
रविवार दिल्ली नेटवर्क
देहरादून : पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित 62वें अखिल भारतीय शास्त्रोत्सव का समापन हुआ। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर संस्कृत ग्राम योजना का शुभारंभ किया गया। सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने सनातन संस्कृति एवं भारतीय आध्यात्मिक विज्ञान के संबंध में अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देववाणी संस्कृत भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान का आधार स्तंभ है। यह वह पवित्र भाषा है, जिसमें हमारे प्राचीन ग्रंथों वेद, उपनिषद, पुराण, महाकाव्य और शास्त्रों की रचना हुई है। संस्कृत का योगदान केवल धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, गणित, चिकित्सा, खगोलशास्त्र और दर्शनशास्त्र जैसे विषयों में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम में प पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, योगगुरु रामदेव, आचार्य बालकृष्ण समेत अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।