7 मार्च को मुंबई में होगी 64 संयमियों की ऐतिहासिक ‘वड़ी दीक्षा’

The historic 'Vadi Diksha' of 64 ascetics will take place in Mumbai on March 7

बोरीवली के चिकूवाड़ी मैदान में 64 मुमुक्षुओं ने अपनाया संयम मार्ग

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई महानगर जैन शासन के इतिहास में एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब बोरीवली पश्चिम स्थित चिकूवाड़ी मैदान में आयोजित ‘संयम रंग उत्सव’ के दौरान 64 मुमुक्षुओं ने सांसारिक जीवन का त्याग कर जैन दीक्षा ग्रहण की। हजारों श्रद्धालुओं और समाजजनों की उपस्थिति में संपन्न यह भव्य दीक्षा समारोह संपूर्ण क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।

यह महोत्सव शांतिचंद्रसूरि समुदाय के गच्छाधिपति आचार्य सोमसुंदरसूरिजी, आचार्य योगतिलकसूरिजी, आचार्य कुशलचंद्रसूरिजी एवं आचार्य पुण्यसुंदरसूरिजी सहित अनेक साधु-साध्वियों की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। आचार्य भगवंतों के आशीर्वाद से दीक्षार्थियों ने संयम जीवन के कठोर व्रत स्वीकार किए।

सुबह लगभग 9:30 बजे ‘रजोहरण’ अर्पण की विधि के दौरान पूरा मैदान “जैनं जयति शासनम्” के उद्घोष से गूंज उठा। दीक्षा समारोह के दौरान कई परिवारों के लिए भावुक क्षण देखने को मिले। अपने प्रियजनों को संयम पथ पर अग्रसर होते देख गर्व के साथ-साथ विरह की अनुभूति भी हुई, लेकिन धर्म के प्रति श्रद्धा सर्वोपरि रही।

महोत्सव का विशेष आकर्षण अध्यात्म परिवार से जुड़े युवा कार्यकर्ता ऋषभभाई और उनकी धर्मपत्नी सोनलबेन का संकल्प रहा। दोनों ने युवावस्था में सांसारिक जीवन का त्याग कर आजीवन ब्रह्मचर्य स्वीकार किया, जिससे उपस्थित जनसमूह प्रेरित हुआ।

इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने उपस्थित रहकर दीक्षार्थियों और उनके परिवारजनों की भावनाओं को नमन किया। साथ ही जैन समाज के अनेक प्रमुख पदाधिकारी, ट्रस्टी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

इन 64 संयमियों की ‘वड़ी दीक्षा’ श्री शांतिचंद्र शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत आगामी 7 मार्च को पुनः बोरीवली में आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना जताई जा रही है।