दीपक कुमार त्यागी
“वैश्विक मीडिया के सूत्रों के अनुसार एपस्टीन फाइल्स के पन्नों ने दुनिया के कुछ बहुत बड़े ताकतवर चेहरों पर चढ़ा शराफत का नकाब हटाने का कार्य कर दिया है। एक बेहद ही धनाढ्य अपराधी के साथ मिलकर के नाबालिग बच्चों से अय्याशी करने वाले दुनिया भर के कुछ बेहद ताकतवर राजनेताओं, अभिनेताओं, गायकों, रसूखदारों, धनाढ्यों के बलात्कारी, खूनी, मानव तस्करी के क्रूर घिनौने चेहरे को उजागर कर दिया है और इंसानियत के ठेकेदार बनकर बैठे हुए कुछ राक्षसों की पोल दुनिया के सामने खोलकर के उन्हें हमाम में नंगा करके रख दिया है। इस पूरे प्रकरण में विचारणीय तथ्य यह भी है कि जो लोग सभ्य समाज के बीच महापुरुष का चोला ओढ़कर के बैठे हुए थे क्या वह पुरुष कहलाने के भी लायक हैं?”
अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की वर्ष 2019 में अमेरिका की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो चुकी है। लेकिन मृत्यु के 7 वर्ष के बाद भी जेफरी एपस्टीन केस की फ़ाइलों ने विश्व के बहुत सारे देशों की सरकारों, राजनेताओं, अभिनेताओं, बिजनेसमैनों और विभिन्न क्षेत्रों की नामी-गिरामी हस्तियों की नींद हराम कर रखी है, एपस्टीन फाइल्स इन लोगों के लिए जबरदस्त परेशानी का सबब बनी हुई हैं। हालांकि यह लोग बेहद ही चतुराई के साथ जेफरी एपस्टीन से अब पल्ला झाड़ते हुए नज़र आते हैं। लेकिन फिर भी एपस्टीन का भूत इनका पीछा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, वह इन लोगों को निरंतर परेशान कर रहा है। वैश्विक मीडिया के अनुसार क्योंकि एपस्टीन फाइल्स में अमेरिका के राजनेता, गायक, अभिनेता, ब्यूरोक्रेट्स, टेक्नोक्रेट जगत के दिग्गज, वॉल स्ट्रीट के ताकतवर लोग, पूर्व व वर्तमान राष्ट्रपति, उद्योगपतियों, आदि के साथ-साथ अन्य बहुत सारे देशों के गणमान्य व्यक्तियों आदि के नाम अमेरिका के न्याय विभाग के द्वारा जेफरी एपस्टीन की केस की जांच के सिलसिले में जारी किए गए दस्तावेजों के विशाल संग्रह में दिखाई देते हैं। हालांकि अब अधिकांश लोगों ने एपस्टीन के साथ यौन शोषण या किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि में किसी भी प्रकार से शामिल व संबंध होने से इनकार किया है। लेकिन इस पूरे मामले ने भारत के साथ-साथ दुनिया भर की राजनीति में जबरदस्त भूचाल लाने का कार्य कर दिया है। दुनिया के साथ-साथ भारत में भी अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कुछ विदेशी ताकतवर लोगों को तो इसका बड़ा खामियाजा भी भुगतना पड़ गया। हालांकि एपस्टीन फाइल्स में आने वाले सभी नामों को पर उंगली उठाना भी सरासर ग़लत है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दुनिया के कुछ बेहद ताकतवर लोगों के खिलाफ एपस्टीन फाइल्स में छिपे हुए सबूत ही स्वयं चीख-चीखकर के मासूम पीड़ितों के पक्ष में गवाही दे रहे हैं।
एपस्टीन फाइल्स के खुलासों ने दुनिया भर के साथ-साथ भारत में भी जबरदस्त सनसनी मचाई हुई है। मानवता को शर्मसार करने वाले इस बेहद ही ज्वलंत मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की रील व मीम बन रहे हैं। कुछ लोग तो मानवता के इतिहास में एक बडे संगठित, जघन्य, बेहद क्रूर और घिनौने अपराध पर मज़ाक कर रहे हैं, जोकि बिल्कुल भी उचित नहीं है। हालांकि आम लोग भी अब इन चर्चित फ़ाइलों में छिपी हुई सच्चाई को जानने के लिए उन्हें अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, वह इन फ़ाइलों को देखने के लिए इंटरनेट पर तरह-तरह से हाथ-पैर मार रहे है, आम व खास वर्ग के लोग सरकारी व गैर सरकारी वेबसाइटों तक पर जा रहे हैं, जहां पर इन फाइलों को अपलोड किया गया है। हालांकि एक अपराधी के खिलाफ सबूत के रूप में एकत्रित की गयी इन एपस्टीन फाइलों को अमेरिका का डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस किस्तों में रिलीज कर रहा है, हर किस्त के बाद दुनिया में अब तो हंगामा बढ़ता ही जा रहा है।
लेकिन रोज-रोज नये खुलासे होता देखकर अब भी देश व दुनिया के बहुत सारे जिज्ञासु लोग यह जानना चाहते हैं कि एपस्टीन फाइल्स में आखिरकार कितने ताकतवर लोगों के काले कारनामों के राज छिपे हुए है, इन नामों की एक बहुत ही लंबी फेहरिस्त है। अभी तक की जारी एपस्टीन फाइल्स की रिपोर्ट्स में दुनिया भर के बहुत सारे देशों के महापुरुष बनकर बैठे हुए पक्ष व विपक्ष के ताकतवर राजनेताओं, रसूखदारों व धनाढ्य लोगों के खूनी, बलात्कारी, मानव तस्करी के क्रूर घिनौने चेहरे को उजागर करने का कार्य किया है, जिन लोगों को हम लोग महापुरुष मानकर पूज रहे थे उनके चेहरों से महापुरुष का नकाब हटाने का काम किया है। जिस तरह से यह ताकतवर कुछ लोग दौलत व सत्ता के मद में चूर होकर के नाबालिग बच्चों का शारीरिक शोषण कर रहे थे, वह अक्षम्य अपराध है, जोकि दुनिया भर के अधिकांश देशों में बेहद जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि जेफरी एपस्टीन व उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के बाद अभी तक किसी भी व्यक्ति को कानूनी तौर पर कोई सजा नहीं हुई है, जबकि बहुत सारे लोग तो फांसी तक की सजा के हकदार हैं।
यहां आपको बता दें कि एपस्टीन फाइल्स सीक्रेट डॉक्युमेंट्स, फोटोग्राफ, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, चैट, ईमेल आदि का एक ऐसा संग्रह है जिसको अमेरिका की विभिन्न जांच एजेंसियों ने सबूत के रूप में एकत्र किया था, जो अमेरिका के प्रसिद्ध अरबपति फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन और उनकी पार्टनर घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े यौन तस्करी के मामलों की जांच के दौरान एकत्र किए गए थे। लेकिन इस जांच ने दुनिया भर में महापुरुष बनकर बैठे कुछ लोगों की पोल खोल कर के रख दी है, उनके क्रूर, राक्षसी, हैवान वाले चेहरे को दुनिया के सामने उजागर करने का कार्य कर दिया है। जिससे कि लोग अब एपस्टीन फाइल्स को
दुनिया के सबसे क्रूर, घिनौने, खूनी काले कारनामों का एक कच्चा चिट्ठा कह रहे हैं। क्योंकि एपस्टीन फाइल्स में सबूत के रूप में एकत्र किये गये सीक्रेट डॉक्युमेंट्स, ईमेल, चैट, फोटोग्राफ, ऑडियो-वीडियाे रिकॉर्डिंग आदि में दुनिया भर के कुछ बेहद ही ताकतवर हस्तियों के नाम सामने आ रहे है। जिस से की पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी हंगामा बढ़ता जा रहा है।
वैश्विक मीडिया सूत्रों के अनुसार एपस्टीन फाइल्स ने दुनिया में महापुरुष बनकर बैठे राक्षसों के द्वारा मासूम नाबालिग बच्चियों से बलात्कार करने, फिर उनका खून पीने और उन्हें मुर्गे की तरह पकाकर खा जाने वाली दरिदंगी की पोल खोलने का कार्य किया है। एपस्टीन फाइल्स के माध्यम से दुनिया भर के लोग देख रहे हैं कि किस तरह से महापुरुष का चोला ओढ़कर के बैठे कुछ क्रूर, खूनी, दरिंदें लोग बड़े-बड़े मंचों से दुनिया को मानवीय संवेदना, इंसानियत व सभ्यता का पाठ पढ़ाते थे और स्वयं हैवानियत को दिखाते हुए एक आलीशान द्वीप पर जाकर के हैवान बनकर के छोटे-छोटे नाबालिग बच्चों, बच्चियों, लड़कियों व महिलाओं आदि पर टूट पड़ते थे, वह उन सभी लोगों के साथ इंसानियत को शर्मसार करने वाले रूह को कंपा देने वाले बेहद ही जघन्य अपराधिक कृत्यों को अंजाम देते थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हृदयविदारक, बेहद ही जघन्य सेक्स स्कैंडल ने दुनिया भर के कुछ ताकतवर, रसूखदार चेहरों को बेनक़ाब कर दिया है, जोकि अपने उच्चस्तरीय संबंधों की ताक़त के मद में चूर होकर के, अपनी बेहिसाब दौलत के दम पर, रसूख के नशे में चूर होकर के मासूम इंसानी जिस्मों और रूहों को रौंदने का कार्य कर रहे थे और अफसोस की बात यह है कि दुनिया का सबसे ताकतवर देश होने का दंभ भरने वाले अमेरिका का शासन-प्रशासन, मीडिया व क़ानून आदि इस पूरे घटनाक्रम पर एक तमाशबीन बनकर के ख़ामोश रहे। वैसे भी अमेरिका का यह जघन्य सेक्स स्कैंडल किसी एक व्यक्ति या उसके गैंग के द्वारा मासूमों के साथ किया गया एक जघन्य अपराध मात्र नहीं है, बल्कि यह ताकतवर व आधुनिकता का लबादा ओढ़कर के बैठे हुए अमेरिका के लाचार, बीमार सिस्टम के लिए आईना है, जहाँ पर ताक़तवर लोगों को बचाने के लिए उनके गुनाहों को छिपाने के लिए मासूम कमज़ोर पीड़ितों की दर्दनाक, खौफनाक चीखों को सरकारी जांच एजेंसियों की फ़ाइलों में दबाकर गुनाहों को बड़ी ही चतुराई से रहस्य बना दिया जाता है। ऐसी स्थिति में आम जनमानस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पूरी दुनिया भर का सिस्टम ही दोहरे मापदंड पर चलता है, रसूखदार व धनाढ्य लोगों की जेब में ही सिस्टम लाचार होकर पड़ा रहता है और पंगु होकर के उन लोगों के एक-एक इशारे पर नाचता फिरता रहता है, वहीं बेचारा आम जनमानस लाचार होकर के कष्ट झेलता रहता है।





