देश के अन्य हिस्सों तक कम लागत में पहुंच सकें।स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान के कई प्रमुख स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इनमें आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ प्लेटफॉर्म, बेहतर पार्किंग, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं और डिजिटल सूचना प्रणाली शामिल हैं। इससे यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी राजस्थान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। विद्युतीकरण से न केवल परिचालन लागत घटेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। डीजल इंजनों पर निर्भरता कम होने से कार्बन उत्सर्जन घटेगा और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। यह कदम केंद्र सरकार के हरित और सतत विकास के लक्ष्य के अनुरूप है।

अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि रेल परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। निर्माण कार्यों से लेकर संचालन और रखरखाव तक, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।राजस्थान सरकार ने भी केंद्र के इस सहयोग का स्वागत किया है। राज्य के नीति-निर्माताओं का मानना है कि रेल अवसंरचना में यह निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। खासकर उन जिलों में, जहां अब तक परिवहन की सीमित सुविधाएं थीं, वहां विकास के नए द्वार खुलेंगे।

कुल मिलाकर,10 हजार करोड़ रुपये का यह बजट राजस्थान के लिए केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव है। रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य की कनेक्टिविटी सुधरेगी, निवेश आकर्षित होगा और आमजन को सुविधाजनक, सुरक्षित व सुलभ परिवहन उपलब्ध होगा। आने वाले वर्षों में यह पहल राजस्थान को विकास की नई पटरी पर दौड़ता हुआ दिखाई देगा।