इंडियास्किल्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद, पिडिलाइट संस्थान में प्रशिक्षित दो उम्मीदवार अब वैश्विक मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे
रविवार दिल्ली नेटवर्क
मुंबई : भारत की प्रमुख अधेसिव, सीलेंट और कंस्ट्रक्शन केमिकल विनिर्माता, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड को शंघाई में होने वाले वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन 2026 में दो उम्मीदवारों – प्रकाश सुथार और पंकज जांगड़ा – का समर्थन करने पर गर्व है। पिडिलाइट वुडवर्किंग एंड प्लंबिंग सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल्स (पीडब्ल्यूपी) में प्रशिक्षण पाने वाले ये दोनों उम्मीदवार, इंडियास्किल्स 2026 राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अब वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं।
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, श्री सुधांशु वत्स ने इस उपलब्धि पर अपनी टिप्पणी में कहा, “भारत के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के लिए न केवल बड़े पैमाने और बुनियादी ढांचे की ज़रूरत है, बल्कि तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम कुशल कार्यबल की भी आवश्यकता है। पिडिलाइट का माननाहै कि कौशल परितंत्र को मज़बूत करने और प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ने के अवसर पैदा करने में उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इंडियास्किल्स 2026 में हमारे पीडब्ल्यूपी प्रशिक्षित उम्मीदवारों की उपलब्धियां और वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में वैश्विक मंच तक उनके पहुंचने से स्पष्ट है हम उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षण क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमें इन युवा पेशेवरों का समर्थन करने पर गर्व है, जो दुनिया के सामने भारत की कुशल कारीगरी का प्रदर्शन करेंगे।”
ये उम्मीदवार अब अपने कौशल का प्रदर्शन वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में करेंगे, जो 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतिस्पर्धा है। इसका आयोजन चीन के शंघाई शहर में 22 से 27 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस समारोह में 70 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,400 से ज़्यादा युवा कुशल पेशेवर के शामिल होने की उम्मीद है, जो 64 कौशल श्रेणी में मुकाबला करेंगे।
अहमदाबाद की कौशल्य – द स्किल यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी में स्थापित पिडिलाइट वुडवर्किंग एंड प्लंबिंग सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल्स (पीडब्ल्यूपी) में वुडवर्किंग और प्लंबिंग में उच्च श्रेणी के प्रायोगिक प्रशिक्षण के ज़रिए पारंपरिक कारीगरी और उद्योग की बदलती ज़रूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर ध्यान दिया जाता है।
पिडिलाइट के कौशल विकास में निरंतर निवेश से भविष्य की ज़रूरतों के लिए तैयार और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यबल के निर्माण के प्रति इसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता रेखांकित होती है। कंपनी पीडब्ल्यूपी जैसी पहलों के ज़रिए, वुडवर्किंग और प्लंबिंग के क्षेत्र में क्षमता विस्तार, पेशेवर उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और कुशल प्रतिभाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भाग लेने के ज़्यादा अवसर तैयार करना चाहती है।
पिडिलाइट, प्रायोगिक प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों और प्रतियोगिताओं के अनुभव के साथ जोड़कर भारत में कुशल कारीगरी को आगे बढ़ाना चाहती है, साथ ही कुशल प्रतिभा के लिहाज़ से देश को वैश्विक स्तर का प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने की आकांक्षा में योगदान देना चाहती है।





