
- हमने सही मौके पर विकेट चटकाए, सभी पूरे जोश से सराबोर नजर आए
- बतौर टीम मैं यह सुनिश्चित करना चाहताहूं कि हम सही चीजे करें-
सत्येन्द्र पाल सिंह
नई दिल्ली : भारत के कप्तान रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर में बृहस्पतिवार रात पहले वन डे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी टीम की जीत बेहद खुश हैं। भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा, ‘मैं अपनी टीम की बृहस्पतिवार को पहले वन डे अंतर्राष्ट्रीय में जीत से बहुत खुश हैं क्योंकि हम बहुत लंबे समय के वन डे क्रिकेट में खेल रहे थे। हम बहुत तेजी से एकजुट हो यह समझना चाहते थे कि हमें कहां क्या करना चाहते हैं। हमने मैच में अच्छा आगाज नहीं किया जब इंग्लैंड की सलामी जोड़ी ने हम पर दबाव डाला लेकिन हमने मैच में जिस तरह वापसी की वह वाकई शानदार थी। वन डे जरा कुछ लंबा फॉर्मेट है जहां आपको वापसी करने का वक्त मिलता है। जब चीजें आपके हाथ से फिसलने लगती है तो भी इसका मतलब यह नही कि बराबर आपके हाथ से फिसलती रहेंगी। मैं अपने गेंदबाजों को इस बात का श्रेय देना चाहूंगा कि हर किसी ने योगदान किया। हमने सही मौके पर विकेट चटकाए और सभी पूरे जोश से सराबोर नजर आए और हमारा क्षेत्ररक्षण बहुत चुस्त रहा। जहां तक अक्षर को पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजने की बात है तो यह साफ है हम उस समय पिच पर अपने बाएं हाथ का बल्लेबाज चाहते थे। हम जानते थे कि इंग्लैंड के पास कई स्पिनर है जो कि हमारे बाएं हाथ के बल्लेबाजों को गेंदबाजी करेंगे। अक्षर बीते कई बरस में बतौर बल्लेबाज बेहतर हुए हैं और हमने बृहस्पतिवार को यह देखा भी। हमें भागीदारी की जरूरत थी और शुभमन गिल और अक्षर पटेल ने वाकई बढ़िया बल्लेबाजी की। इसी महीने आगे शुरू होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए ऐसा कोई खास लक्ष्य नहीं है। बस कुल मिला कर बतौर टीम मैं यह सुनिश्चित करना चाहताहूं कि हम सही चीजे करें। हम गेंदबाजी और बल्लेबाजी में सभी कुछ दुरुस्त करना चाहते हैं। हमने बहुत तक बृहस्पतिवार को ऐसा किया भी लेकिन मेरा बस यही मानना है कि हमें अपनी पारी के आखिर में बेवजह विकेट नहीं गंवाने चाहिए थे।
दो विकेट मात्र 19 रन पर गंवाने के बाद भी अपनी सोच सकारात्मक रखी: शुभमन
मैन ऑफ द’ मैच रहे भारत के उपकप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘हमने अपनी पारी के शुरू में दो विकेट मात्र 19 रन पर गंवाने के बाद भी अपनी सोच सकारात्मक रखी। पिच मे तेज गेंदबाजो के लिए बहुत कुछ था ही नहीं था और हमारी सोच उन्हें बैकफुट पर ही खेलने की थी। जब श्रेयस अय्यर जैसा खिलाड़ी क्रीज पर उतरता है तो प्रतिद्वंद्वी भी रक्षात्मक रुख अख्तियार कर लेतf है। हमे उनके अच्छे फैसलों का लाभ मिला। बृहस्पतिवार को जब मैं 70 रन पर खेल रहा तो मैंने कवर के बीच से जो पुल जड़ा उसमें मुझे बहुत मजा आया। स्पिनरों ने बहुत समझदारी से अपनी रफ्तार में चतुराई से बदलाव किया और जब उन्होंने कुछ धीमे गेंद फेंकी तो तब गेंद कुछ घूमी । जहां तक पिच के मिजाज की बात तो इस पर दोहरा उछाल था।
जहां उपकप्तानी की बात है तो बतौर बल्लेबाज कोई बहुत ज्यादा कुछ नही बदला। मैदान पर मैं बस यही जानना चाहता हूं कि सोच क्या है और रोहित भाई क्या सोचते हैं। रोहित भाई मुझे यही कहते है यदि मैं मैच की बाबत कुछ कहना चाहूंगा तो बेझिझक कहूं।‘
मुझे पांचवें नबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरने की बाबत पहले से मालूम था : अक्षर
भारत के लिए शानदार अर्द्धशतक जड़ने वाले ऑलराउंडार अक्षर पटेल ने कहा, ‘जहां तक मेरे पाचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरने की बात है तो इस बाबत पहले से ही जानता था कि क्रीज पर बाएं और दाएं हाथ का बल्ले रहे यह जरूरी था। तेज गंदबाजों की गेंद बल्ले पर आ रही थी और हमने स्पिनरों को लगाया। तब स्पिनरों की भी धुनाई हो गई और इंग्लैंड को बढ़िया आगाज का श्रेय देना ही होगा। जहां हमारी एकादश में तीन स्पिनरों को शामिल करने की बात है ते तो हम यदि अपनी लाइन लेंग्थ पर काबू रखेंगे तो हम वापसी कर सकते हैं क्योंकि वे गेंदबाजां को निशाना बना रहे थे। इंग्लैंड के बल्लेबाज चूंकि बराबर अपने शॉट खेलने की कोशिश कर रहे तो हमारी कोशिश उन्हें गलती करने पर मजबूर करने की थी। जब हम गेंदबाजी कर रहे थे तो गेंद कुछ रुक कर आ रही थी। इंग्लैंड के स्पिनरों ने चतुराई से अपनी गति में बदलाव किया। हमारे स्पिन भी ऐसा करते तो हमें भी ज्यादा टर्न मिलता। जहां तक गिल के साथ मेरी भागीदारी की बात है तो हमने सोच ज्यादा कुछ सोचे बिना गेंद के मुताबिक खेले की। जैसे खेल आगे हमने इंग्लैंड के गेंदबाजों को निशाना बनाया और अपनी भागीदारी को जितना हो सके लंबा खींचने की कोशिश की क्योंकि क्रीज पर उतरने वाले बल्लेबाज के लिए बल्लेबाजी आसान नहीं थी।
तूफानी आगाज के बाद आनन फानन में चार विकेट गंवाना निराशाजनक : बटलर
इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने कहा, ‘मैच न जीत पाने पर निराश हूं। हमारी पॉवरप्ले में शुरुआत बेहद शानदार थी। हमने तूफानी आगाज किया लेकिन फिर आनन फानन में चार विकेट गंवाना निराशाजनक रहा। 40 -50 रन ज्यादा बनाना खासा अहम होता। हमने गुच्छों में विकेट गंवाए। हम इस तरह नही खेलना चाहते थे। हम प्रतिद्वंद्वी भारत पर दबाव बना लय बनाए रखना चाहते थे। हमारे तेज गेंदबाजों ने अच्छा आगाज किया और भारत ने सस्ते में दो विकेट खो तब मैच बराबरी पर था और कहीं भी मुड़ सकता था। यदि हमें तब और विकेट मिल जाते तो तस्वीर बदल सकती थी लेकिन भारत के लिए शुभमन और श्रेयस ने अच्छी भागीदारी की। हम बराबर बेहतर खेलना चाहते हैं। जब हम लय में हों तो इसे लंबे समय तक बनाए रखना चाहते हैं।