रविवार दिल्ली नेटवर्क
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के टीएमयू कॉलेज ऑफ फार्मेसी कॉलेज के बीफार्म के दो स्टुडेंट्स- रोशनी कुमारी ने सिजीजियम क्यूमिनी (जामुन) के बीजों की मधुमेह-रोधी गतिविधि विषय पर उत्कृष्ट शोध पोस्टर की दी प्रस्तुति, तो संदेश सराफ ने ऑस्टियोआर्थराइटिस प्रबंधन के लिए प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का औषधीय मूल्यांकन पर दिया ओरल प्रजेंटेशन
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के टीएमयू कॉलेज ऑफ फार्मेसी कॉलेज के स्टुडेंट्स रोशनी कुमारी ने दो दिनी अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस फार्मा-इनोवेट समिट- 2025 में बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटर का खिताब जीता, जबकि संदेश सराफ ने ओरल प्रेजेंटेशन में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। ये अवॉर्ड गलगोटिया के फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विक्रम शर्मा ने दिए। रोशनी कुमारी ने सिजीजियम क्यूमिनी (जामुन) के बीजों की मधुमेह-रोधी गतिविधि विषय पर उत्कृष्ट शोध पोस्टर की प्रस्तुति दी। संदेश ने ऑस्टियोआर्थराइटिस प्रबंधन के लिए प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का औषधीय मूल्यांकनः प्राचीन ज्ञान से आधुनिक कार्यप्रणालियों तक के लिए ओरल प्रेजेंटेशन दिया। गलगोटिया यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का मुख्य विषय फ्रॉम मॉलीक्यूल टू मेडिसिनः ड्रग डवलपमेंट, ड्रग डिलीवरी एंड लाइफसेविंग थेरेपीज था। कॉन्फ्रेंस में फार्मेसी कॉलेज के 22 स्टुडेंट्स ने प्रतिभाग किया।
अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में सात देशों के प्रमुख शोधकर्ताओं ने विशेष व्याख्यान, पोस्टर प्रस्तुति, ओरल प्रेजेंटेशन आदि के जरिए आधुनिक फार्मास्यूटिकल रिसर्च के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इस सम्मेलन में स्टुडेंट्स ने जाना कि कैसे शैक्षिक संस्थान, फार्मा उद्योग और नियामक संस्थाएं मिलकर वैज्ञानिक खोजों को जीवनरक्षक उपचारों में तेजी और प्रभावशीलता के साथ परिवर्तित करती हैं। प्रतिभागियों ने बेस्ट प्रैक्टिसिज का आदान-प्रदान के संग-संग दवा विकास और डिलीवरी के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के स्केलेबल, वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान पहचाने। इस बहुआयामी अनुभव ने छात्रों में वैज्ञानिक-दृष्टिकोण, शोध क्षमता और नवाचार की समझ को और अधिक सशक्त किया। टीएमयू की ओर से डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला और श्रीमती उर्वशी सक्सेना ने साइंटिफिक इवैल्युएटर की भूमिका निभाई।





