स्किल लीडर्स कॉन्क्लेव एवं कौशल मेला-2026 सम्पन्न

Skill Leaders Conclave and Kaushal Mela-2026 concludes

देश के भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्किल इकोसिस्टम मजबूत करने का संकल्प

रविवार दिल्ली नेटवर्क

दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी सत्याग्रह सभागार में शनिवार को स्किल लीडर्स कॉन्क्लेव एवं कौशल मेला-2026 का आयोजन किया गया।इस अवसर पर देश में स्किल इकोसिस्टम को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।

यह कॉन्क्लेव “श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय “पलवल द्वारा दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय तथा असम स्किल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें देश के दस से अधिक कौशल विश्वविद्यालयों तथा दिल्ली के सौ से अधिक कॉलेजों और स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विजय गोयल ने कहा कि कौशल और नवाचार ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएंगे।उन्होंने उद्यमिता के विकास पर बल देते हुए कहा कि स्किल यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को कक्षा कक्ष के साथ उद्योगों में भी प्रशिक्षण दे रही हैं, जिससे देश का स्किल इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कौशल विकास को प्राथमिकता देने की सराहना की और विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के संघर्षशील जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे देश के पहले राजकीय कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में कौशल, नवाचार और उद्यमिता की निर्णायक भूमिका होगी।उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक 44 प्रतिशत कौशल बदल जाएंगे, इसलिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा मॉडल आवश्यक है। उन्होंने शीघ्र ही कौशल विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं का सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा भी की।हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा ने पारंपरिक विद्याओं को मान्यता देकर आरपीएल के तहत कौशल को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

हरियाणा मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. राज नेहरू ने जॉब मार्केट में हो रहे तेज बदलाव और एआई के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को फ्यूचर स्किल के लिए तैयार होने का संदेश दिया।दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. ए. के. नागावत ने कौशल विश्वविद्यालयों में सतत प्रयासों और उद्योग के साथ गहरे समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। कौशल्या स्किल यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रो. एस. पी. सिंह ने मेधावी विद्यार्थियों को कौशल शिक्षा की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता बताई,जबकि एनआईओएस के निदेशक अखिलेश मिश्रा ने कौशल शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ समन्वित करने पर बल दिया।

इस अवसर पर एनसीवीईटी के निदेशक सुहास देशमुख एवं उनकी टीम ने स्किल एजुकेशन मॉडल पर तकनीकी सत्र में प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में विभिन्न कौशल विश्वविद्यालयों,संस्थानों और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों की सहभागिता रही।कौशल मेले में विद्यार्थियों ने अपने कौशल आधारित प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए, जिनका अतिथियों और विशेषज्ञों ने अवलोकन कर सराहना की।