रविवार दिल्ली नेटवर्क
नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में रविवार को द स्टेट्समैन विंटेज एवं क्लासिक कार रैली के 59वें संस्करण का भव्य आयोजन किया गया।इस ऐतिहासिक और दुर्लभ कारों की इस प्रतिष्ठित रैली को दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना एवं पोटाला प्रसाद नायडू,राष्ट्रीय ओबीसी (ज्योतिबा फुले) अध्यक्ष ने बाराखंभा रोड स्थित द स्टेट्समैन हाउस से झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर द स्टेट्समैन लिमिटेड के अध्यक्ष आर. पी. गुप्ता,संपादक एवं प्रबंध निदेशक रवींद्र कुमार तथा निदेशक विनीत गुप्ता उपस्थित रहे।रैली की थीम “युग की महारानियाँ” रखी गई थी, जिसमें ऐतिहासिक कालखंड की प्रतिष्ठित कारों का प्रदर्शन किया गया।इस रैली में 100 से अधिक विंटेज और क्लासिक वाहन शामिल हुए। प्रमुख आकर्षणों में 1906 की रेनॉल्ट,1936 रोल्स रॉयस,1938 मर्सिडीज और एडलर,1926 स्टुडबेकर, 1937 वोल्सली,1932 बेबी ऑस्टिन,1919 सिट्रोएन, 1913 स्टोएवर तथा 1912 स्टैंडर्ड कोवेंट्री सहित अनेक दुर्लभ वाहन शामिल रहे।दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में ऐसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए,जिससे लोग देश की विरासत और इतिहास से जुड़ सकें।
रैली के तहत वाहनों ने शहर में ड्राइव किया और दोपहर 12:30 बजे इंडिया गेट के समीप मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम पहुँचीं। वहीं दोपहर 3 बजे पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कार प्रेमियों, महिलाओं,बच्चों और बुजुर्गों ने कार्यक्रम में भाग लिया और ऐतिहासिक वाहनों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। द स्टेट्समैन विंटेज एवं क्लासिक कार रैली भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित मोटरिंग आयोजनों में से एक है।इसकी शुरुआत वर्ष 1964 में दिल्ली में हुई थी और 1968 में कोलकाता में इसका आयोजन आरंभ हुआ था।यह रैली प्रतिवर्ष आयोजित होती है और विंटेज कार मालिकों को अपनी ऐतिहासिक मशीनों को आधुनिक सड़कों पर चलाने का अवसर प्रदान करती है।रैली का समापन मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में हुआ,जिसने राजधानी वासियों को बीते युग की उत्कृष्ट कारीगरी और मोटरिंग विरासत की जीवंत झलक प्रदान की।





