
रविवार दिल्ली नेटवर्क
देहरादून : प्रत्येक वर्ष 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता संकट को तत्काल रुप से दूर करने के लिए वैश्विक जागरूकता को बढ़ाना है। इस वर्ष विश्व शौचालय दिवस की थीम ‘शौचालय- शांति के लिए एक स्थान’ है, जो इस बात पर जोर देती है कि संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और व्यवस्थागत उपेक्षाओं के कारण अरबों लोगों को स्वच्छता के लिए बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ता हैं यह दिवस घातक बीमारियों के प्रसार को रोककर सार्वजनिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बनाए रखने में उचित शौचालय सुविधाओं की अहम भूमिका को दर्शाता है।
विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर जिला विकास अधिकारी, चंपावत दिनेश सिंह दिगारी ने खेल महाकुंभ कार्यक्रम के दौरान गोरल चौड़ मैदान में उपस्थित खिलाड़ियों, कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।
इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर महात्मा गांधी जी ने एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना की थी, महात्मा गांधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़ कर भारत को आजाद कराया, अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके देश की सेवा करें।
उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों अधिकारियों/कर्मचारियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति स्वयं सजग रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करें, हर वर्ष 100 घंटे यानी हर सप्ताह 2 घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करें, ना स्वयं गंदगी करें और ना किसी को करने दें।
उन्होंने कहा हम सभी का नैतिक कर्तव्य है कि गांव-गांव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करें।
जिला विकास अधिकारी द्वारा विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण के अंतर्गत विकास खंड चंपावत के ग्राम पंचायत ढकना बडोला, पुनेठी, हरम तथा विकास खंड पाटी के ग्राम पंचायत तिमलागूठ व चौड़ाकोट आदि के ग्राम प्रधानो को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण करवाने एवं लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने में सहयोग प्रदान करने हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान प्र. जिला युवा कल्याण अधिकारी यशवंत खड़ायत, प्र. जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट, प्रशिक्षक कर्मचारी व प्रतिभागी खिलाड़ी सहित अन्य उपस्थित रहे।