दीपक कुमार त्यागी
अपने प्रेरणादायक व्यक्तव्य से लाखों के प्रेरणा श्रोत बने हैं परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह यादव
गाजियाबाद : ब्रह्माकुमारीज़ राजयोग केंद्र, पार्श्वनाथ पैराडाइज, मोहन नगर, गाजियाबाद में परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव के आगमन पर विशेष प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान अपने टाइगर हिल पर कठिनतम परिस्थिति में दुश्मनों को भगाकर विजय पाने के अनुभव साझा करते हुए देश की रक्षा के लिए भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणादायी गाथा सुनाई।
कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव ने कारगिल युद्ध के चुनौतीपूर्ण क्षणों का स्मरण करते हुए बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, कर्तव्यनिष्ठा, परमात्मा पर विश्वास और देश के प्रति समर्पण से विजय का मार्ग प्रशस्त होता है। उनके अनुभवों ने उपस्थित लोगों में राष्ट्र के प्रति सम्मान, देशभक्ति और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता की भावना को और सुदृढ़ किया।
इस अवसर पर भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र त्यागी, ऋषि त्यागी तथा ब्रह्माकुमारीज़ के अन्य प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। केन्द्र संचालिका बी के लवली दीदी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। सैनिकों का साहस हमें बाहरी चुनौतियों का सामना करना सिखाता है, वहीं राजयोग ध्यान मन को शांत, एकाग्र और शक्तिशाली बनाकर जीवन की आंतरिक चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने राजयोग ध्यान, सकारात्मक चिंतन, आत्मबल और मानसिक शांति के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उपस्थित लोगों ने कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव के अनुभवों को उत्साहपूर्वक सुना तथा उनके अदम्य साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व सेनाधिकारी कर्नल बिष्ट ने परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह को का धन्यवाद करते हुए उनके अदम्य साहस, समर्पण, राष्ट्रप्रेम को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। इस अवसर पर संतोष मेडिकल कॉलेज की डॉ सुषमा, श्री जगन्नाथ अस्पताल से डॉ नवीन तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संदेश राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, आत्मबल और दृढ़ संकल्प से प्रत्येक चुनौती का सामना करने की प्रेरणा से भरपूर था। देश के वीर सैनिकों का जीवन हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्व भारतीय वायुसेना अधिकारी रमेश पंत ने किया।





