मनोज पाण्डेय
प्रयागराज / संगमनगरी शहर में मुख्यमंत्री जहां एक ओर अपराध से अर्जित भूमाफिया की जमीन पर जरूरतमंदों को आशियाना उपलब्लब्ध कराने हेतु कसारी मसारी भूमिपूजन कार्यक्रम एवं मसूरियादीन पासी के मूर्ति के अनावरण हेतु शहर में थे वही उनके आगमन से पूर्व शहर के सलोरी में जमीन को लेकर कुछ अधिवक्ता एक दूसरे की जान लेने में लगे थे जिसमें सफल भी हुए और इस लेनदेन में सतीश चंद्र श्रीवास्तव की हत्या भी हुई जिसका अभियोग अपर शासकीय अधिवक्ता एवं भाजपा नेता देवेन्द्रनाथ मिश्र सहित परिवार पर लगा हालांकि इस झगड़े में देवेंद्र मिश्र भी गंभीर रूप से घायल देखे गए जिसको लेकर कुछ गिरफ्तारियां भी हुई जो जांच के बाद सच सामने आएगा लेकिन सोचना यह है कि हमारा जमीर कितना मरता जा रहा है कि हम हम के लिए एक दूसरे की जान लेने में शान समझने लगे है जिससे हत्या सामान्य सी घटना लगने लगी है अब रही अधिवक्ताओं की बात आज कल कुछ वर्षों से जैसे पहले अपराधी और माफिया बनने का चलन शुरू हुआ था ठीक वैसे ही शहर और समाज में अधिवक्ता बनने का भी चलन जोरों पर है जिसका कारण संगठित होकर अपराध करना होता जारहा है इस हत्या का कारण भी इसी कड़ी से मिलती जुलती है इस घटना को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि दोनों परिवार मुहल्ले के होने के साथ एक दूसरे के दोस्त भी थे लेकिन जमीन के लालच ने दोस्ती की भी हत्या की





