टाटा मुंबई मैराथन 2026: ‘पेसर्स की बस’ में सवार होकर अपने बेस्ट टाइम की ओर दौड़ेंगे हज़ारों धावक

Tata Mumbai Marathon 2026: Thousands of runners will race towards their best times aboard the 'Pacers' Bus'

टाटा मुंबई मैराथन 2026 में 32 पेसर्स बनेंगे धावकों की ताक़त

मुंबई (अनिल बेदाग): टाटा मुंबई मैराथन 2026 एक बार फिर सिर्फ़ रफ्तार नहीं, बल्कि रणनीति, अनुशासन और सामूहिक ऊर्जा का उत्सव बनने जा रही है। इस प्रतिष्ठित मैराथन में इस वर्ष कुल 32 पेसर्स धावकों का मार्गदर्शन करेंगे, जिनमें

18 महिला पेसर्स शामिल होना अपने आप में एक सशक्त और प्रेरणादायक संकेत है।

मैराथन के अलग-अलग वर्गों में पेसर्स की भूमिका बेहद अहम होती है—ये वही अनुभवी धावक होते हैं, जिन पर हजारों प्रतिभागी अपने पर्सनल बेस्ट टाइम की उम्मीद के साथ भरोसा करते हैं। फुल मैराथन में इस साल 13 पेसर्स दौड़ते नज़र आएंगे, जिनमें 5 महिलाएँ शामिल हैं। वहीं हाफ मैराथन श्रेणी में 9 पेसर्स होंगे, जिनमें 3 महिला पेसर्स अपने अनुभव से धावकों को लक्ष्य तक पहुँचाने का जिम्मा संभालेंगी। खास बात यह है कि ओपन 10K कैटेगरी में सभी 10 पेसर्स महिलाएँ होंगी—जो इस इवेंट में महिला नेतृत्व की मज़बूत मौजूदगी को रेखांकित करता है।
पेसर्स केवल समय तय नहीं करते, वे धावकों को मानसिक मजबूती, स्थिर गति और अनुशासित रणनीति भी देते हैं। पेस सेटर के साथ दौड़ने वाले धावकों के समूह को आम तौर पर “बस” कहा जाता है—एक ऐसी चलती हुई टीम, जहाँ हर धावक एक साझा लक्ष्य की ओर बढ़ता है।

भौगोलिक रूप से भी पेसर्स का यह दल भारत की विविधता को दर्शाता है। मुंबई और नवी मुंबई से 20 पेसर्स, पुणे से 3, जबकि दिल्ली, नासिक, कोच्चि, चेन्नई, सिकंदराबाद, छत्रपति संभाजीनगर, सातारा, उदयपुर और गांधीनगर से एक-एक पेसर इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। हर साल की तरह, इस बार भी हज़ारों धावक पेसर्स के अनुभव, मार्गदर्शन और प्रेरणा के सहारे अपनी सीमाओं को चुनौती देंगे। टाटा मुंबई मैराथन 2026 में पेसर्स सिर्फ़ दौड़ नहीं लगाएंगे—वे उम्मीद, अनुशासन और उपलब्धि की कहानी लिखेंगे।