महाराजा अग्रसेन संस्थान में भव्य प्रमाण पत्र वितरण समारोह संपन्न, डॉ. नंद किशोर गर्ग ने ‘स्किलिंग’ को बताया भविष्य की जरूरत
रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली: राजधानी के प्रतिष्ठित महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MAIT) ने तकनीकी शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बढ़ती दूरियों को पाटते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रोग्राम’ के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले 450 छात्रों के लिए भव्य प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की सीएसआर (CSR) पहल के माध्यम से छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया गया है।
चार महीने तक चले इस सघन प्रशिक्षण अभियान में छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, बिग डेटा और कोडिंग जैसे आधुनिक विषयों में 270 घंटों से अधिक का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। इसमें AI और मशीन लर्निंग के 7 बैच, बिग डेटा और कोडिंग का 1-1 बैच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कुशल कार्यबल ही देश की शक्ति: डॉ. नंद किशोर गर्ग
महाराजा अग्रसेन टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी (MATES) के संस्थापक एवं मुख्य सलाहकार डॉ. नंद किशोर गर्ग ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। AI के इस युग में ‘स्किलिंग’ यानी कौशल विकास ही सफलता की कुंजी है। यह गर्व का विषय है कि सैमसंग जैसे वैश्विक संस्थान हमारे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार कर रहे हैं।”
‘3H सिद्धांत’ से मिली सफलता की सीख
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) विक्रम बाली ने छात्रों को अपने विशेष ‘3H सिद्धांत’ (हेड, हार्ट और हैंड) की बारीकियां समझाईं। उन्होंने कहा कि ‘हेड’ बौद्धिक तर्क देता है, ‘हैंड’ उसे कौशल के जरिए हकीकत में बदलता है और ‘हार्ट’ उसमें मानवीय संवेदना और जुनून भरता है। एक संपूर्ण प्रोफेशनल के लिए इन तीनों का संतुलन अनिवार्य है।
दिग्गजों की उपस्थिति और सांस्कृतिक छटा
इस अवसर पर MATES के चेयरमैन विनीत कुमार लोहिया, उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता सहित सोसाइटी के वरिष्ठ पदाधिकारी मोहन गर्ग, रजनीश गुप्ता, संजीव गोयल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीएसएससी (TSSC) के सीनियर जनरल मैनेजर गौरव शर्मा और प्राश एंटरप्राइजेज के सीईओ मुकेश कुमार ने भी शिरकत की।
समारोह के दौरान बी.टेक की छात्राओं प्रशस्ति और देवांशी ने शानदार शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम का सफल समन्वय प्रो. सचिन गुप्ता (डीन, रिसर्च) और डॉ. भूमि गुप्ता (समन्वयक, SIC) द्वारा किया गया।




