वरिष्ठ शायर ब्रह्म भारद्वाज ‘हशमत’ के ‘दर्द जीता हूं’ और ‘सफ़र में हूं’ दो काव्य संग्रहों का लोकार्पण

Senior poet Brahm Bharadwaj 'Hashmat' launched two poetry collections - 'Dard Jeeta Hoon' and 'Safar Mein Hoon'

दीपक कुमार त्यागी

गाजियाबाद : गाजियाबाद की साहित्यिक संस्था काव्यलोक के तत्वाधान में भव्य काव्य गोष्ठी एवं वरिष्ठ शायर ब्रह्म भारद्वाज ‘हशमत’ के दो काव्य संग्रहों ‘दर्द जीता हूं’ और ‘सफ़र में हूं’ का लोकार्पण मालती नगर में स्थित काव्यलोक के सभाकक्ष में हुआ, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ शायर शकील शिफ़ाई ने की। इस अवसर पर मॉरीशस की सुश्री शाम्यता जो कि दिल्ली विश्वविद्यालय की शोध छात्रा हैं, विशिष्ट अतिथि रहीं। कार्यक्रम का प्रारंभिक संचालन प्रख्यात कवयित्री गार्गी कौशिक ने किया। उसके बाद प्रख्यात कवि चेतन आनंद के संचालन में वंदना कुंअर रायज़ादा की सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुई काव्यगोष्ठी में गाजियाबाद और दिल्ली एन सी आर के लगभग 40 कवि / कवयित्रियों ने शानदार काव्यपाठ किया।

लगभग 4 घंटे चले इस आयोजन में सभी रचनाकारों ने काव्य गोष्ठी का भरपूर आनंद लिया। काव्यलोक के अध्यक्ष प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी, संस्थापक राजीव सिंहल और महासचिव गार्गी कौशिक का कुशल प्रबंधन सराहनीय रहा। काव्य संग्रह ‘सफ़र में हूँ ‘ की समीक्षा ग़ालिब अकादमी के सचिव, वरिष्ठ शायर अकील अहमद और ‘दर्द जीता हूँ’ की समीक्षा अंजुमन फ़रोग़ ए उर्दू के अध्यक्ष मोईन अख़्तर अंसारी ने की। ब्रह्म भारद्वाज ‘हशमत’ ने सभी उपस्थित शायरों एवं काव्यलोक संस्था को धन्यवाद ज्ञापित किया और अपने दोनों संग्रहों से एक-एक ग़ज़ल का पाठ करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके बाद कार्यक्रम अध्यक्ष शकील शिफ़ाई ने अपने अध्यक्षीय भाषण में आयोजन की शानदार व्यवस्था की प्रशंसा की और शानदार काव्यपाठ किया। अंत में काव्यलोक के संस्थापक राजीव सिंहल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। रात्रि भोज के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।