यूपीईइस ने 22वें दीक्षांत समारोह में अकादमिक एक्सीलेंस और नए युगके लीडर्स का सम्मान किया

UPEIS honours academic excellence and new age leaders at 22nd convocation

रविवार दिल्ली नेटवर्क

देहरादून : यूपीईएस ने अपने 22वें दीक्षांत समारोहका शानदार समापन किया, जो शैक्षणिक उपलब्धियों का एक ऐतिहासिकउत्सव था। पहली बार पांच दिनों तक आयोजित इस दीक्षांत समारोह मेंयूपीईएस के सातों स्कूलों के स्नातकों को सम्मानित किया गया, जिससेउनकी अनूठी उपलब्धियों को पहचान मिली।

समारोह में यू.पी.ई.एस. ने प्रतिष्ठित सामाजिक-राजनीतिक हस्तियों को भीआमंत्रित किया और समाज में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हेंडॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियलटेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) और कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशलसाइंसेज (के.आई.एस.एस.) के संस्थापक सचिव प्रोफेसर अच्युत सामंत कोशिक्षा और सामाजिक परिवर्तन में उनके प्रभावशाली कार्य के लिए सम्मानितकिया गया। ब्रिटिश-भारतीय व्यवसायी लॉर्ड करण बिलिमोरिया कोक्रॉस-कल्चरल लीडरशिप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह के दौरान, यूपीईइस ने अपने रिसर्च एक्सीलेंस और ग्लोबलप्रभाव का प्रदर्शन किया, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसेविश्वविद्यालय ने ग्लोबल मानकों के बराबर प्रति व्यक्ति अनुसंधान उत्पादनहासिल किया है। विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित एकेडेमिक्स का घर है, जिसमेंनोबेल पुरस्कार नामांकित, शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता औरप्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अकादमियों के फेलो शामिल हैं। अपनेविजन के अनुरूप, यूपीईइस ने UC बर्कले, क्वींसलैंड विश्वविद्यालय, एडिनबर्ग विश्वविद्यालय और कई अन्य जैसे अग्रणी ग्लोबल संस्थानों केसाथ-साथ बजाज, IBM और इन्फोसिस जैसे उद्योग दिग्गजों के साथसाझेदारी की है। यूपीईइस को बजाज इंजीनियरिंग कौशल प्रशिक्षण(BEST) पहल की मेजबानी के लिए चुना गया है, जिसके माध्यम से बजाजऑटो मेक्ट्रोनिक्स, मोशन कंट्रोल और सेंसर टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स औरऑटोमेशन और इंडस्ट्री 4.0 और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में प्रशिक्षण प्रदानकरेगा।

रिसर्च पर विश्वविद्यालय का जोर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, पीएचडीकार्यक्रमों और रिसर्च अवसरों के लिए सालाना लगभग 13 करोड़ रुपये काअनुदान दिया जाता है, और प्रत्येक फैकल्टी सदस्य के लिए औसतन चारप्रकाशन होते हैं। रिसर्च आउटपुट के आधार पर भारत के सबसे तेजी से बढ़तेविश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्राप्त, यूपीईइस कई प्रमुख भारतीयविश्वविद्यालयों से आगे निकलकर MIT और ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थानों केबराबर स्तर बनाए रखता है। विश्वविद्यालय के रनवे इनक्यूबेटर को DST, MeitY, BIRAC और स्टार्टअप उत्तराखंड से भी मान्यता और वित्त पोषणप्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, पिछले वर्ष, 6844 छात्रों को आवश्यकताऔर योग्यता-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 45.97 करोड़ रुपये कीछात्रवृत्ति प्रदान की गई।

अकादमिक एक्सीलेंस प्राप्त करने, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ाने औरइंडस्ट्री सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने की विभिन्न पहलों ने इस वर्ष ग्लोबलरैंकिंग में विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय वृद्धि को बढ़ावा दिया है।विश्वविद्यालय अब QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में 801-850 बैंड मेंरैंक किया गया है और QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया 2025 मेंउल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसने एशिया में 148वां स्थान और दक्षिणएशिया में 21वां स्थान हासिल किया है। यह अब टाइम्स हायर एजुकेशनवर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 के प्रतिष्ठित 501-600 बैंड में शामिल है, जोपिछले वर्ष की तुलना में 300 रैंक की छलांग है। घरेलू स्तर पर, यूपीईइस नेप्रभावशाली NIRF 2024 रैंकिंग हासिल की है: विश्वविद्यालयों में 46, कानून में 28, प्रबंधन में 41 और इंजीनियरिंग में 42।

अपने समापन भाषण में, यूपीईएस के वाईस चांसलर डॉ. राम शर्मा ने कहा, “हम शिक्षा, रिसर्च और सहयोग की परिवर्तनकारी शक्ति में विश्वास करतेहैं। हमारी पहलों ने न केवल प्रभावशाली शोध और उद्यमिता को बढ़ावा दियाहै, बल्कि उत्तराखंड में स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है। इनप्रयासों ने ग्लोबल और नेशनल रैंकिंग में सुधार, छात्रों के बेहतर परिणाम औरसफल प्लेसमेंट में तब्दीली की है, जो हमारे फैकल्टी, छात्रों और भागीदारों केसमर्पण को दर्शाता है। आज जब हम अपने छात्रों की सफलता का जश्नमना रहे हैं, तो हमें इन उपलब्धियों पर गर्व है और हम इनोवेशन, सस्टेनबिलिटी और एक्सीलेंस के भविष्य को आकार देने के लिए अपनीप्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।”

यूपीईएस का लक्ष्य अपने छात्रों को प्रेरित करना जारी रखना है ताकि वेअपने प्रोफेशनल जीवन के अगले अध्याय में प्रवेश करते समय एक उज्जवलभविष्य को आकार देने के लिए ज्ञान, कौशल और जुनून से लैस होकरबदलाव ला सकें।