भारत का महिला टी 20 एशिया कप क्रिकेट फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ पलड़ा भारी

India holds the upper hand against Sri Lanka in the Women's T20 Asia Cup cricket final

स्मृति व शैफाली की सलामी जोड़ी के दम पर भारत खिताब जीतने के संकल्प से उतरेगा

सत्येन्द्र पाल सिंह

नई दिल्ली : सदाबहार अनुभवी स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा की रंग में चल रही अपनी सलामी जोड़ी के दम पर अजेय भारत दुबई में श्रीलंका की स्पिन से एसीसी महिला टी 20 एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के रविवार को खेले जाने वाले फाइनल में पार पाकर खिताब जीतने के संकल्प के साथ उतरेगा। बेशक दोनों टीमों की ताकत उसकी स्पिन गेंदबाजी है लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पास मौजूदा संस्करण में शतक जड़ने वाली इकलौती ओपनर स्मृति और खतरों से खेलने वाली दो अर्द्धशतक जड़ने वाली उनकी जोड़ीदार शैफाली वर्मा के साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष के रूप में जवाबी हमला बोलने वाली बैटर उसका श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में पलड़ा भारी बनाती हैं। बेशक भारत की सलामी जोड़ी खासतौर पर उसका शीर्षक्रम इस टूर्नामेंट में कमोबेश बराबर चला और मध्यक्रम के रंग में न होने के बावजूद उसने फाइनल तक का अपना सफर बहुत दमदार ढंग से चला है।

भारत की स्मृति मंधाना ने टी 20 एशिया कप में सबसे ज्यादा 633 रन और श्रीलंका की कप्तान चामरी अट्टापट्टू ने 628 रन बनाए हैं। भारत की उपकप्तान अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर हैं।

भारत का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड भी उसे फाइनल में जीत का प्रबल दावेदार बनाता है। भारत ने श्रीलंका से अपने पिछले दस टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में नौ जीते हैं। भारत ने दिसंबर, 2025 में घर में पांच टी 20 सीरीज में उसका सूपड़ा सा कर दिया था। दिलचस्प बात यह है कि श्रीलंका ने भारत के खिलाफ इनमें से इकलौती जीत अपने घर में 2024 में दाम्बुला में एशिया कप के फाइनल में जीत के लिए 166 रन के लक्ष्य को मात्र दो विकेट खोकर हासिल की थी। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम इसीलिए श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में किसी तरह की भी ढील से बेशक बचना चाहेगी। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसने अपने पिछले पांचों टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच जीते है जो कि उसे फाइनल में श्रीलंका के लिए बहुत विश्वास देंगे।

भारत के लिए अच्छी बात है कि ओपनर शैफाली वर्मा ने चार मैचों में दो अर्द्धशतकों सहित मौजूदा संस्करण में 168 रन बनाए है और सबसे अहम बात यह है कि उन्होंने ये रन बहुत तेज रफ्तार से बराए है। शैफाली से ऐसे में भारत फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ भी एक और तेज पारी की आस कर सकता है। अब तक मौजूदा संस्करण में दो बार ही 150 रन बने और दोनों बार भारत ने ही ये रन बनाए हैं। पिच स्पिन और धीमे गेंदबाजों की मुफीद रही है और बड़े और आक्रामक स्ट्रोक खेलना बड़ी चुनौती साबित हुआ है। साथ ही गर्मी और उमस में बल्लेबाजी करना खासा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। अब तक 14 मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम नौ बार जीती है। भारत की बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी ने मौजूदा संस्करण में चार मैचों में सबसे ज्यादा 24 विकेट चटकाए हैं। श्रीलंका के लिए बल्ले से केवल यूएई के खिलाफ केवल एक 30 रन से उपर की पारी खेलने वाली उसकी कप्तान चामरी अट्टापट्टू गेंद से दमदार प्रदर्शन कर भारत की ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा के साथ संयुक्त रूप से 11-11 विकेट चटका इस सस्करण की दूसरी सबसे कामयाब गेंदबाज हैं। भारत मौजूदा संस्करण में एक ही एकादश के साथ खेला है और फाइनल में भी एकादश में बिना किसी बदलाव के साथ उतरने की उम्मीद है। वहीं श्रीलंका ने अपनी 17 में से 14 खिलाड़ियों को आजमाया है।

श्रीलंका की बल्लेबाजी बांग्लादेश और इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में बुरी तरह लड़खड़ाई ही कमजोर इंडोनेशिया तक के खिलाफ उसकी आधी टीम 50 रन से पहले ही आउट होकर पैवेलियन लौट गई थी। श्रीलंका की बैटर्स को दुबई की धीमी पिच रास नहीं आई है।

श्रीलंका ने बांग्लादेश के खिलाफ पांच विकेट 44 रन और पााकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में चार विकेट 33 रन पर खो दिए थे लेकिन दोनों में ही हर्षिता समरविक्रमे ने मैच के मिजाज के मुताबिक बहुत धैर्य से बल्लेबाजी कर उसे संकट से उबारा। श्रीलंका की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि उसकी बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी चामरी अट्टापट्टू चार पारियों में मात्र 63 और इमीषा दुलानी का मात्र 64 रन उसके लिए चिंता का सबब है। भारत की गेंदबाजों खासतौर पर उसकी बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी, लेग स्पिनर प्रेमा रावत, अनुभवी ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा और शैफाली वर्मा की स्पिन चौकड़ी के साथ दोनों नवोदित तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा और क्रांति गौड़ रंग में हैं। नंदिनी और क्रांति जहां अपनी रफ्तार और स्पिन से श्रीलंका की पारी शुरू में ही बिखेरने का दम रखती हैं । वहीं खासतौर पर बीच के ओवर में श्रीचारिणी और दीप्ति शर्मा बराबर विकेट चटकाने के साथ रनों पर लगाम लगाना जानती है और खासतौर पर हर्षिता समरविक्रमे, कविषा दिलहारी और नीलाक्षिता सिल्वा को सस्ते में आउट कर श्रीलंका को बड़ा स्कोर खड़ा करने और उसका पीछा करने से रोकने में सक्षम दिखाई देती हैं।
रविवार :फाइनल (दुबई): भारत वि श्रीलंका (रात आठ बजे से, भारतीय समयानुसार)।