रविवार दिल्ली नेटवर्क
कोलकाता: भारत और रूस के बीच सामरिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से कोलकाता में SAMPARK – भारत-रूस द्विपक्षीय कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसे पूर्वी भारत में भारत-रूस संबंधों पर केंद्रित पहला उच्चस्तरीय द्विपक्षीय कॉन्क्लेव बताया जा रहा है।
कोलकाता स्थित रणनीतिक थिंक टैंक P3 (पीपल. पॉलिसी. पॉलिटी.) द्वारा आयोजित एकदिवसीय, आमंत्रण-आधारित कॉन्क्लेव 31 अगस्त को बंगाल कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसमें भारत और रूस के नीति-निर्माताओं, राजनयिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच यह कॉन्क्लेव भारत-रूस संबंधों में पूर्वी भारत की भूमिका को रेखांकित करेगा। आयोजन का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूर्वी कॉरिडोर को व्यापार, संपर्क, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
कॉन्क्लेव में संस्कृति, सामरिक व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा और उभरते तकनीकी एवं सामरिक क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होगी। व्यापार, निवेश, एमएसएमई, वस्त्र, कृषि, विनिर्माण, सतत ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘कॉरिडोर ऑफ एक्सीलेंस’ होगा, जिसमें भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों और दीर्घकालिक मित्रता को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि SAMPARK केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच नए व्यावहारिक सहयोग और स्थायी साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





