
रविवार दिल्ली नेटवर्क
अत्याचारियों को सम्मानित करती मानसिकता ने भारत के भोले भाले जनमन को कहां पहुंचा दिया यह समझने के लिए एक ही बात काफी हो सकती है, इस्लाम के मूल स्थान अरब में जो अभ्यास नहीं वह भारत में इस्लाम के नाम पर चल रहा है चाहे पक्की मजार हो या वक्फ एक्ट अरब जगत में यह सब देखने में अब तक नही आया।
मै एडवोकेट संदीप त्यागी रसम ईस्लाम के अनुयायी भारतीय नागरिक बंधुओ से अपील करता हूं कि वह इस तथ्य को समझे कि वक्फ एक्ट इस्लाम का हिस्सा नहीं है भारत की आजादी के बाद गठित एक सरकारी बोर्ड है उसमे संशोधन प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है इसका विरोध केवल वह कर रहे हैं जिनके अनैतिक आर्थिक हित आगामी संशोधन से प्रभावित होने है आम मुस्लिम नागरिक को इससे कोई फर्क नहीं पडने वाला है।
अत्याचारी बर्बर लुटेरे मुगल तुर्क आकर इस देश को लूटे और कब्जा करे तो उनके लिए वक्फ बोर्ड बना यह समानता संविधान के किस हिसाब से उचित है मूल संविधान मे वक्फ बोर्ड किस पन्ने पर है अगर जवाब नहीं है ओर फिर भी इसकी आवश्यकता है तो मैं संदीप त्यागी रसम मांग करता हूं कि क्रिश्चन के लिए मसीह बोर्ड और सिखों के लिए अकाल बोर्ड , जैनों के लिए तीर्थंकर बोर्ड बौद्धों के लिए महावीर बोर्ड , पारसियों आदिवासियों के लिए भगवान बिरसा बोर्ड पिछड़ों के लिए कर्पूरी बोर्ड दलितों के लिए जोगिन्दर नाथ मंडल बोर्ड भुमिहारो के लिए ब्रह्मर्षि बोर्ड ठाकुरों के किए सूर्यवंशी बोर्ड ब्राह्मणों के लिए परशुराम बोर्ड और कायस्थों के लिए चित्रगुप्त बोर्ड जैसे बोर्ड का निर्माण कानूनी रूप से होना चाहिए
भारत में इसकी जरूरत आ पहुंची लगती है।
मुगलों के शासन को ईसाई ब्रिटिश ने समाप्त किया और अंग्रेजों के शासन को समाप्त करने में समस्त हिंदु समाज ने और मुसलमानों की अधिकांश जातियों ने मिल कर लड़ा तो दूसरी तरफ सर सय्यैद अहमद खान जैसे इस संघर्ष को हिंदुओं का संघर्ष लिखित रूप में अंग्रेजों से कहते रहे।
मैं संदीप त्यागी रसम सभी राजनीतिक दल से जानना चाहता हूं कि फिर किसी एक समुदाय को इतनी सुविधा क्यों?
संविधान समानता की बात करता है तो भारत के सभी वर्गों के लिए बोर्ड बनाओ या ऐसी किसी भी विशेष सुविधा को अविलंब समाप्त करो।
मैं संदीप त्यागी रसम सरकार से स्पष्ट रूप से वक्फ बोर्ड को समाप्त करने की मांग करता हूं यह सम्भव न हो तो सनातन बोर्ड सहित सभी वर्ग के बोर्ड गठित करने का कार्य किया जाये।
यह अगली पीढियों के सुख समृद्ध जीवन लिए आवश्यक है आज इसके लिए कोई भी कीमत चुकाना कल भविष्य में सस्ता महसूस करायेगा।