वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा, इसका सम्मान राष्ट्र का सम्मान : डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल

'Vande Mataram' is the soul of the freedom struggle; honoring it is honoring the nation: Dr. Radha Mohan Das Agrawal

प्रमोद शर्मा

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र में राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में हुई चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और करोड़ों देशवासियों की राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्रोत है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि देश के असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह राष्ट्रगीत भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना, आत्मगौरव और देशभक्ति की भावना जगाने का सशक्त माध्यम रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने का साहस और संकल्प प्रदान किया। इसलिए इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के गौरव, राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान डॉ. अग्रवाल ने नई पीढ़ी से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश की एकता, अखंडता एवं सम्मान को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।