रविवार दिल्ली नेटवर्क
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद-एआईसीटीई, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, गवर्मेंट ऑफ इंडिया ने जारी की वार्षिक स्टार रेटिंग
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद- एआईसीटीई, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन इन्नोवेशन सेल-एमआईसी की ओर से शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए जारी इंस्टीट्यूट्शन इन्नोवेशन काउंसिल- आईआईसी 7.0 के वार्षिक प्रदर्शन और स्टार रेटिंग में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए हाईएस्ट चार स्टार रेटिंग हासिल की है। एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह और सदस्य सचिव श्यामा रथ की ओर से घोषित यह रेटिंग यूनिवर्सिटी में स्टुडेंट्स और फैकल्टीज़ के बीच नवाचार, रचनात्मकता, बौद्धिक संपदा- आईपीआर और उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है। अक्टूबर 2018 में स्थापित आईआईसी-टीएमयू के माध्यम से स्टुडेंट्स और शोधार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग, डिजाइन थिंकिंग, आइडिया डवलपमेंट, प्रोटोटाइप डवलपमेंट और आईपीआर की समझ विकसित की जा रही है। एआईसीटीई की युक्ति और एपीएफ जैसी पहलों के जरिए नए विचारों को केवल अवधारणा स्तर तक सीमित न रखकर उनके परीक्षण, विकास और व्यावसायिक उपयोग की दिशा में सहायता प्रदान की जाती है। टीएमयू का इन्नोवेशन इकोसिस्टम स्टुडेंट्स को आइडिया से प्रोटोटाइप और प्रोटोटाइप से स्टार्टअप तक का मंच उपलब्ध करा रहा है।
प्रतिष्ठित 4-स्टार रेटिंग मिलने पर टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने कहा, स्टुडेंट्स में नए विचार विकसित करने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता का विकास करना उच्च शिक्षा का मूल ध्येय है, जिसे यह उपलब्धि दर्शाती है। ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन ने कहा, यह 4-स्टार रेटिंग यूनिवर्सिटी में नवाचार को बढ़ावा देने के ठोस प्रयासों का परिणाम है। स्टुडेंट्स को उपयोगी समाधान विकसित करने के निरंतर अवसर मिलते रहेंगे। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने कहा, नवाचार को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर उसे वास्तविक समाधानों और स्टार्टअप्स से जोड़ना अनिवार्य है। वाइस चांसलर प्रो. वीके जैन ने कहा, यह रेटिंग टीएमयू के मजबूत होते इन्नोवेशन इकोसिस्टम को दर्शाती है, जिससे शोध और उद्यमिता को नई ऊर्जा मिलेगी। डीन एकेडमिक्स एवम् आईआईसी प्रेसिडेंट प्रो. मंजुला जैन ने कहा, यह उपलब्धि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हमारा प्रयास नवाचार और उद्यमिता गतिविधियों को और गति देना है। आईआईसी-टीएमयू के समन्वयक श्री प्रदीप कुमार वर्मा ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन, फैकल्टी मेंटर्स, इन्नोवेशन एंबेसडर्स और स्टुडेंट्स का आभार जताते हुए कहा, यह सफलता पूरी टीम के निरंतर प्रयासों से संभव हुई है। अब प्राथमिकता नवाचार, आईपीआर और स्टार्टअप गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल करना है।





