चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे देने की कला है तो वह है भाजपा के सुनील बंसल

If there's a knack for delivering surprising results in elections, it's BJP's Sunil Bansal

अरविंद चतुर्वेदी

मेहनत,विनम्रता ,प्रतिद्दन्धी पार्टी को चौंकाने की कला यही सुनील बंसल की पहचान है ।मुझे आज भी याद है ….16…मई 2014 …शुक्रवार का वह दिन जब पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी नरेन्द्र भाई दामोदर दास मोदी .. उनके सेनापति अमित भाई शाह के नेतृत्व में एक के बाद एक सीटों पर विजय पताका फहरा रही थी ।देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाला उत्तर प्रदेश भी उससे अछूता नहीं था ।यहाँ पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने 73 सीटों पर बढ़त बना रखा थी ……पर इन सबके बाद भी भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के 8/10 के एक छोटे से कमरे में एक व्यक्ति ढेर सारे काग़ज़ों का पुलिन्दा लिए मानों आपने से ही बात कर रहा हो कि आख़िर 7 सीटें हम कैसे हार रहे है ।यहाँ पर तो हमारे वोटों का प्रतिशत ज़्यादा होना चाहिए पर वो कम कैसे हो रहा है …। तभी एक टेलीफोन की घंटी से उस व्यक्ति का ध्यान भंग हो जाता है …टेलीफोन रिसीव
करने पर एक भारी भरकम आवाज़ सुनाई देती है …ये आवाज़ नरेन्द्र भाई के सेनापति अमित भाई शाह की होती है ….जिसमें वे कह रहे होते है कि सुनील तुमने कर दिखाया ।तुम्हें और तुम्हारी पूरी टीम को मेरी तरफ़ से ढेरों बधाई …अब कमरे से बाहर निकलों लोग तुम्हारा इंतज़ार कर रहे है ।

कहते है ना आप नेतृत्व को थोप नहीं सकते है और ना ही इसे ख़रीदा जा सकता है …यह नैर्सगिक होता है …इसे अर्जित किया जाता है ।महान नेतृत्व क्षमता वाले ही बड़े काम करते है ।उनमें अपने लोगों को संगठित करने और प्रेरित करने की क्षमता होती है यह नैर्सगिक होती है और ऐसे लोग ही महान नेता बनते है ।

सत्ता की चमक दमक और आडम्बर से चारों ओर से घिरे होने के बाद भी सुनील बंसल को काम करने वाले लोगों की पहचान है ।यही विशेषता उनको हमेशा अजेय बना कर रखने में सबसे बड़ी भूमिका का निर्वहन
करती है ।यहाँ पर अटल बिहारी बाजपेयी की कही ये बात बहुत प्रासंगिक है…

अटल जी ने कहा था कि जब दीनदयाल उपाध्याय को जनसंघ का अध्यक्ष बनाया गया था तो उन्होंने ने गुरू गोलवलकर को कहा था …आपने मुझे किस झमेले में डाल दिया ।इस पर गुरू गोलवलकर ने कहा “जो संगठन के कार्य में निष्ठा और श्रध्दा रखते है वही कीचड़ में रहते हुए उससे अश्पृश्य रह कर उसकी सफ़ाई करते है ।

नागरिक अधिकारों के हिमायती अमेरिकी नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने एक बार कहा था ,”इनसान की निर्णायक कसौटी वहाँ नहीं है जहां वह सहूलियत के लम्हे में डटा रहता है बल्की वहाँ है जहां वह चुनौती और गहमागहमी के वक़्त डटा रहता है “पं बंगाल में भी सुनील बंसल ने चकाचौंध से दूर रहकर ज़मीन पर काम किया इस चुनाव में इसका परिणाम यह हुआ कि पूरे बंगाल में भाजपा के हर बूथ पर कार्यकर्ता टीएमसी से लड़ने के लिए तैयार थे ।पीएम नरेन्द्र भाई दामोदर दास मोदी और बीजेपी के चाणक्य अमित शाह के नेतृत्व में सुनील बंसल ने वह कर दिखाया जो असंभव था ।सच कहूँ तो सुनील बंसल कुछ ऐसे ही है।