इंद्र वशिष्ठ
सीआईएसएफ ने अब दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा भी संभाल ली है।
दिल्ली के न्यू अशोक नगर में मंगलवार को आयोजित एक समारोह के दौरान रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) नमो भारत कॉरिडोर की सुरक्षा औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को सौंप दी गई।
यह भारत के पहले हाई-स्पीड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की पूर्ण तैनाती की शुरुआत का प्रतीक है, जो पूरे एनसीआर में यात्रियों के लिए सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुनिश्चित करेगा।
इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि नमो भारत नेटवर्क में सीआईएसएफ की तैनाती भारत के नए जमाने के परिवहन ढांचे को सुरक्षित करने में एक अहम कदम है। जैसे-जैसे परिवहन प्रणालियां तेज और आपस में जुड़ रही हैं, सुरक्षा के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी उतना ही उन्नत, एकीकृत और तकनीक-आधारित होना चाहिए। सीआईएसएफ एक सहज, मजबूत और यात्री-केंद्रित सुरक्षा माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल बुनियादी ढांचे की रक्षा करता है बल्कि यात्रियों में विश्वास भी जगाता है।
251 जवान तैनात-
आरआरटीएस नेटवर्क के दिल्ली खंड के तीन स्टेशनों – आनंद विहार, न्यू अशोक नगर और सराय काले खान की सुरक्षा सीआईएसएफ के कुल 251 कर्मी करेंगे।
दिल्ली खंड आरआरटीएस के प्रथम चरण का हिस्सा है, जिसमें दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 22 स्टेशन शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के आरआरटीएस स्टेशनों की सुरक्षा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (यूपीएसआईएसएफ) द्वारा की जाएगी। सीआईएसएफ मेट्रो और ट्रांजिट सुरक्षा में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करती है, जिसमें प्रवेश नियंत्रण, स्क्रीनिंग और भीड़ प्रबंधन शामिल है। उत्तर प्रदेश के आरआरटीएस स्टेशनों की सुरक्षा के लिए यूपीएसआईएसएफ के कर्मियों को डीएमआरसी में सीआईएसएफ द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।
सीआईएसएफ की तैनाती से पूरे आरआरटीएस नेटवर्क में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जिसमें उन्नत निगरानी प्रणाली (एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम), एक्सेस कंट्रोल, तोड़फोड़ विरोधी जांच और तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमताएं शामिल हैं।
इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक ने जवानों के आवास के निर्माण के लिए भूमि पूजन/शिलान्यास किया। यह आरआरटीएस ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवानों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





