रविवार दिल्ली नेटवर्क
देहरादून : टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड अपने विभिन्न परियोजना स्थलों और कार्यालयों में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ 2026 पखवाड़ा मना रहा है। इसका उद्देश्य स्वच्छता, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, पर्यावरण चेतना और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना है।
टीएचडीसीआईएल के प्रबंध निदेशक श्री सिपन कुमार गर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास है, जिसके लिए निरंतर जागरूकता, जिम्मेदार प्रथाओं और संस्थानों तथा समुदायों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ जैसी पहल स्वच्छता और स्वच्छता के मूल्यों को सार्थक कार्यों में बदलने और जिम्मेदार व्यवहार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के निरंतर प्रयास स्वस्थ समुदायों के निर्माण और सतत विकास के व्यापक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं।
जारी अभियान के तहत टीएचडीसीआईएल के विभिन्न स्थलों पर कर्मचारियों, छात्रों और स्थानीय समुदायों की उत्साही भागीदारी के साथ जागरूकता, सहभागिता और स्वच्छता गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। 22 सितंबर 2026 को विभिन्न परियोजना स्थलों पर ऐसी ही कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के नयासर गांव स्थित शासकीय कंपोजिट स्कूल में स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर जागरूकता और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक चित्रकला (पेंटिंग) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 80 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और उत्साह के साथ अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
एनसीआर कार्यालय, कौशांबी में नियमित और संविदा कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता पर एक समर्पित सत्र आयोजित किया गया। इसमें लगभग 20–25 प्रतिभागियों ने भाग लिया और कार्यस्थल व दैनिक जीवन में व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ प्रथाओं को बनाए रखने पर चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया।
टिहरी में, टिहरी बांध परियोजना इंटर कॉलेज के छात्रों के लिए चित्रकला (ड्राइंग) प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि नरेंद्र महिला विद्यालय, भागीरथीपुरम के छात्रों के लिए एक वाद-विवाद (डिबेट) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन गतिविधियों में लगभग 100 छात्रों ने भाग लिया, जिससे उन्हें स्वच्छता से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मकता, विचारों और जागरूकता को व्यक्त करने का अवसर मिला।
अभियान के हिस्से के रूप में ऋषिकेश में जानकी सेतु और आस्था पथ के साथ-साथ वीपीएचईपी, पीपलकोटी सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान भी चलाए गए। इन स्वच्छता अभियानों में टीएचडीसीआईएल के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिनका मुख्य ध्यान सार्वजनिक स्थानों पर सफाई बनाए रखने के साथ-साथ जिम्मेदार कचरा निपटान और आसपास के वातावरण को साफ रखने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने पर था।
एसएचएस 2026 के तहत आयोजित ये गतिविधियां स्वच्छता, स्वास्थ्य और जागरूकता की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों, कर्मचारियों और समुदायों को एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक टिकाऊ वातावरण बनाने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने के टीएचडीसीआईएल के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।





