गोपेन्द्र नाथ भट्ट
कॉमनवेल्थ देशों के स्पीकर्स सम्मेलन के अवसर पर गुलाबी नगर जयपुर एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक भव्यता और आतिथ्य परंपरा के साथ चमक उठा। राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों का 44 राष्ट्रमंडल देशों के 120 संसदीय प्रतिनिधियों का जयपुर दौरा पर पहुंचने पर राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दुपट्टा पहनाकर उनका भावभीना स्वागत किया । सम्मेलन में भाग लेने आए विभिन्न देशों के विधान मण्डलों के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी से शहर में खासा उत्साह देखने को मिला। ऐतिहासिक धरोहरों, रंगीन बाजारों और पारंपरिक लोक-संस्कृति ने विदेशी मेहमानों को खासा आकर्षित किया।जयपुर भ्रमण ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। मेहमानों ने आमेर किला, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और हवा महल जैसी विश्वविख्यात धरोहरों को देखा ।साथ ही राजस्थानी लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक व्यंजनों से सजी सांस्कृतिक संध्या और स्वादिष्ट राजस्थानी व्यंजनों ने सभी का मन मोह लिया। सिटी पैलेस का दौरा किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी ने राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सिटी पैलेस आगमन पर स्वागत किया। मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल सदस्यों के साथ राजस्थान की संस्कृति एवं विरासत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने राजस्थान की स्थापत्य कला एवं आतिथ्य की प्रशंसा करते हुए दोबारा राजस्थान आने की इच्छा व्यक्त की।
गुलाबी नगर की सड़कों पर सजी रोशनी, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था ने प्रशासनिक तैयारियों की भी झलक दिखाई। स्थानीय कारीगरों के हस्तशिल्प, ब्लू पॉटरी, मीनाकारी और सांगानेरी प्रिंट ने विदेशी प्रतिनिधियों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सम्मेलन महत्वपूर्ण रहा। भारत की संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक मजबूती और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। जयपुर का चयन यह दर्शाता है कि ऐतिहासिक शहर भी वैश्विक कूटनीति और संवाद के सशक्त केंद्र बन सकते हैं।
इस अवसर लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने राजस्थान के समृद्ध इतिहास कला संस्कृति परम्परा और धरोहरों के साथ ही स्वतन्त्रता के लिए घास की रोटी खाकर भी संघर्ष करने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की धरती से मेहमानों का परिचय कराया। बिरला ने राजस्थान के राज्यपाल हरि भाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की मेजबानी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की ।उन्होंने भारत की समृद्ध संसदीय परंपराओं के साथ सर्वांगीण विकास की चर्चा भी की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत अर्थ व्यवस्था के साथ ही विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह राजस्थान के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व के विभिन्न देशों से आए संसदीय प्रतिनिधि हमारी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और अतिथि-सत्कार की परंपरा से रूबरू हुए । उन्होंने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों को राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थलों और परंपरागत लोक कला से परिचित कराने के साथ ही राज्य की विकास यात्रा, लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मूल्यों पर भी सकारात्मक संवाद का यह अवसर देने के लिए लोकसभाध्यक्ष का आभार जताया ।
भारत की “अतिथि देवो भवः” की महान परंपरा -ओम बिरला
राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) के उपरांत भ्रमण कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल के जयपुर आगमन पर में शनिवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रिभोज का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला,राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही, राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसदगण एवं विधायकगण सहित गणमान्य लोग भी मौजूद रहें।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि सीएसपीओसी का 28वां सम्मेलन भारत की मेजबानी में हो रहा है। यह आयोजन भारत की “अतिथि देवो भवः” की महान परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल और विविधताओं से भरा देश है, जहां भौगोलिक विविधता, भाषाओं की विविधता, खानपान की विविधता के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत की समृद्धता भी अद्वितीय है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों में अत्यंत प्राचीन सभ्यताएं और समृद्ध परंपराएं आज भी जीवंत हैं। उन्होंने राजस्थान की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां विशाल रेगिस्तान, भव्य महल, नदियां, बावड़ियां मौजूद है। राजस्थान शौर्य और वीरता की भूमि है। यहां महाराणा प्रताप ने शत्रुओं से संघर्ष करते हुए भी अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया। श्री बिरला ने इस अवसर पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े का हार्दिक अभिनंदन किया और इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया।
राजस्थान के लिए गर्व का विषय-वासुदेव देवनानी
कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि इस आतिथ्य का अवसर मिलना हमारे लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद एवं पारस्परिक मिलन से विभिन्न देशों के लोग सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे के निकट आते हैं और इससे आपसी आत्मीयता और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है।देवनानी ने कहा कि राजस्थान में शौर्य, साहस, अतिथि-सत्कार, परंपरा और जीवटता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यह प्रदेश अपने विशिष्ट भूगोल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद विकास, जनकल्याण एवं प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पधारो म्हारे देश की भावना के साथ राजस्थान की धरती पर आप सभी का स्वागत है।
कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध लोक-परंपरा, लोक-संगीत एवं शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर जीवंत किया गया। इस दौरान लंगा-मंगणियार गायन, लोक नृत्य, चंग-धाप नृत्य, कथक नृत्य, घूमर नृत्य एवं भवई नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
कुल मिलाकर, कॉमनवेल्थ स्पीकर्स सम्मेलन ने गुलाबी नगर को सिर्फ गुलजार ही नहीं किया, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय संवाद, संस्कृति और सहयोग के रंगों से सराबोर कर दिया। यह आयोजन जयपुर के लिए गौरव का क्षण रहा और भविष्य में ऐसे और वैश्विक आयोजनों की संभावनाओं के द्वार खोल गया।





