28 जनवरी से शुरु हो रहे विधानसभा सत्र में रखा जाएगा भजन लाल सरकार का तीसरा बजट

The third budget of the Bhajan Lal government will be presented in the assembly session starting from January 28

गोपेन्द्र नाथ भट्ट

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र आगामी 28 जनवरी से शुरु होगा। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में राज्य की भजन लाल सरकार अपना तीसरा बजट भी प्रस्तुत करेगी। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को विधानसभा अधिवेशन आहूत करने के संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी है ।

सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम अधिवेशन की शुरुआत राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण से होगी। हर कलेंडर वर्ष के पहले सत्र का आरम्भ राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू करने की विधायी परम्परा है। विधानसभा सत्र के दौरान राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, विधायी कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विशेष उल्लेख प्रस्ताव और स्थगन प्रस्ताव जैसे संसदीय कार्य भी संपादित होंगे।विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संसद की तरह राजस्थान विधानसभा में भी सर्वदलीय बैठक की परम्परा शुरू की है। विधानसभा के इतिहास में यह महत्वपूर्ण नवाचार है। इसी कड़ी में विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम अधिवेशन से पूर्व विधानसभा में इस बार भी सर्वदलीय बैठक बुलायेंगे।

इससे पूर्व विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा के लम्बित प्रश्नों के समय पर उत्तर देने के लिए अधिकारियों को पाबंद करने के लिए विगत दो जनवरी को राज्य सरकार के मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ सचिवों की विधानसभा में उच्च स्तरीय बैठक ली है। विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने विधानसभा में राज्य सरकार के मुख्य सचिव और सभी प्रमुख सचिवों के साथ सचिवों की एक बैठक बुलाई थी।इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव और राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे। बैठक में देवनानी ने सभी विभागों के सचिवों को 15 जनवरी तक विधानसभा के सभी लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और विशेष उल्लेख के प्रस्तावों के जवाब आवश्यक रूप से भेजे जाने के दिये निर्देश दिए है। साथ ही जीरो पेंडेन्सी के साथ भविष्‍य में ऐसी बैठक आयोजित नहीं करने का अवसर बनाने की हिदायत भी दी है। देवनानी ने सचिवों को विशेष शिविर लगाकर प्राथमिकता से लम्बित प्रश्नों का निराकरण करने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रश्नकाल,शून्य काल और विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को अधिकारी दीर्घा में ही बैठने की हिदायत भी दी है।

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को पाबंद किया है कि माननीय विधायकों के प्रश्नों के उत्तर देने के कार्य को गंभीरता से लें तथा अपने अन्य कार्यों के साथ विधानसभा के प्रश्नों का समय पर उत्तर भिजवाने के कार्य को प्राथमिकता दें ताकि, जीरो पेंडेन्सी के साथ राजस्थान विधानसभा देश की आदर्श विधान सभा बने। बैठक में सोलहवीं एवं पन्द्रहवीं राजस्थान विधानसभा के लम्बित प्रकरणों की स्थिति का विभागवार प्रस्तुतीकरण दिया गया। ।देवनानी ने बताया कि 16 वीं विधान सभा के चौथे सत्र की समाप्ति के बाद अभी भी 35 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब आने बाकी है जिनकी संख्या करीब 2031 है। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने की विधान सभा द्वारा समय सीमा निश्चित की हुई है (जिसका उल्लेख विधान सभा की विवरणिका में दिया गया है) ऐसे में विभिन्न विभागों द्वारा समय पर प्रश्नों का उत्तर नहीं भिजवाया जाना चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की पीड़ा है कि कुछ विभाग प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय सीमा में भिजवाने में गम्भीरता नहीं दिखा रहे है। ऐसे में अब किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जावेगी। हालाकि विधानसभा में लम्बित प्रश्नों के जवाब आने के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी भी इसे और अधिक गति दिये जाने की आवश्यकता है।

देवनानी ने प्रश्नों के गलत जवाब देने के मामलों को भी गम्भीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए की भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो इस पर विशेष ध्यान दिया जावे। सदन में मंत्रियों द्वारा दिये जाने वाले आश्वासनों के मामलों को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के सचिवों की है। जिसे पूरा करने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। आम जनता की राज्य सरकार से अपेक्षाओं को पूरा करने का उत्तरदायित्व विधायिका के साथ-साथ कार्यपालिका का भी है। विशेषकर राज्य सरकार के सचिवों को जन अपेक्षाओं की क्रियान्विति के दायित्व को समझते हुए राज्य सरकार और विधायिका के साथ टीम भावना से काम करना होगा। राज्य के मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास ने विधानसभाध्यक्ष को आश्वासन दिया कि उनके निर्देशानुसार सभी विभागों के शिविर लगाकर विधान सभा के लम्बित प्रश्नों को निर्धारित समयावधि में निस्तारण करवाने का हर सम्भव प्रयास किया जावेगा। आगे भी सभी विभाग विधान सभा के सभी निर्देशों को गम्भीरता से लेकर समय पर अपने उत्तरदायित्वों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा प्रदेश की आठ करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है तथा इसमें जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा जन समस्याओं के संबंध उठाये जाने मुद्दों के निराकरण की जिम्मेदारी शासन में बैठें वरिष्ठ अधिकारियों की है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि राजस्थान सरकार का इस वर्ष का बजट और भी अधिक लोक लुभावना होगा क्योंकि विधानसभा के सत्र की समाप्ति और रंगों के त्यौहार होली के बाद प्रदेश में स्थानीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव होंगे तथा भजन लाल सरकार चाहेंगी कि विधानसभा उप चुनावी की तरह स्थानीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं के चुनावो में भी सत्ताधारी दल को अपेक्षित सफलता मिलें।