मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने माउंट आबू सहित तीन कस्बों के नाम बदलने की घोषणा की
गोपेन्द्र नाथ भट्ट
राजस्थान विधानसभा में वर्ष 2026–27 के बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो घंटे से अधिक समय के अपने मैराथन भाषण में राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी विधायकों को होली की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए होली पर आधारित एक कविता सुनाई और प्रतिपक्ष पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि हम गुलाल विकास का लाएं…
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के एक मात्र हिल स्टेशन माउंट आबू सहित तीन कस्बों के नाम बदलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जन भावनाओं को देखते हुए माउंट आबू का नाम आबू राज, जहाजपुर (भीलवाड़ा) का नाम यज्ञपुर और कामा का नाम कामवन रखा गया है। इसी प्रकार उन्होंने झालामंड – जोधपुर में श्रीयादे पैनारोमा तथा नागाणा – बालोतरा में नागणेचिया माता पैनारोमा बनाने की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री शर्मा ने विधानसभा में प्रस्तावित ऑडिटोरियम, सेन्ट्रल हॉल आदि के लिए 16 करोड़ रु तथा विधानसभा के अमृत महोत्सव के तीन करोड़ रू स्वीकृत करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा सदस्यों और अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए भी कई बजट घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री का जवाब केवल बजट का औपचारिक प्रत्युत्तर नहीं था, बल्कि सरकार की विकास दृष्टि और प्रशासनिक प्राथमिकताओं का राजनीतिक और नीतिगत दस्तावेज भी माना गया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि राज्य सरकार का यह बजट “विकसित राजस्थान” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं का नहीं बल्कि क्रियान्वयन का बजट है और अधिकांश योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री के बजट जवाब में रोजगार और युवाओं के भविष्य को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया तेज करने और विभागवार भर्ती कैलेंडर लागू करने की बात दोहराई। कौशल विकास कार्यक्रमों को विस्तार देने और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने “राइजिंग राजस्थान” पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा और उद्योगों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक राजस्थान को बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी दोहराया। आधारभूत ढांचे के विकास को मुख्यमंत्री ने बजट की प्रमुख दिशा बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी सड़कों का विस्तार किया जाएगा और शहरों में यातायात व्यवस्था सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पेयजल योजनाओं को तेजी से पूरा करने तथा बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं का विस्तार राज्य के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है। कृषि और किसान कल्याण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा ताकि किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके। किसानों को बिजली उपलब्ध कराने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है।
पर्यटन विकास को मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा और प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं को जारी रखा जाएगा। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वित्तीय प्रबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए हुए है और राजस्व स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास और वित्तीय संतुलन दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से मुख्यमंत्री का बजट जवाब सरकार के आत्मविश्वास को दर्शाने वाला रहा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बहस से बच रहा है और विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बजट चर्चा पर दिया गया जवाब विकास, निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे पर केंद्रित रहा। हालांकि बहुत बड़ी नई योजनाओं की घोषणा कम रही, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य जोर पहले से घोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा। विधानसभा में दिया गया यह जवाब सरकार की आगामी कार्ययोजना का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमारी जनकल्याणकारी नीतियों और बड़े आर्थिक सुधारों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारा दृष्टिकोण टकराव और विरोध का नहीं, समाधान और विकास का है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नवाचार, सुधार और सतत प्रयास से राजस्थान को विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में हम अग्रसर हैं। राजस्थान भी भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को तेज रफ्तार से विकास करना है तो हमे भविष्य की ओर देखकर ही चलना होगा।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमारे दो साल के अब तक के कार्यकाल में पक्के इरादों और ठोस नीतियों से राजस्थान में नई कार्य संस्कृति का उदय हुआ है। आधे समय में ही हमारी सरकार में काम ज्यादा हुए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय पहली बार बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये होने जा रही है। वर्ष 2023-24 की (1 लाख 67 हजार 27 रुपये) की तुलना में इसमें लगभग 21.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र सहित हर सेक्टर में प्रगति हो रही है। वर्ष 2026-27 का बजट 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है। वर्ष 2023-24 की तुलना में यह लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। जबकि मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार की परियोजनाओं पर कई काम जीरो रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राम जल सेतु लिंक परियोजना को हम धरातल पर ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र में यमुना का जल लाने के लिए डीपीआर का कार्य जल्द पूरा होने वाला है। पाइपलाइन के अलाइनमेंट का सर्वे और प्रस्तावित अलाइनमेंट का फील्ड वैरिफिकेशन किया जा चुका है। इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार से सहमति पत्र प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री भजन लाल ने कहा कि शेखावाटी अंचल में यमुना का पानी लाकर हम ही इस क्षेत्र के लोगों और खेतों की प्यास बुझाने का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ध्वनि मत से राजस्थान का वर्ष 2026- 27 का बजट पारित कराया।





