“मौना मागची कथा” का विमोचन हुआ

"Mauna Magchi Katha" released

रविवार दिल्ली नेटवर्क

इंदौर : मराठी भाषा रक्षण समिति के तत्वावधान में देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय के सभागृह में साहित्यकार डॉ. योगेंद्र नाथ शुक्ल के मूल हिंदी लघुकथा संग्रह चुप्पी के नेपथ्य में के मराठी अनुवाद “मौना मागची कथा” का लोकार्पण संपन्न हुआ। इस कृति का अनुवाद डॉ. अनिल गजभिये ने किया है। डॉ. शुक्ल की लघुकथाओं का यह 14वां अनूदित संग्रह है। समारोह की अध्यक्षता समाजसेविका शोभा पैठणकर ने की। कार्यक्रम में अनुवादक डॉ. अनिल गजभिये, समीक्षक यशवंत गोरे (भोपाल) और प्रो. ज्ञानेश्वर तिखे ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि व पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन सहित विभिन्न भाषाओं के साहित्यकार उपस्थित थे। इनमें कवि, व्यंग्यकार व समीक्षक संजय एम तराणेकर, डॉ मनीष दवे, आशिकभाई देवासवाला, दीपक गिरकर , सुरेश रायकवार, सुरेखा भारती, हदीस अंसारी व प्रदीप नवीन मुख्य रुप से उपस्थित रहें। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का परिचय दीपक शिरालकर ने दिया। कार्यक्रम की अध्यक्ष समाजसेविका सुश्री शोभा पैठणकर थी। कृति के अनुवादक मराठी के विद्वान डॉ. अनिल गजभिए का स्वागत संजय एम तराणेकर ने शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम का संचालन विवेक भावसार ने किया, जबकि प्रस्तावना और आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के संयोजक अनिल कुमार धड़वईवाले ने व्यक्त किया। यह जानकारी लेखक हरिहर सिंह चौहान ने दी।