राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा “पर्यावरण एवं जलवायु गतिशीलता का भविष्य” पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

International Conference on "The Future of Environmental and Climate Dynamics" Organized by the National Green Tribunal

रविवार दिल्ली नेटवर्क

नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा “पर्यावरण एवं जलवायु गतिशीलता का भविष्य ” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 19 एवं 20 सितम्बर 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य आज विश्व के समक्ष उपस्थित गंभीर पर्यावरणीय एवं जलवायु संबंधी चुनौतियों पर व्यापक संवाद, विचार-विमर्श तथा श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए एक प्रतिष्ठित वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है।

सम्मेलन का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, माननीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, भारत के अटॉर्नी जनरल माननीय श्री आर. वेंकटरमणी तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति श्री प्रकाश श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

इस सम्मेलन का उद्देश्य सार्थक संवाद को बढ़ावा देना तथा नीतियों के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मौजूद खामियों की पहचान करना है। साथ ही, यह पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने, सफल कार्यप्रणालियों को साझा करने तथा संस्थानों और विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने पर बल देगा। यह सम्मेलन वर्तमान समय की पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए एक अंतर्विषयक एवं अंतर-क्षेत्राधिकार मंच प्रदान करेगा तथा एक सतत भविष्य के निर्माण हेतु दूरदर्शी कार्य-योजना तैयार करने में सहायक होगा।

दो दिवसीय सम्मेलन में विश्वभर से न्यायाधीश, पर्यावरण विशेषज्ञ, भारत के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, जिला न्यायालयों के न्यायाधीश, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राज्य न्यायिक अकादमियों के प्रतिनिधि, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (एस.ई.ए.सी.), राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एस.ई.आई.ए.ए.), राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एस.ए.एल.एस.ए.) तथा अन्य हितधारक भाग लेंगे, जो इसके व्यापक बहु-विषयक स्वरूप को दर्शाता है।

सम्मेलन में चार तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें महत्वपूर्ण एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।

20 सितंबर 2026 को समापन सत्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा। यह सत्र माननीय केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री एवं विद्युत् मंत्री, श्री मनोहर लाल, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति श्री पी. एस. नरसिम्हा, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति श्री प्रकाश श्रीवास्तव तथा भारत के सॉलिसिटर जनरल माननीय श्री तुषार मेहता की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा।

समापन सत्र में भारत की माननीय राष्ट्रपति की सहभागिता सम्मेलन को विशेष गरिमा प्रदान करेगी तथा पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और पर्यावरणीय न्याय के प्रति देश की सर्वोच्च संस्थागत प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर्यावरणीय न्यायशास्त्र को सुदृढ़ करने, संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विकास और न्याय के परस्पर संबंधों की व्यापक समझ को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सम्मेलन का उद्देश्य भौगोलिक एवं संस्थागत सीमाओं से परे संवाद को बढ़ावा देते हुए एक सुदृढ़, न्यायसंगत, समावेशी एवं सतत भविष्य के निर्माण में सार्थक योगदान देना है।