संवाद में निहित होती है लोकतंत्र की आत्मा

The soul of democracy lies in dialogue

डॉ सत्यवान सौरभ

विकसित भारत युवा नेता संवाद (VBYLD) भारत की उस दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है, जिसमें युवा केवल नीतियों के लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और राष्ट्र-निर्देशन के सक्रिय भागीदार हैं। भारत विश्व का सबसे युवा देश है, जहाँ 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को सही दिशा और मंच प्रदान किया जाए। VBYLD इसी उद्देश्य को मूर्त रूप देता है। यह पहल युवाओं को संवाद, विचार-विमर्श, नीति सुझाव और नेतृत्व विकास के अवसर प्रदान कर उन्हें राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में सक्षम बनाती है।

लोकतंत्र की आत्मा संवाद में निहित होती है। विकसित भारत युवा नेता संवाद युवाओं और शासन के बीच सेतु का कार्य करता है। पारंपरिक रूप से नीति-निर्माण एक सीमित वर्ग तक सिमटा रहता था, परंतु इस पहल के माध्यम से युवाओं को अपनी समस्याएँ, आकांक्षाएँ और समाधान सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। यह न केवल लोकतांत्रिक सहभागिता को गहरा करता है, बल्कि शासन को अधिक उत्तरदायी और समावेशी भी बनाता है। युवा जब अपनी आवाज़ नीति-निर्माण में प्रतिबिंबित होते देखते हैं, तो उनमें लोकतंत्र के प्रति विश्वास और उत्तरदायित्व की भावना सुदृढ़ होती है।

युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं है। VBYLD युवाओं को सामाजिक, आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय क्षेत्रों में नेतृत्व के लिए तैयार करता है। संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से युवाओं में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान की क्षमता और दीर्घकालिक दृष्टि का विकास होता है। यह उन्हें तात्कालिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और सतत विकास के व्यापक लक्ष्यों पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार यह पहल नेतृत्व को मूल्य-आधारित, संवेदनशील और दूरदर्शी बनाती है।

वर्ष 2047 तक सतत विकास भारत की सबसे बड़ी चुनौती और आवश्यकता दोनों है। आर्थिक वृद्धि के साथ सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और समावेशिता सुनिश्चित करना एक जटिल कार्य है। युवा नेता संवाद युवाओं को सतत विकास लक्ष्यों की समझ प्रदान करता है और उन्हें समाधान का हिस्सा बनाता है। जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी, शहरीकरण, बेरोज़गारी और असमानता जैसे मुद्दों पर युवा अपने अनुभव और नवाचारी विचार साझा करते हैं। इससे नीतियाँ अधिक व्यावहारिक, जमीनी और भविष्य-सुरक्षित बनती हैं।

शिक्षा और कौशल विकास के संदर्भ में भी VBYLD की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। संवाद के दौरान युवा शिक्षा प्रणाली की कमियों, कौशल-असंगति और रोजगार योग्य प्रशिक्षण की आवश्यकता को उजागर करते हैं। इससे सरकार को शिक्षा और कौशल नीतियों को युवाओं की वास्तविक ज़रूरतों के अनुरूप ढालने में सहायता मिलती है। वर्ष 2047 तक भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाना है, और यह तभी संभव है जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और नवाचार के अवसर मिलें। युवा नेता संवाद इस दिशा में एक वैचारिक प्रयोगशाला की तरह कार्य करता है।

सामाजिक न्याय और समावेशिता GS Paper II का केंद्रीय विषय है, और VBYLD इसमें भी योगदान देता है। भारत विविधताओं का देश है—जाति, वर्ग, लिंग, क्षेत्र और संस्कृति के स्तर पर। युवा नेता संवाद विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए युवाओं को एक मंच पर लाकर समावेशी सोच को बढ़ावा देता है। जब ग्रामीण, शहरी, आदिवासी, अल्पसंख्यक और महिला युवा एक साथ संवाद करते हैं, तो नीति सुझाव अधिक संतुलित और न्यायपूर्ण बनते हैं। यह पहल हाशिए पर पड़े वर्गों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने में सहायक है।

डिजिटल युग में युवा सबसे बड़े परिवर्तनकारी एजेंट हैं। VBYLD डिजिटल प्लेटफॉर्म और संवाद का उपयोग कर युवाओं की भागीदारी को व्यापक बनाता है। इससे भौगोलिक सीमाएँ टूटती हैं और देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों के युवा भी राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनते हैं। डिजिटल सहभागिता पारदर्शिता, पहुँच और गति को बढ़ाती है, जो सुशासन के लिए आवश्यक तत्व हैं। वर्ष 2047 तक डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को साकार करने में युवा नेतृत्व की यह भूमिका निर्णायक होगी।

नीति-निर्माण में युवाओं की भागीदारी केवल सुझाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि क्रियान्वयन और निगरानी तक विस्तारित होनी चाहिए। VBYLD युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है, जिससे वे केवल आलोचक नहीं, बल्कि समाधानकर्ता बनते हैं। जब युवा किसी नीति के निर्माण में शामिल होते हैं, तो उसके सफल क्रियान्वयन में भी उनकी भागीदारी स्वाभाविक हो जाती है। इससे नीति और समाज के बीच की दूरी कम होती है।
आर्थिक विकास के संदर्भ में भी युवा नेता संवाद की भूमिका अहम है। स्टार्टअप, उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर युवा अपने अनुभव और अपेक्षाएँ साझा करते हैं। इससे रोजगार सृजन, एमएसएमई सशक्तिकरण और नवाचार-आधारित विकास को गति मिलती है। वर्ष 2047 तक भारत को पाँच ट्रिलियन डॉलर से आगे की अर्थव्यवस्था बनाना है, और इसमें युवा उद्यमियों और नेताओं की भूमिका केंद्रीय होगी।

पर्यावरणीय स्थिरता के बिना विकास अधूरा है। युवा स्वाभाविक रूप से पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, क्योंकि भविष्य की सबसे बड़ी कीमत उन्हें ही चुकानी है। VBYLD युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत उपभोग और हरित विकास पर नेतृत्व प्रदान करने का अवसर देता है। इससे विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलती है।

अंततः विकसित भारत युवा नेता संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है। यह भारत के युवाओं को सपने देखने, प्रश्न पूछने, समाधान सुझाने और नेतृत्व करने का अधिकार देता है। वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित, समावेशी और सतत राष्ट्र बनाने के लिए यह आवश्यक है कि युवा नीति-निर्माण के केंद्र में हों। VBYLD इस दिशा में एक सशक्त कदम है, जो युवा नेतृत्व को सशक्त कर भारत के भविष्य को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और समृद्ध बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।