केन्द्र की मोदी और राजस्थान की भजन लाल सरकार के समन्वय से राजस्थान नया इतिहास लिखने की और अग्रसर

With the coordination of Modi government at the Centre and Bhajan Lal government in Rajasthan, Rajasthan is moving forward to write a new history

गोपेन्द्र नाथ भट्ट

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के सहयोग से राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार ने पिछले दो वर्षों में राज्य की जनता को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के तौहफे प्रदान किए है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही केन्द्रीय मंत्रियों ने भी प्रदेश की विकास परियोजनाओं को सिरे चढ़ा कर एक नए राजस्थान की नींव रखने का प्रयास किया है और केन्द्र की नरेन्द्र मोदी और राजस्थान की भजन लाल सरकार के समन्वय से राजस्थान नया इतिहास लिखने की और अग्रसर है।

पिछले दो वर्षों में राजस्थान विकास के एक नए दौर से गुजरा है। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार और राज्य की भजन लाल शर्मा सरकार के समन्वय से प्रदेश में ऐसी अनेक परियोजनाएँ शुरू हुईं, जिनका प्रभाव आने वाले दशकों तक दिखाई देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं कई बार राजस्थान आए और उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। ऊर्जा, जल, सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और औद्योगिक विकास आदि हर क्षेत्र में केन्द्र सरकार की सक्रिय भागीदारी ने राजस्थान को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ा है। ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांसवाड़ा जिले में प्रस्तावित माही–बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना के रूप में राज्य को सबसे बड़ी सौगात प्रदान की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुल लगभग 2800 मेगावाट क्षमता बेस्ली इस परियोजना का शिलान्यास किया है। यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे उत्तर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए जैसलमेर, बीकानेर, फलोदी, सीकर और जालोर जैसे क्षेत्रों में बड़े सोलर पार्क और ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और 765 केवी ट्रांसमिशन लाइनों से राजस्थान की बिजली देश के अन्य राज्यों तक भी पहुंचने लगी है।

राजस्थान जैसे जल की कमी वाले राज्य के लिए जल परियोजनाएँ एक जीवनरेखा के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली ईआरसीपी पुनर्संशोधित रामजल सेतु लिंक परियोजना को स्वीकृति प्रदान की और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाली योजना बताया है। मध्यप्रदेश और राजस्थान की नदियों को जोड़ने वाली इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही यमुना के जल को प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में लाने के लिए हरियाणा के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करना एक अहम और दूरगामी फैसला माना जा रहा है। साथ ही राज्य में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, चूरू, अजमेर और भीलवाड़ा जैसे जिलों में हजारों करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बढ़ी है। जल संसाधन और पेयजल से जुड़ी यह परियोजनाएँ जल संकटग्रस्त राजस्थान बीके लिए भागीरथी प्रयास माना जा रहा है।

राजस्थान में सड़क और राजमार्ग की कनेक्टिविटी की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में राजस्थान में सड़क और राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है। बीते दो वर्षों में कई राष्ट्रीय राजमार्गों,फ्लाईओवरों और बाइपास सड़कों का उद्घाटन किया गया। दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस राष्ट्रीय राज मार्ग के साथ जयपुर- बांदीकुई- कानोता हरित राजमार्ग के निर्माण ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से जयपुर की दूरी को कम किया है। साथ ही यात्रा के समय और उसे सुगम बनाने का काम भी किया गया है। राज्य के सीमावर्ती बाड़मेर के साथ ही अलवर, कोटा, अजमेर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में नई सड़क परियोजनाओं से औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को गति मिली है। ग्रामीण इलाकों में अटल प्रगति पथ और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का जाल बिछाया गया है, जिससे गांव सीधे और बेहतर ढंग से बाजार और शहरों से जुड़े है।

राजस्थान में पिछले दो वर्षों में रेलवे विकास और वंदे भारत रेल के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कार्य हुए है। रेलवे के क्षेत्र में राजस्थान को विशेष प्राथमिकता मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली से जयपुर,अजमेर,बीकानेर, जोधपुर और आगरा-उदयपुर मार्ग सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई है। इसके अलावा राज्य में कई रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। रेल लाइन विद्युतीकरण, दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के उद्घाटन और शिलान्यास से राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।स्वास्थ्य और शिक्षा ढाँचे का सशक्तिकरण करने से स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राजस्थान को कई सौगाते मिली है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। बांसवाड़ा और भरतपुर सहित कई जिलों में नए अस्पताल भवनों और स्वास्थ्य संस्थानों का उद्घाटन किया गया। इससे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होने लगी हैं। राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में भी डिजिटल लर्निंग, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की गई है, जिनका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा किया गया। राज्य की भजन लाल शर्मा सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास किए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने राज्य में निवेश का नया माहौल बनाया है। इस दौरान उद्योग, खनन, टेक्सटाइल, रिन्यूएबल एनर्जी और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जगी है।राजस्थान में ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम-कुसुम योजना, सोलराइजेशन ऑफ एग्रीकल्चर फीडर्स और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उद्घाटन किया गया है। इन परियोजनाओं से किसानों को सस्ती बिजली, सिंचाई सुविधा और अतिरिक्त आय के अवसर मिले हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कई अवसरों पर सरकारी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार की सौगात दी।

कुल मिलाकर, पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा राजस्थान में किए गए उद्घाटन और शिलान्यास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राज्य के भविष्य की मजबूत नींव हैं। ऊर्जा आत्मनिर्भरता, जल सुरक्षा, मजबूत कनेक्टिविटी, बेहतर स्वास्थ्य-शिक्षा और औद्योगिक विकास—इन सभी क्षेत्रों में केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान एक नए विकास पथ पर अग्रसर हुआ है। यह दौर आने वाले वर्षों में राजस्थान को आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के लिहाज से देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की क्षमता रखता है।फ

केन्द्र सरकार में राजस्थान के चार मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (जोधपुर), भूपेन्द्र यादव(अलवर), अर्जुन राम मेघवाल (बीकानेर) और भागीरथ चौधरी (अजमेर) है । अश्विनी वैष्णव भी हालांकि ओडिशा कोटे से सांसद है लेकिन वे राजस्थान मूल से पाली जोधपुर के बाशिंदे है । लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला भी राजस्थान के कोटा से सांसद है। इस तरह केन्द्र में राजस्थान का अच्छा प्रतिनिधित्व है। केन्द्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश में ऐसी अनेक परियोजनाएँ शुरू हुईं है, जिनका प्रभाव आने वाले दशकों तक दिखाई देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं कई बार राजस्थान आए है और उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया है। ऊर्जा, जल, सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और औद्योगिक विकास सहित हर क्षेत्र में केन्द्र सरकार की सक्रिय भागीदारी ने राजस्थान को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ा है।

ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करते हुए राजस्थान को पिछले दो वर्षों में सबसे बड़ी सौगात बांसवाड़ा जिले में प्रस्तावित माही–बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना के रूप में मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया है,जिसकी कुल क्षमता लगभग 2800 मेगावाट है। यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे उत्तर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए जैसलमेर, बीकानेर, फलोदी, सीकर और जालोर जैसे क्षेत्रों में बड़े सोलर पार्क और ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और 765 केवी ट्रांसमिशन लाइनों से राजस्थान की बिजली देश के अन्य राज्यों तक पहुंचने लगी है।

जल संसाधन और पेयजल परियोजनाएँ
राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्य के लिए जीवनरेखा के समान हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ईआरसीपी/रामजल सेतु लिंक परियोजना को लेकर कई कार्यक्रमों में आधारशिला रखी और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाली योजना बताया। इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, चूरू, अजमेर और भीलवाड़ा जैसे जिलों में हजारों करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बढ़ी है।
राजस्थान में सड़क और राजमार्ग कनेक्टिविटी की नई तस्वीर उभरी है।प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में राजस्थान में सड़क और राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है। बीते दो वर्षों में कई राष्ट्रीय राजमार्गों, फ्लाईओवरों और बाइपास सड़कों का उद्घाटन किया गया। बारमेर, अलवर, कोटा,अजमेर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में नई सड़क परियोजनाओं से औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को गति मिली है। ग्रामीण इलाकों में अटल प्रगति पथ और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का जाल बिछाया गया, जिससे गांव सीधे बाजार और शहरों से जुड़ सके।

रेलवे विकास और वंदे भारत का विस्तार
रेलवे के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से राजस्थान को विशेष प्राथमिकता मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने बीकानेर, जोधपुर और उदयपुर से दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा, कई रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया गया। रेल लाइन विद्युतीकरण, दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के शिलान्यास से राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

स्वास्थ्य और शिक्षा ढाँचे का सशक्तिकरण किए जाने के क्षेत्र में केन्द्र सरकार ने राजस्थान में मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया। बांसवाड़ा और भरतपुर सहित कई जिलों में नए अस्पताल भवनों और स्वास्थ्य संस्थानों का उद्घाटन किया गया। इससे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होने लगी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी डिजिटल लर्निंग, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की गई, जिनका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा किया गया।

औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने राज्य में निवेश का नया माहौल बनाया। इस दौरान उद्योग, खनन, टेक्सटाइल, रिन्यूएबल एनर्जी और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

ग्रामीण विकास और किसान कल्याण
ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम-कुसुम योजना, सोलराइजेशन ऑफ एग्रीकल्चर फीडर्स और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से किसानों को सस्ती बिजली, सिंचाई सुविधा और अतिरिक्त आय के अवसर मिले हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कई अवसरों पर सरकारी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार की सौगात दी।

निष्कर्ष
कुल मिलाकर, पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा राजस्थान में किए गए उद्घाटन और शिलान्यास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राज्य के भविष्य की मजबूत नींव हैं। ऊर्जा आत्मनिर्भरता, जल सुरक्षा, मजबूत कनेक्टिविटी, बेहतर स्वास्थ्य-शिक्षा और औद्योगिक विकास आदि इन सभी क्षेत्रों में केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान एक नए विकास पथ पर अग्रसर हुआ है। यह दौर आने वाले वर्षों में राजस्थान को आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के लिहाज से देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की क्षमता वाले प्रदेश में शुमार करेगा इसमें कोई सन्देह नहीं है।