देश मे लोकतंत्र नाम की कोई चीज नही रह गई है, सन्यासियों का अपमान किया जा रहा है – श्रीमहंत यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज

There is no such thing as democracy left in the country, sanyasis are being insulted - Shri Mahant Yati Ransinghanand Giri Maharaj

रविवार दिल्ली नेटवर्क

  • UGC एक्ट के विरोध में निकली पैदल यात्रा को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में पुलिस ने रोका, संतों व कार्यकर्ताओं को किया नजरबंद
  • पुलिस का तानाशाही रवैया – यति धर्मानंद गिरी
  • इस सरकार में हो रही है लोकतंत्र की हत्या – बॉबी त्यागी

गाजियाबाद : महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के पावन सानिध्य में तथा शिव शक्ति धाम बाबा सीताराम कुटी मन्दिर, ट्रांसपोर्ट नगर मेरठ के महंत श्रीमहन्त यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज के नेतृत्व में UGC एक्ट के विरोध में मेरठ से दिल्ली जंतर-मंतर के लिए निकली पैदल यात्रा को 7 मार्च 2026 को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन के द्वारा रोक दिया गया।

श्रीमहन्त यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज ने बताया कि यात्रा जब अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ रही थी, तभी भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा और यात्रा को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके बाद संतों एवं यात्रा में शामिल कई कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा वहीं नजरबंद कर दिया गया।

इस अवसर पर संत समाज और विभिन्न हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। संतों ने कहा कि यह यात्रा पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से निकाली जा रही थी, जिसका उद्देश्य UGC एक्ट के विरोध में अपनी बात सरकार तक पहुँचाना था। ऐसे में प्रशासन द्वारा यात्रा को रोकना और संतों व कार्यकर्ताओं को नजरबंद करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

श्रीमहन्त यति रणसिंहानन्द गिरी महाराज ने कहा कि यह आंदोलन सनातन धर्म, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दबाव या रोक-टोक से यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है और सनातन धर्म के अनुयायी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

नव युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा त्यागी ने कहा कि सरकार और प्रशासन को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने के बजाय जनता की भावनाओं को समझना चाहिए। वहीं राष्ट्रीय हिन्दू युवा वाहिनी के प्रतिनिधि अरुण त्यागी ने कहा कि यदि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आने वाले समय में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

संत समाज और आयोजकों ने प्रशासन से मांग की है कि नजरबंद किए गए संतों एवं कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए तथा उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति दी जाए।

इस मौके पर डॉक्टर योगेंद्र उर्फ योगी, रजनीश त्यागी, बॉबी त्यागी, अरुण त्यागी, आशुतोष त्यागी, वंश त्यागी, राधेलाल त्यागी, ललित त्यागी, गौतम त्यागी, अमरीश त्यागी, रवि शर्मा, टिंकू त्यागी व राजेश शर्मा पुजारी जी आदि मौजूद रहे।