विराट कोहली अब सीएसके खिलाफ जीत का ‘चौका’ जड़ आरसीबी को शीर्ष पर पहुंचने को बेताब

Virat Kohli is now eager to take RCB to the top after hitting a winning boundary against CSK

  • सीएसके के सामने मौजूदा सीजन में लगातार तीसरी हार से बचने की चुनौती
  • ढीली गेंदबाजी है सीएसके की सबसे कमजोर कड़ी

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : विराट कोहली का टेस्ट और टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने और भारत के लिए केवल वन डे अंतर्राष्ट्रीय खेलने के बावजूद दुनिया की सबसे महंगी और प्रतिस्पर्द्धी टी 20 आईपीएल लीग में रॉयल चैलेजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के लिए बल्ले से जलवा बरकरार है। विराट कोहली ने आरसीबी को 2025 में 18 वें प्रयास में पहली बार आईपीएल खिताब जिताने में अहम भूमिका अदा की। विराट कोहली मौजूदा आईपीएल 2026 के संस्करण के पहले मैच में बेहतरीन अविजित अर्द्धशतक जड़ आरसीबी को अपने घर में एसआरएच के 201 रन के पहाड़ को पार करा छह विकेट से जीत दिलाने के बाद अब मजबूत किले अपने घर बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को चेन्नै सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ जीत का ‘चौका’ जड़ पिछले छह मैचों में पांचवीं जीत दिला कर शीर्ष पर पहुंचाने को बेताब हैं। आरसीबी पिछले तीन सीजन में सीएसके से अपने और उसके घर में लगातार तीन मैच जीत चुकी है। सीएसके के सामने मौजूदा सीजन में लगातार तीसरी हार से बचने की चुनौती है। सीएसके की सबसे कमजोरी कड़ी है उसकी ढीली गेंदबाजी। सीएसके गेंदबाज मौजूदा सीजन के दो मैचो में 30.5 मैचों में 338 रन लुटा चुका है। सीएसके को जीत की राह पर लौटने के लिए बेहतर गेंदबाजी करने की जरूरत है। आरसीबी के विराट कोहली, देवदत्त पड्डीकल और कप्तान रजत पाटीदार के साथ जेकब बैथल /फिल साल्ट को रोकना सीएसके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा अन्यथा पहले बल्लेबाजी पॉवरले में ही मैच सीएसके के हाथ से निकल जाएग

विराट कोहली उनके सलामी जोड़ीदार इंग्लैड के जैकब बैथल और वेस्ट इंडीज के रोमारियो शेफर्ड के तूफानी अर्द्धशतकों की बदौलत आरसीबी ने सीएसके को पिछले सीजन में अपने घरेलू बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम के मैच पर दो रन से शिकस्त दी थी। तब नवोदित आयुष म्हात्रे ने सीएसके लिए मात्र दूसरे मैच मे चेन्नै 2025 में अपने दूसरे मैच में छह रन से शतक से चूकने आरसीबी से अपनी टीम के दो रन से हारने के बावजूद दिखाया था कि वह भविष्य के स्टार खिलाड़ी हैं। आयुष म्हा्त्रे के 73 रन की तूफानी पारी के बावजूद सीएसके भले ही अपने दूसरे मैच में 209 रन बनाने के बावजूद आठ गेंद के बाकी रहते पांच विकेट से हार गई हो लेकिन उन्होंने एक बार फिर दिखाया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।

मौजूदा चैंपियन आरसीबी जीत के आगाज करने के बाद पहले मैच में नाकाम रहने वाले अपने अंग्रेज ओपनर फिल साल्ट की जगह उनके ही देश के जैकब बैथल को विराट कोहली के साथ उतार सकती है। तीसरे नंबर पर उतरने वाले देवदत्त पड्डीकल और चौथे नंबर पर कप्तान रजत पाटीदार के रूप में शीर्ष क्रम में चार ऐसे बल्लेबाज हैं जो दनादन क्रिकेट के मिजाज के मुताबिक पहली ही गेंद से दे दनादन करने का दम रखते हैं। फिर टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड और क्रुणाल पांडया के तीन ऐसे ऑलराउंडर हैं जो कि ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर उसे बड़े स्कोर तक पहुचान का दम रखते हैं।

फिलहाल अंशुल काम्बोज और मैट हेनरी के पिछले मैच में दो दो विकेट चटकाने और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद के खासा महंगे रहने और दोनों लेग स्पिनरों राहुल चाहर और नूर अहमद के महंगा साबित होने के चलते सीएसके के सामने खासतौर पर विराट कोहली और हाल ही में भारत के खिलाफ मुंबई में टी 20 विश्व कप में तूफानी शतक जड़ने वाले जैकब बैथल ,नए आक्रामक अंदाज में खेल रहे देवदत्त पड्डीकल, कप्तान रजत पाटीदार के साथ डेविड, क्रुणाल और शेफर्ड जैसे आरसीबी ऑलराउंडरों को रोकना मुश्किल चुनौती होगा।

आरसीबी के लिए पहले मैच में तीन विकेट चटकाने वाले जैकब डफी , आईपीएल के इतिहास के दूसरे सबसे कामयाब सदाबहार भुवनेश्वर कुमार, रोमारियो शेफर्ड, नवोदित रफ्तार के सौदागर अभिनंदन सिंह जैसे तेज गेंदबाजों की चौकड़ी के साथ बाएं हाथ के अनुभवी स्पिनर क्रुणाल पांडया व नवोदित चतुर लेग स्पिनर सुयश शर्मा की मौजूदगी में उसकी गेंदबाजी खासी धारदार व विविधतापूर्ण है। सीएसके कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी , कार्तिक शर्मा व प्रशांतवीर सरीखे नौजवान बल्लेबाज शुरू के दोनों मैचों में जूझते दिखे जबकि आयुष म्हात्रे, शिवम दुबे और सरफराज खान ही कुछ रन बना पाए। कुछ मिलाकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी इकाई के रूप में नाकामी ही सीएसके के लिए शुरुआती दोनों मैचों में उसकी हार का बड़ा कारण बनी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पिछले सीजन में आरसीबी के लिए सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड यदि पूरी तरह फिट हो उपलब्ध होंगे? यदि वह फिट हुए तो फिर आरसीबी की गेंदबाजी और धारदार हो जाएगी और सीएसके बल्लेबाजों के लिए तेजी से छोड़िए रन बनाना ही और मुश्किल हो जाएगस।

अपनी टीम के हर सदस्य के खेल से पूरी तरह संतुष्ट : रजत पाटीदार
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने एसआरएच के खिलाफ पहले में जीत के बाद कहा था, ‘मैं सीजन के पहले मैच में एसआरएच के खिलाफ अपनी टीम के हर सदस्य के खेल से पूरी तरह संतुष्ट हूं। जहां तक पहले पॉवरप्ले में हमारी गेंदबाजी की बात है तो इसमें हमारे लिए मैच खेल रहे जैकब डफी का इसमें तीन विकेट चटकाना मैच का निर्णायक मोड़ रहा। हमने पिच के मिजाज को भांपा और हमें यह बढ़िया नजर आई और हमारे बल्लेबाजों ने इसी के मुताबिक बल्लेबाजी की। विराट और पड्डीकल की बेहतरीन पारियों ने हमारी जीत की नींव रखी। विराट(कोहली) भाई की बेहतरीन पारी को बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है।विराट भाई का क्रीज पर उतर कर लक्ष्य का पीछा करने का जवाब नही है और व नंबर एक बल्लेबाज है।हमारी टीम की कैचिंग खास तौर पर साल्ट द्वारा लपका गया कैच तो वाकई गजब का था और इसे देख तो मैं भी हतप्रभ था और वह बेहद चुस्त फील्डर हैं

इम्पैक्ट खिलाड़ी के नियम के चलते गेंदबाज दबाव में : फ्लेमिंग
सीएसके कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा,‘ आईपीएल में खासतौर पर इम्पैक्ट खिलाड़ी के नियम के चलते गेंदबाज दबाव में है। आपने ऐसे खिलाड़ी देखे हैं जो खेल को आगे बढ़ा रहे हैं और कौशल के लिहाज से स्तर कहीं उंचा है। हर तरह का गेंदबाजी आक्रमण दबाव में हैं। बेशक हमें जरूरत बेहतर गेंदबाजी करने की है। दबाव में खेलते हुए यह हमने पहले अच्छी बल्लेबाजी जरूर की हम उस स्तर से कुछ नीचे थे जहां हमें होना चाहिए था। जहां हम अभ्यास और प्रशिक्षण कर रहे थे। पहली गेंद से ही हर कोई दे दनादन अंदाज में बल्लेबाजी कर रहा है। अब ऐसा नहीं रहा कि 16वें ओवर तक कुछ धीमे रन बनाना और फिर तेजी से खेलना। हर कोई पहली गेंद से ही दे दनादन गेंद पर हमला बोल रहा है। यही कारण है कि अब 10, 11, 12 के रन रेट की उम्मीद की जा रही है। अंत में रन रेट में कोई बड़ा उछाल नहीं आ रहा है। 240 रन बनाने के लिए बस एक आक्रामक रणनीति अपनानी पड़ रही है।’

बेशक हमें अपनी गेंदबाजी में बहुत सुधार की जरूरत है: गायकवाड़
सीएसके कप्तान ने अपने घर में पंजाब किंग्स से भी अपनी टीम की हार पर कहा,‘ मेरा मानना है कि बड़ी बाउंड्री के मद्देनजर हमारी टीम ने अच्छा स्कोर बनाया।पिच तेज गेंदबाजों के लिए बेहतर थी और इस पर धीमी गेंद पर कुछ ठहर कर आ रही थी। जहां तक इम्पैक्ट प्लेयर की बात है तो तो हमने सोचा की तीन सीमर्स के साथ दो स्पिनरों से गेंदबाजी करना मददगार रहेगा। न तो हमारे सीमर्स चले और न ही हमारे स्पिनर और इसी के चलते हम मैच हार गए। अपनी गेंदबाजी की बात करुं तो कई बार हम अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी करते हें कई बार नहीं। हम पंजाब के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाए। मैच में एक समय ऐसा भी आया जब पंजाब को प्रति ओवर 11 रन बनाने की जरूरत और ऐसे में हमने कसी हुई गेंदबाजी की होती तो यह प्रति ओवर 12-13 रन भी जा सकती थी। हम बीच के ओवर में गेंद से लय ही नहीं पा सके। पंजाब किंग्स के हाथों भी हार हमारे लिए एक मुश्किल नतीजा रही। आयुष म्हात्रे ने हमारी टीम के लिए बेहतरीन पारी खेली। शिवम भी वाकई बढ़िया खेले।

बल्लेबाजी के लिहाज से ठीक रही हे और इससे हमें आत्मविश्वास मिला। बेशक हमें अपनी गेंदबाजी में बहुत सुधार की जरूरत है।