- बड़ा सवाल क्या मराइन बदल पाएंगे भारतीय महिला हॉकी टीम की तकदीर
- मराइन की सबसे बड़ी चुनौती भारत को महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई कराना
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : उम्मीद के मुताबिक डच हॉकी उस्ताद शुएर्ड मराइन को हॉकी इंडिया ने शक्रवार को भारतीय महिला हॉकी टीम का चीफ कोच नियुक्त कर दिया। शुएर्ड मराइन के चीफ कोच रहते भारत की महिला हॉकी टीम ने 2020 के तोक्यो ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चौथा स्थान पाया था। सबसे पहले 2017 में भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच बने थे और कुल तीसरी बार 14 जनवरी को फिर यह जिम्मेदारी संभालेंगे और उनके मार्गदर्शन में महिला हॉकी टीम का शिविर 19 जनवरी से शुरू होगा। दिसंबर में ‘निजी’ कारणों से अपने पद से इस्तीफा देने वाले हरेन्द्र सिंह के स्थान पर शुएर्ड मराइन भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच की संभालेंगे। हालांकि ऐसी खबरें थी कि मौजूदा भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ियों के चीफ कोच हरेन्द्र सिंह के व्यवहार को लेकर खेल मंत्रालय को शिकायत और उनके मार्गदर्शन में टीम के घटिया नतीजों के चलते ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया। तीसरी बार चीफ कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले शुएर्ड मराइन के सामने सबसे पहले सबसे बड़ी चुनौती 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद में महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर्स के जरिए भारतीय टीम को इस बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले महिला हॉकी विश्व कप 2026के लिए क्वॉलिफाई कराने की होगी।
ऐसा बताया जाता है कि भारतीय महिला हॉकी टीम की सीनियर खिलाड़ियों ने टीम के 2024में पेरिस ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने में नाकाम रहने और एफआईएच प्रो लीग से बाहर होने पर शुएर्ड मराइन को फिर से राष्ट्रीय टीम का चीफ कोच नियुक्त करने की सिफारिश की थी। शुएड मरइन के 2017 और 2021 तक चीफ कोच रहते भारतीय महिला हॉकी टीम शीर्ष दस में पहुंची थी। मराइन ने एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच की जिम्मेदारी संभालने पर कहा, ‘साढ़े चार बरस एक बर फिर भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच के रूप में वापसी करना शानदार है। मैं नई और उर्जा और साफ सोच के साथ वापस लौटा हूं, जिससे की टीम के विकास और खिलाड़ियों को विश्व मंच पर अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में मददगार बन सकूं।’
बड़ा सवाल यह रहेगा कि क्या भारतीय महिला हॉकी टीम की तकदीर बदल पाएंगे। यह सवाल यह भी रहेगा कि अगर भारतीय महिला हॉकी टीम के एक बार फिर अब चीफ कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मराइन रास नहीं आए तो क्या वे उनको हटाने के लिए भी उसी तरह झंडा बुलंद करेंगी जिस तरह उन्होंने हरेन्द्र को हटाने के लिए उठाया था। उल्लेखनीय है कि हरेन्द्र सिंह भी शुएर्ड मराइन से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच रह चुके थे। हरेन्द्र सिंह सबसे पहले 2017-18 में पहली बार और फिर 2024 में यॉकी शॉपमैन के चीफ कोच के पद से 2024 के शुरू में इस्तीफा देने के बाद दूसरी बार भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच का पद संभाला था
हरेन्द्र सिंह जब पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच बने थे तो भारत ने एशिया कवप में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद हरेन्द्र सिंह को 2018 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का चीफ कोच नियुक्त कर दिया गया था।
भारत के चीफ कोच मराइन के साथ उनके सपोर्ट स्टाफ के रूप में 1997 में पहली बार बतौर मिडफील्डर वाले मातियाज विला भारत के एनालिटिकल कोच और डा वेन लॉम्बार्ड साइंटिफिक एडवाजर के रूप में टीम से जुड़ेंगे ही उनकी मदद के लिए रॉडेट यिला और सियारा यिला भी साइंटिफिक एडवाइजर के रूप में टीम से जुड़ेंगे।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पूर्व हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की ने शुएर्ड मराइन को फिर भारतीय महिला हॉकी टीम का चीफ कोच नियुक्त करने पर कहा,‘ हम शुएर्ड मराइन और उनके उनके पूरे सपोर्ट स्टाफ का भारतीय हॉकी परिवार में स्वागत करते हैं। हम युवा मामलों और खेल मंत्रालय के साथ भारतीय खेल प्राधिकरण (साई)का आभार जताते हैं कि उन्होंने मराइन की भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच की नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जिससे कि विश्व कप क्वालिफायर के लिए टीम की तैयारियों में बाधा न आए।’
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की की राय से इत्तफाक जताया। भोलानाथ ने कहा,‘हम शुएर्ड मराइन और बाकी सपोर्ट के उनकी नई पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हैं। शुएर्ड मराइन को भारतीय महिला हॉकी की अच्छी हैं। भारतीय कोर ग्रुप की कई खिलाड़ी पहले ही उनके मार्गदर्शन में खेल चुकी हैं। अब हम इस भारतीय महिला टीम से खासकर आगामी एशियाई खेलों और विश्व कप क्वालीफायरके मद्देनजर उससे अच्छे प्रदर्शन की आस करते हैं।’





